26 अक्टूबर 2026
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सेंसेक्स 482 अंक उछला, निफ्टी 22,675 पर बंद; चार सत्रों की गिरावट के बाद बाजार की दमदार वापसी

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सेंसेक्स 482 अंक उछला, निफ्टी 22,675 पर बंद; चार सत्रों की गिरावट के बाद बाजार की दमदार वापसी

सारांश

चार सत्रों की गिरावट के बाद भारतीय बाजार ने सोमवार को जोरदार पलटवार किया — सेंसेक्स 482 अंक उछला और BSE मार्केटकैप में ₹5 लाख करोड़ जुड़े। मेटल, हेल्थकेयर और फार्मा ने नेतृत्व किया, लेकिन वैश्विक केंद्रीय बैंकों के फैसलों का इंतजार तेजी पर ब्रेक बनाए रहा।

मुख्य बातें

सेंसेक्स सोमवार, 26 अक्टूबर को 482.92 अंक (0.66%) बढ़कर 73,606.75 पर बंद हुआ।
निफ्टी 153.20 अंक (0.68%) की बढ़त के साथ 22,675 पर बंद हुआ — चार सत्रों की गिरावट के बाद पहली रिकवरी।
BSE मार्केटकैप करीब ₹5 लाख करोड़ बढ़कर ₹456 लाख करोड़ पर पहुँचा।
निफ्टी मेटल (2.21%) , हेल्थकेयर (1.77%) और फार्मा (1.76%) शीर्ष लाभार्थी रहे।
बजाज फाइनेंस , एचडीएफसी बैंक और मारुति सुजुकी नुकसान में रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार, Fed , ECB और बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसलों को लेकर सतर्कता से तेजी सीमित रही।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स सोमवार, 26 अक्टूबर को 482.92 अंक (0.66 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 73,606.75 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 153.20 अंक (0.68 प्रतिशत) की मजबूती के साथ 22,675 पर आ गया। लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद यह रिकवरी निवेशकों के लिए राहत की खबर है।

मार्केटकैप में उछाल

इस व्यापक तेजी का असर बाजार पूंजीकरण पर भी साफ दिखा। BSE पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का संयुक्त मार्केटकैप करीब ₹5 लाख करोड़ बढ़कर ₹456 लाख करोड़ पर पहुँच गया, जो पिछले शुक्रवार को लगभग ₹451 लाख करोड़ था। यह एकल सत्र में बाजार की सबसे बड़ी पुनर्प्राप्तियों में से एक रही।

व्यापक आधार पर मजबूती

तेजी केवल प्रमुख सूचकांकों तक सीमित नहीं रही — मिड और स्मॉल कैप में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 245.55 अंक (1.38 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 17,985 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 664.75 अंक (1.19 प्रतिशत) की मजबूती के साथ 56,465.40 पर बंद हुआ।

सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी मेटल (2.21 प्रतिशत), निफ्टी हेल्थकेयर (1.77 प्रतिशत) और निफ्टी फार्मा (1.76 प्रतिशत) शीर्ष लाभार्थी रहे। निफ्टी कमोडिटीज (1.60 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (1.46 प्रतिशत), निफ्टी ऑयल एंड गैस (1.35 प्रतिशत), निफ्टी इन्फ्रा (1.25 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (1.18 प्रतिशत), निफ्टी पीएसई (1.12 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग (1.03 प्रतिशत) और निफ्टी आईटी (0.87 प्रतिशत) भी मजबूती के साथ बंद हुए। केवल निफ्टी मीडिया (0.34 प्रतिशत) और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (0.21 प्रतिशत) में मामूली गिरावट देखी गई।

प्रमुख शेयरों का हाल

सेंसेक्स पैक में अदाणी पोर्ट्स, इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, इंडिगो, आईटीसी, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, बीईएल, इन्फोसिस, एक्सिस बैंक, एलएंडटी, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एसबीआई और एमएंडएम प्रमुख लाभार्थी रहे।

