राजस्थान में दोहरा सड़क हादसा: अजमेर में ट्रेलर से दो युवकों की मौत, नागौर में पिता-पुत्र की जान गई
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान में 5 नवंबर 2026 को दो अलग-अलग जिलों में हुए सड़क हादसों में कुल चार लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। अजमेर जिले के सरवर-केकड़ी मार्ग पर सूरजपुरा गाँव के निकट एक तेज़ रफ़्तार ट्रेलर ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिसमें दो युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इसी दिन नागौर जिले के मकराना क्षेत्र में एक ट्रैक्टर-मोटरसाइकिल की भिड़ंत में एक पिता और उनके छह वर्षीय पुत्र की जान चली गई।
अजमेर हादसे का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, सरवर निवासी तीन युवक सुबह मोटरसाइकिल पर केकड़ी की ओर जा रहे थे। सूरजपुरा गाँव के पास सामने से आ रहे एक तेज़ रफ़्तार ट्रेलर ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। तीनों युवक सड़क पर जा गिरे और उनमें से दो ट्रेलर के नीचे आ गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों युवक करीब 15 से 20 मिनट तक ट्रेलर के नीचे दबे रहे।
मृतकों की पहचान सरवर निवासी फारूक अंसारी और मुस्तकीम अंसारी के रूप में हुई है। मुस्तकीम अंसारी एक सरकारी स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। घायल युवक की पहचान सरवर के ही रहने वाले नसरुद्दीन पठान के रूप में हुई है, जो पैरा टीचर हैं। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद आगे के इलाज के लिए अजमेर रेफर किया गया।
पुलिस की कार्रवाई और जाँच
हादसे की सूचना मिलते ही सरवर थाने के एसएचओ रामपाल शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने बचाव कार्य की निगरानी की और घायल युवक के लिए तत्काल चिकित्सा सहायता का प्रबंध करवाया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे के समय ट्रेलर चालक शराब के नशे में था। पुलिस ने इस आरोप सहित घटना के सभी पहलुओं की जाँच शुरू कर दी है।
नागौर में पिता-पुत्र की मौत
नागौर जिले के मकराना क्षेत्र के बरवाला गाँव में हुए एक अन्य दर्दनाक हादसे में ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। इस हादसे में 25 वर्षीय चैनाराम और उनके छह वर्षीय पुत्र कार्तिक की जान चली गई। दोनों को मकराना उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि राजस्थान में सड़क हादसों की संख्या लगातार चिंताजनक बनी हुई है। तेज़ रफ़्तार भारी वाहन और राजमार्गों पर दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा का सवाल एक बार फिर सामने आया है। यह ऐसे समय में हुआ है जब यातायात सुरक्षा को लेकर सरकारी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत अभी भी बदलती नहीं दिख रही। दोनों हादसों में मृतकों के परिवार गहरे शोक में हैं और पीड़ित परिवारों को सहायता की दरकार है।
क्या होगा आगे
पुलिस दोनों मामलों में ट्रेलर और ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया में है। अजमेर में कथित तौर पर नशे में गाड़ी चलाने के आरोप की जाँच विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगी। घायल नसरुद्दीन पठान का अजमेर में उपचार जारी है और उनकी स्थिति की निगरानी की जा रही है।