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दुर्गा पूजा 2026: पूर्वोत्तर के 8 राज्यों में षष्ठी से विजया दशमी तक शुष्क मौसम का अनुमान — IMD

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दुर्गा पूजा 2026: पूर्वोत्तर के 8 राज्यों में षष्ठी से विजया दशमी तक शुष्क मौसम का अनुमान — IMD

सारांश

दुर्गा पूजा के उत्साह में डूबे पूर्वोत्तर भारत के लिए IMD की खुशखबरी — षष्ठी से विजया दशमी तक आठों राज्यों में शुष्क मौसम का अनुमान। 15 अक्टूबर को मानसून की विदाई के बाद अब धीरे-धीरे ठंड दस्तक देगी।

मुख्य बातें

IMD के अनुसार पूर्वोत्तर के 8 राज्यों में षष्ठी से विजया दशमी (21 अक्टूबर) तक मौसम शुष्क और बारिश रहित रहने की संभावना है।
अगले पाँच दिन अधिकतम तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री सेल्सियस अधिक; न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास।
दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 अक्टूबर 2026 को पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों से वापस लौट गया — पिछले वर्ष यह वापसी 14 अक्टूबर 2025 को हुई थी।
मानसून सीजन ( जून-सितंबर 2026 ) में पूर्वोत्तर में औसत वर्षा में 26 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
मानसून 7 जून को पूर्वोत्तर में प्रवेश किया, सामान्य तारीख से दो दिन विलंब से; 10 जून तक पूरे क्षेत्र में फैल गया।
नवंबर के उत्तरार्ध में शीत ऋतु का असर शुरू होने की संभावना, तब तक तापमान में क्रमिक गिरावट का अनुमान।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 अक्टूबर 2026 को जानकारी दी कि पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्यों — असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा — में षष्ठी (बोधन) से लेकर विजया दशमी (21 अक्टूबर) तक दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान मौसम शुष्क और बारिश रहित रहने की प्रबल संभावना है। IMD के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह पूर्वानुमान करोड़ों श्रद्धालुओं और उत्सव-प्रेमियों के लिए बड़ी राहत की खबर है।

तापमान और मौसम का पूर्वानुमान

IMD के अनुसार अगले पाँच दिनों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में अधिकतम तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान इसी अवधि में सामान्य के आसपास बने रहने का अनुमान है। हालाँकि अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।

उत्सव पर असर

पाँच दिवसीय दुर्गा पूजा उत्सव शुक्रवार, 17 अक्टूबर से विधिवत रूप से आरंभ हो चुका है। गुवाहाटी, अगरतला समेत पूर्वोत्तर के तमाम शहरों में रंगारंग सजावट और भव्य पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मौसम के शुष्क रहने के अनुमान से पंडालों में आने वाले दर्शकों और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले लोगों को खासी राहत मिलेगी, क्योंकि बारिश अक्सर इस क्षेत्र के उत्सवों में व्यवधान डालती रही है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी

IMD के अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 अक्टूबर 2026 तक पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों से पूरी तरह वापस लौट चुका है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष 2025 में मानसून 14 अक्टूबर को इस क्षेत्र से विदा हुआ था — यानी इस बार वापसी एक दिन विलंबित रही।

इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून 7 जून को पूर्वोत्तर क्षेत्र के बड़े हिस्से में प्रवेश कर गया था, जो इसकी सामान्य शुरुआत की तारीख से दो दिन बाद था। 10 जून तक मानसून ने पूरे पूर्वोत्तर को अपनी चपेट में ले लिया था, जिससे चार माह की वर्षा ऋतु का आरंभ हुआ।

मानसून सीजन में वर्षा की कमी

IMD के आँकड़ों के अनुसार, जून से सितंबर तक चलने वाली मानसून अवधि के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में औसत वर्षा में 26 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। यह कमी तब आई जबकि मानसून ने समय पर पूरे क्षेत्र को कवर किया था — जो दर्शाता है कि कवरेज की समयसीमा और वास्तविक वर्षा की मात्रा के बीच हमेशा सीधा संबंध नहीं होता।

आगे क्या

IMD के अनुसार नवंबर के उत्तरार्ध में शीत ऋतु का असर महसूस होने लगेगा। तब तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की उम्मीद है। मानसून की विदाई के साथ ही पूर्वोत्तर क्षेत्र अब सर्दियों की ओर क्रमिक बदलाव की दहलीज पर खड़ा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मानसून सीजन में 26 प्रतिशत की वर्षा कमी एक गहरी चिंता का विषय है जो उत्सव की रौनक में दब जाती है। यह कमी कृषि, जल संसाधन और आजीविका पर दीर्घकालिक असर डाल सकती है, जिसकी चर्चा मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर नहीं होती। IMD के पूर्वानुमान भरोसेमंद हैं, लेकिन 'एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश' की चेतावनी को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए — प्रशासन और पंडाल आयोजकों को वैकल्पिक व्यवस्थाएँ बनाए रखनी चाहिए।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा पूजा 2026 के दौरान पूर्वोत्तर में मौसम कैसा रहेगा?
IMD के अनुसार षष्ठी (बोधन) से विजया दशमी (21 अक्टूबर 2026) तक पूर्वोत्तर के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क और बारिश रहित रहने की संभावना है। हालाँकि एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी कब हुई?
दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 अक्टूबर 2026 को पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों से पूरी तरह वापस लौट गया। पिछले वर्ष 2025 में यह वापसी 14 अक्टूबर को हुई थी।
इस वर्ष पूर्वोत्तर में मानसून सीजन में कितनी वर्षा की कमी रही?
IMD के आँकड़ों के अनुसार जून से सितंबर 2026 की मानसून अवधि में पूर्वोत्तर क्षेत्र में औसत वर्षा में 26 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। यह कमी तब भी हुई जबकि मानसून ने 10 जून तक पूरे क्षेत्र को समय पर कवर किया था।
पूर्वोत्तर में सर्दी कब से शुरू होगी?
IMD के अनुसार नवंबर के उत्तरार्ध में शीत ऋतु का प्रभाव महसूस होने की संभावना है। तब तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आती रहेगी।
दुर्गा पूजा के दौरान पूर्वोत्तर में तापमान कितना रहेगा?
IMD के अनुसार उत्सव के दौरान अगले पाँच दिनों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान इस अवधि में सामान्य के आसपास बने रहने का अनुमान है।
राष्ट्र प्रेस
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