वहीं, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक और पावर ग्रिड नुकसान में रहे। एचयूएल और सन फार्मा लगभग सपाट बंद हुए।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आज के सत्र में रिकवरी में वैल्यू बाइंग के साथ-साथ मेटल, बिजली और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों की मजबूती का अहम योगदान रहा। हालाँकि, कच्चे तेल की ऊँची कीमतों, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व (Fed), यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) एवं बैंक ऑफ जापान के आगामी नीतिगत फैसलों से पहले बरती जा रही सतर्कता ने तेजी को सीमित रखा।

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि पिछले सप्ताह की तेज गिरावट के बाद मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी आंशिक सुधार आया, लेकिन निवेशक चुनिंदा बने रहे और उन्होंने मुनाफे की स्पष्टता तथा बेहतर वैल्यूएशन को प्राथमिकता दी। प्रारंभिक तिमाही नतीजों से संकेत मिलता है कि बिजली उत्पादन, धातु और रिफाइनिंग क्षेत्रों में कमोडिटी-आधारित मुनाफा बढ़ेगा, परंतु उच्च ऊर्जा लागत और ब्याज दरों के कारण आने वाली तिमाहियों में समग्र वृद्धि दर पर दबाव बने रहने का अनुमान है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसले नज़दीक हैं और भारतीय कंपनियों के तिमाही नतीजों का दौर जारी है। गौरतलब है कि निवेशक अब आगामी मैक्रो डेटा और कॉर्पोरेट अर्निंग्स की दिशा पर नज़र बनाए हुए हैं, जो बाजार की अगली चाल तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संरचनात्मक नहीं। मेटल और फार्मा की अगुवाई दर्शाती है कि यह तेजी ब्रॉड-बेस्ड आर्थिक आशावाद नहीं, बल्कि चुनिंदा वैल्यू बाइंग है। गौरतलब है कि निवेशक एक साथ तीन बड़े केंद्रीय बैंकों — Fed, ECB और बैंक ऑफ जापान — के फैसलों का इंतजार कर रहे हैं, जो किसी भी रैली को जल्द पलट सकते हैं। तिमाही नतीजों के शुरुआती संकेत मिले-जुले हैं — कमोडिटी क्षेत्र मजबूत, लेकिन उच्च ऊर्जा लागत और ब्याज दरें आगामी तिमाहियों में मार्जिन पर दबाव बनाए रख सकती हैं।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज सेंसेक्स और निफ्टी कितना बढ़े?
सोमवार, 26 अक्टूबर को सेंसेक्स 482.92 अंक (0.66%) बढ़कर 73,606.75 और निफ्टी 153.20 अंक (0.68%) की मजबूती के साथ 22,675 पर बंद हुआ। यह लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद पहली बड़ी रिकवरी थी।
BSE मार्केटकैप में आज कितना इजाफा हुआ?
BSE पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का संयुक्त मार्केटकैप करीब ₹5 लाख करोड़ बढ़कर ₹456 लाख करोड़ पर पहुँच गया, जो पिछले शुक्रवार को लगभग ₹451 लाख करोड़ था।
आज कौन-से सेक्टर सबसे ज्यादा बढ़े?
निफ्टी मेटल (2.21%), निफ्टी हेल्थकेयर (1.77%) और निफ्टी फार्मा (1.76%) शीर्ष लाभार्थी रहे। इनके अलावा निफ्टी एनर्जी, कमोडिटीज, ऑयल एंड गैस, इन्फ्रा और डिफेंस भी मजबूती के साथ बंद हुए।
बाजार में तेजी के बावजूद कौन-से शेयर लुढ़के?
बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक और पावर ग्रिड नुकसान में रहे। निफ्टी मीडिया और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक भी मामूली गिरावट के साथ बंद हुए।
बाजार की इस रिकवरी पर विशेषज्ञों की क्या राय है?
विशेषज्ञों के अनुसार, वैल्यू बाइंग और मेटल, बिजली व स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों की मजबूती ने रिकवरी को गति दी। हालाँकि, कच्चे तेल की ऊँची कीमतें, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और Fed, ECB व बैंक ऑफ जापान के आगामी नीतिगत फैसलों को लेकर सतर्कता ने तेजी को संतुलित रखा।
राष्ट्र प्रेस
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