ऋतिक रोशन ने संजय गुप्ता को दी भावभीनी श्रद्धांजलि: 'एक फिल्म काफी नहीं थी'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता ऋतिक रोशन ने शनिवार, 1 नवंबर को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक भावुक पोस्ट साझा कर फिल्म 'काबिल' के निर्देशक संजय गुप्ता के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। ऋतिक ने लिखा कि निर्देशक के साथ सिर्फ एक फिल्म बना पाना उनके लिए पर्याप्त नहीं था और वे उनके साथ बिताए हर पल को हमेशा प्यार से याद रखेंगे।
ऋतिक की भावुक विदाई
ऋतिक रोशन ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'संजय, मैं आपको बहुत याद करूंगा। आपके साथ एक फिल्म करना काफी नहीं था, मैं आपके साथ बिताए समय को हमेशा बहुत प्यार से याद रखूंगा। आपकी हंसी, आपका जुनून, आपके अंदर का वो बच्चा जो किसी अच्छे विचार के आते ही खिल उठता था। हमें अभी और भी बहुत कुछ साथ मिलकर करना था, यह बहुत जल्दी हो गया।'
उन्होंने आगे लिखा, 'मेरे दोस्त, मैं आपको बहुत कृतज्ञता के साथ याद रखूंगा। काश मैंने आपको और जोर से गले लगाया होता और 'काबिल' के जरिए मुझे मेरी जिंदगी का सबसे बेहतरीन अनुभव देने के लिए आपका शुक्रिया अदा किया होता। कोई कभी पूरी तरह नहीं जान पाएगा कि आपने उस फिल्म को अपना कितना कुछ दिया। मेरा दिल टूट गया है, यह बहुत जल्दी हो गया। परिवार को हिम्मत मिले। भगवान आपकी आत्मा को शांति दे, मेरे दोस्त।'
निधन की परिस्थितियाँ
रिपोर्टों के अनुसार, शुक्रवार रात संजय गुप्ता गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। उस समय उनके परिवार के सदस्य सो रहे थे और शनिवार सुबह उन्हें इस गंभीर हालत में पाया गया। उनके आकस्मिक निधन की खबर ने बॉलीवुड जगत को गहरे शोक में डुबो दिया है।
'काबिल' की विरासत
फिल्म 'काबिल' राकेश रोशन के बैनर 'फिल्मक्राफ्ट प्रोडक्शंस' तले बनी थी। इसमें ऋतिक रोशन और यामी गौतम मुख्य भूमिकाओं में थे, जबकि रोनित रॉय और रोहित रॉय ने भी महत्वपूर्ण किरदार निभाए थे। फिल्म का संगीत राजेश रोशन ने तैयार किया था।
फिल्म की कहानी रोहन भटनागर (ऋतिक रोशन) की है, जो दृष्टिबाधित हैं और अपनी दृष्टिबाधित पत्नी सुप्रिया (यामी गौतम) से बेहद प्यार करते हैं। जब सुप्रिया एक भयावह अपराध का शिकार होती हैं और उनकी मौत हो जाती है, तो रोहन न्याय पाने के लिए एक असाधारण संघर्ष में उतर पड़ते हैं।
बॉलीवुड का शोक
गौरतलब है कि संजय गुप्ता हिंदी सिनेमा में एक विशिष्ट पहचान रखते थे। उनका निधन ऐसे समय में हुआ है जब उनके करियर में और भी बड़े प्रोजेक्ट की उम्मीदें जताई जा रही थीं। ऋतिक की यह श्रद्धांजलि उस अधूरी रचनात्मक यात्रा की याद दिलाती है जो दोनों के बीच और आगे जा सकती थी।