संजय गुप्ता की प्रेयर मीट में भावुक हुए मिलाप जावेरी, बोले — 'वह मेरे पिता जैसे थे'
सारांश
मुख्य बातें
फिल्ममेकर मिलाप जावेरी दिवंगत फिल्ममेकर संजय गुप्ता की मुंबई में आयोजित प्रेयर मीट में आंखों में आंसू लिए अपने मेंटर को श्रद्धांजलि देते नजर आए। उन्होंने संजय गुप्ता को अपने पिता जैसा बताते हुए कहा कि उन्होंने महज 21 साल की उम्र में उन्हें अपना पहला बड़ा मौका दिया था। 59 वर्षीय संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया था।
प्रेयर मीट का माहौल
प्रेयर मीट में अभिनेता रोहित रॉय मेज़बान की भूमिका में नजर आए। फिल्म इंडस्ट्री के तमाम दिग्गज संजय गुप्ता की ज़िंदगी, उनकी विरासत और उनकी दयालुता को याद करते रहे। संजय गुप्ता की पत्नी अनुराधा लेखी गुप्ता और उनके बच्चे पहली पंक्ति में बैठे, आंखों में आंसू रोकने की कोशिश करते रहे।
मिलाप जावेरी की भावुक श्रद्धांजलि
मिलाप जावेरी ने प्रेयर मीट में बोलते हुए संजय गुप्ता के साथ अपने गहरे रिश्ते को याद किया। उन्होंने बताया कि किस तरह फिल्ममेकर ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें 'कांटे' फिल्म लिखने का मौका दिया था, जबकि वे महज 21 साल के थे। उनकी आवाज़ कई बार भर आई और आंखें नम हो गईं।
सोशल मीडिया पर भावभीना नोट
मिलाप जावेरी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर प्रेयर मीट का वीडियो साझा करते हुए एक भावुक संदेश लिखा। उन्होंने लिखा, 'जो किसी के आगे नहीं झुकता था, जो मोहब्बत देने से नहीं रुकता था, वह संजय गुप्ता था।' अनुराधा लेखी गुप्ता का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने आगे लिखा, 'संजय गुप्ता को इन लाइनों के साथ एक छोटी-सी श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिए अनुराधा लेखी गुप्ता, आपका शुक्रिया। 25 साल तक आप मुझसे कहती रहीं कि मैं उनके लिए फीकी और घिसी-पिटी लाइनें लिखता हूं। ये आखिरी बार था, लेकिन वे एक बादशाह हैं, जो हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे।'
संजय गुप्ता के निधन की परिस्थितियाँ
गौरतलब है कि 59 वर्षीय संजय गुप्ता का निधन 30 अक्टूबर 2026 को हुआ था। पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार, फिल्ममेकर कथित तौर पर अपने घर के किचन में संतुलन खो बैठे और उनके सिर पर गंभीर चोट लग गई। उस समय परिवार के सदस्य सो रहे थे, इसलिए घटना का पता अगली सुबह चला। उन्हें तत्काल कूपर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।
फिल्मी दुनिया को अपूरणीय क्षति
संजय गुप्ता ने 'कांटे', 'मुसाफिर', 'शूटआउट एट लोखंडवाला' जैसी यादगार फिल्में देकर हिंदी सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ी। मिलाप जावेरी जैसे युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका को फिल्म इंडस्ट्री में हमेशा याद किया जाएगा। उनके जाने से हिंदी सिनेमा ने एक ऐसा फिल्ममेकर खोया है जो बिना किसी भेदभाव के प्रतिभा को पहचानता था।