5 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सेंसेक्स 2,008 अंक उछला, छठे दिन भी तेजी; BSE मार्केटकैप ₹501 लाख करोड़ के पार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सेंसेक्स 2,008 अंक उछला, छठे दिन भी तेजी; BSE मार्केटकैप ₹501 लाख करोड़ के पार

सारांश

भारतीय शेयर बाजार में लगातार छठे दिन तूफानी तेजी — सेंसेक्स 2,008 अंक उछला, BSE का कुल मार्केटकैप ₹501 लाख करोड़ पर। आठ दिनों में निवेशकों की ₹28 लाख करोड़ की संपत्ति बढ़ी। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव परिणाम, कच्चे तेल में नरमी और डॉलर की कमज़ोरी — तीन वैश्विक कारकों ने मिलकर यह रैली खड़ी की।

मुख्य बातें

सेंसेक्स गुरुवार को 2,008.61 अंक (2.60%) चढ़कर 79,310.01 पर बंद हुआ।
निफ्टी 50 इंडेक्स 576 अंक (2.40%) की बढ़त के साथ 24,536.60 पर बंद हुआ।
BSE का कुल मार्केटकैप ₹501 लाख करोड़ पर पहुँचा — 28 अक्टूबर के ₹473 लाख करोड़ से ₹28 लाख करोड़ अधिक।
सबसे ज़्यादा बढ़ने वाले सेक्टर: निफ्टी ऑटो (4.14%) , निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (3.99%) और निफ्टी रियल्टी (3.52%) ।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव नतीजे, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी डॉलर में नरमी तेजी के प्रमुख कारण रहे।
भारती एयरटेल , पावर ग्रिड , ITC , BEL और NTPC गिरावट के साथ बंद हुए।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को 2,008.61 अंक (2.60 प्रतिशत) की जोरदार बढ़त के साथ 79,310.01 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स 576 अंक (2.40 प्रतिशत) चढ़कर 24,536.60 पर बंद हुआ। यह लगातार छठा कारोबारी सत्र है जब भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ — एक लंबी और व्यापक रैली जिसने निवेशकों की दौलत में उल्लेखनीय इजाफा किया है।

मार्केटकैप में ऐतिहासिक उछाल

लगातार छह सत्रों की तेजी के चलते BSE पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण (मार्केटकैप) करीब ₹28 लाख करोड़ बढ़कर ₹501 लाख करोड़ पर पहुँच गया। गौरतलब है कि 28 अक्टूबर को यह आँकड़ा ₹473 लाख करोड़ था। महज आठ कारोबारी दिनों में इतने बड़े पैमाने पर संपत्ति का निर्माण बाजार में लौटे भरोसे का स्पष्ट संकेत है।

व्यापक आधार पर रही तेजी

बाजार में तेजी किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं रही — यह व्यापक आधार पर थी। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 106.05 अंक (0.56 प्रतिशत) चढ़कर 19,132.45 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,115.40 अंक (1.87 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 60,620.90 पर बंद हुआ।

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑटो (4.14 प्रतिशत) सबसे आगे रहा, उसके बाद निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (3.99 प्रतिशत) और निफ्टी रियल्टी (3.52 प्रतिशत) का स्थान रहा। निफ्टी प्राइवेट बैंक (3.44 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (3.13 प्रतिशत), निफ्टी आईटी (2.42 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (2.32 प्रतिशत), निफ्टी सर्विसेज (2.16 प्रतिशत), निफ्टी कंज़म्पशन (1.94 प्रतिशत) और निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग (1.29 प्रतिशत) भी उल्लेखनीय बढ़त के साथ बंद हुए।

गेनर्स और लूजर्स

प्रमुख गेनर्स में बजाज फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, इन्फोसिस, HDFC बैंक, SBI, सन फार्मा, L&T, TCS, टेक महिंद्रा, HCL टेक, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, टाटा स्टील, HUL और ट्रेंट शामिल रहे। दूसरी तरफ, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, ITC, BEL और NTPC गिरावट के साथ बंद हुए।

सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी इंडिया डिफेंस (1.69 प्रतिशत), निफ्टी मीडिया (0.84 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (0.52 प्रतिशत) और निफ्टी पीएसई (0.02 प्रतिशत) नुकसान के साथ बंद हुए।

तेजी की वजह: अमेरिकी चुनाव और वैश्विक संकेत

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों ने भारतीय बाजार को नई गति दी है। बाजार में यह उम्मीद बनी है कि वाशिंगटन का नीतिगत रुख अब अपेक्षाकृत संयमित हो सकता है, जिससे ईरान विवाद और टैरिफ नीतियों से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव कम होने की संभावना है।

इसके साथ ही, ऊर्जा आपूर्ति में बाधा का खतरा घटने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर में कमज़ोरी ने भी भारत के महंगाई अनुमान और चालू खाते के घाटे पर दबाव को कम किया है — जो विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय इक्विटी को अधिक आकर्षक बनाता है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजार अभी भी भू-राजनीतिक अनिश्चितता से जूझ रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ सत्रों में बाजार की दिशा काफी हद तक अमेरिकी नीतिगत संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के प्रवाह पर निर्भर करेगी। यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक बने रहे, तो सेंसेक्स के लिए 80,000 का स्तर अगला मनोवैज्ञानिक प्रतिरोध बिंदु होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी नींव मुख्यतः बाहरी कारकों पर टिकी है — अमेरिकी चुनाव, डॉलर और तेल। घरेलू आय वृद्धि या मैक्रो सुधार से नहीं। ₹28 लाख करोड़ की 'संपत्ति' का अधिकांश हिस्सा उन्हीं निवेशकों तक पहुँचता है जो पहले से बाजार में हैं — आम बचत खाताधारक इससे सीधे लाभान्वित नहीं होते। असली सवाल यह है कि क्या यह रैली तब भी टिकी रहेगी जब वैश्विक संकेत फिर से अनिश्चित हों — और तब घरेलू बुनियाद ही एकमात्र सहारा होगी।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 नवंबर 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी किस स्तर पर बंद हुए?
5 नवंबर 2026 को सेंसेक्स 2,008.61 अंक (2.60%) की तेजी के साथ 79,310.01 पर और निफ्टी 50 इंडेक्स 576 अंक (2.40%) चढ़कर 24,536.60 पर बंद हुआ। यह लगातार छठा कारोबारी सत्र था जब बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ।
BSE का मार्केटकैप कितना बढ़ा और अब कितना है?
BSE पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप छह दिनों की तेजी के बाद लगभग ₹28 लाख करोड़ बढ़कर ₹501 लाख करोड़ पर पहुँच गया है। 28 अक्टूबर को यह ₹473 लाख करोड़ था।
भारतीय शेयर बाजार में इस तेजी की मुख्य वजह क्या है?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों ने भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद जगाई है। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड व डॉलर में नरमी ने भी भारतीय बाजार को सहारा दिया है।
आज के सत्र में कौन से सेक्टर सबसे ज़्यादा बढ़े और कौन से गिरे?
निफ्टी ऑटो (4.14%), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (3.99%) और निफ्टी रियल्टी (3.52%) सबसे ज़्यादा बढ़े। दूसरी तरफ, निफ्टी इंडिया डिफेंस (1.69%), निफ्टी मीडिया (0.84%), निफ्टी एनर्जी (0.52%) और निफ्टी पीएसई (0.02%) गिरावट के साथ बंद हुए।
आगे बाजार की दिशा कैसी रह सकती है?
विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ सत्रों में बाजार की दिशा अमेरिकी नीतिगत संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के प्रवाह पर निर्भर करेगी। सकारात्मक वैश्विक संकेत बने रहने पर सेंसेक्स के लिए 80,000 का स्तर अगला प्रमुख प्रतिरोध बिंदु माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले