मिलाप जावेरी ने गुरु संजय गुप्ता को भावुक श्रद्धांजलि दी, बोले— 'आपकी मंजूरी आज भी मायने रखती है'
सारांश
मुख्य बातें
लेखक-निर्देशक मिलाप जावेरी ने दिवंगत फिल्म निर्माता संजय गुप्ता को याद करते हुए एक गहरी भावनात्मक श्रद्धांजलि साझा की। 5 नवंबर 2026 को इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई इस भावपूर्ण पोस्ट में जावेरी ने गुप्ता को अपना 'गुरुजी' कहा और बताया कि उनकी स्वीकृति उनके लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं थी। संजय गुप्ता का निधन 30 अक्टूबर 2026 की रात मुंबई के वर्सोवा स्थित उनके आवास पर हुआ था।
मिलाप जावेरी की भावुक पोस्ट
मिलाप जावेरी ने संजय गुप्ता के साथ अपनी एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए लिखा — 'मेरे गुरुजी। आप एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे, जिनके सामने स्क्रिप्ट सुनाते समय मैं घबरा जाता था। क्योंकि मैं चाहता था कि गुरुजी मेरे लिखे हर डायलॉग को पसंद करें। उनकी मंजूरी मेरे लिए बहुत मायने रखती थी और जब भी हम मिलते थे, चाहे कोई भी मौका क्यों न हो — मैं उन्हें अपनी पंचलाइन से चौंका देता था।'
जावेरी ने पोस्ट में आगे लिखा — 'यह तस्वीर भी ऐसा ही एक मौका रहा होगा और उनकी हंसी दिखाती है कि मैंने कुछ सही किया है।' इस पोस्ट में उन्होंने अभिनेता संजय दत्त और संजय गुप्ता की पत्नी अनुराधा लेखी गुप्ता को भी टैग किया।
संजय गुप्ता का दुखद निधन
प्रसिद्ध बॉलीवुड फिल्म निर्माता और निर्देशक संजय गुप्ता का निधन 30 अक्टूबर 2026 की रात मुंबई के वर्सोवा स्थित उनके घर पर हुआ। मुंबई पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह रात के समय अपने घर की किचन या बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे।
गिरने के कारण उनके सिर पर गंभीर चोट आई और अत्यधिक रक्तस्राव (हेमरेज) के चलते उनकी मृत्यु हो गई। घटना के समय घर में उनकी पत्नी, दो बच्चे और घरेलू सहायक मौजूद थे, लेकिन रात होने के कारण सभी सो रहे थे। अगली सुबह परिवार के सदस्यों ने उन्हें अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जाँच और परिवार का बयान
वर्सोवा पुलिस स्टेशन ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है। परिवार की ओर से किसी भी प्रकार की शंका या शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, जिससे यह मामला एक दुखद दुर्घटना के रूप में सामने आया है।
बॉलीवुड में शोक की लहर
यह ऐसे समय में आया है जब फिल्म उद्योग ने संजय गुप्ता को उनकी यादगार फिल्मों और मजबूत कहानियों के लिए बहुत सम्मान दिया था। गौरतलब है कि उनके साथ काम कर चुके कई कलाकारों और लेखकों ने सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं। मिलाप जावेरी की यह पोस्ट उनके साथ उस गहरे गुरु-शिष्य संबंध को उजागर करती है, जो सार्वजनिक मंच पर कम ही देखने को मिलता है।
संजय गुप्ता की विरासत उन तमाम फिल्मकारों और लेखकों के ज़रिए जीवित रहेगी, जिन्हें उन्होंने प्रेरित किया — और मिलाप जावेरी की यह भावुक श्रद्धांजलि इसका सबसे सच्चा प्रमाण है।