सेंसेक्स 254 अंक उछला, लगातार पाँचवें दिन तेजी; हेल्थकेयर-रियल्टी सेक्टर अगुवा
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स गुरुवार, 18 जून को 254.36 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,409.98 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 82.30 अंक या 0.34 प्रतिशत चढ़कर 24,168.00 पर बंद हुआ। भारतीय शेयर बाजार के लिए यह लगातार पाँचवें कारोबारी सत्र की तेजी रही, जो बाजार की अंतर्निहित मजबूती का संकेत देती है।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी मजबूती
लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप खंड में भी खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 255.90 अंक या 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,379.25 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 82.40 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,705.60 पर बंद हुआ। व्यापक बाजार में इस समानांतर तेजी ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया।
सेक्टर प्रदर्शन: हेल्थकेयर और रियल्टी आगे, आईटी-मेटल पिछड़े
सत्र में निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी रियल्टी सूचकांक शीर्ष लाभ में रहे। निफ्टी पीएसई, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी फार्मा, निफ्टी मीडिया, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी सर्विसेज भी हरे निशान में बंद हुए। दूसरी ओर, निफ्टी आईटी, निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑयल एंड गैस सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों का हाल
सेंसेक्स पैक में इंडिगो, ट्रेंट, BEL, NTPC, SBI, HDFC बैंक, पावर ग्रिड, HUL, अदाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, ICICI बैंक, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा, M&M और ITC बढ़त में रहे। वहीं, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, मारुति सुजुकी, TCS, L&T, HCL टेक, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन और भारती एयरटेल गिरावट के साथ बंद हुए।
बाजार विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार ने सत्र में एक सीमित दायरे में सकारात्मक रुख के साथ कारोबार किया। अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर शुरुआती उत्साह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त बयानों से कुछ कम हो गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है, जिससे केंद्रीय बैंक वर्ष के उत्तरार्ध में ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं और निवेशक सतर्क रुख अपना सकते हैं।
हालाँकि, विश्लेषकों ने यह भी कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और भारतीय बॉन्ड यील्ड में नरमी से वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में महंगाई से जुड़ी चिंताएँ कम हो सकती हैं। फिलहाल बाजार शांति समझौते पर और अधिक स्पष्टता का इंतजार कर रहा है।