सेंसेक्स 125 अंक लुढ़का, निफ्टी 22,600 पर बंद; लगातार चौथे दिन बाज़ार में गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ 125.56 अंक (0.17 प्रतिशत) की कमज़ोरी के साथ 73,123.83 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 87.65 अंक (0.39 प्रतिशत) टूटकर 22,600.00 पर आ गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का दबाव कहीं अधिक तीखा रहा, जिसने बाज़ार की व्यापक कमज़ोरी को उजागर किया।
मिडकैप और स्मॉलकैप पर भारी दबाव
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,263.30 अंक (2.21 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 55,800.65 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स इससे भी अधिक 536.45 अंक (2.94 प्रतिशत) टूटकर 17,739.45 पर आ गया। यह ऐसे समय में आया है जब वैल्यूएशन से जुड़ी चिंताएँ और लीवरेज्ड पोज़ीशन की अनवाइंडिंग इन खंडों पर अतिरिक्त भार डाल रही है।
सबसे अधिक दबाव में रहे सेक्टर
करीब सभी सेक्टोरल सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी मेटल (2.71 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (2.63 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (2.60 प्रतिशत) और निफ्टी रियल्टी (2.38 प्रतिशत) सर्वाधिक नुकसान में रहे। निफ्टी पीएसयू बैंक (2.26 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (1.66 प्रतिशत), निफ्टी पीएसई (1.64 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग (1.57 प्रतिशत), निफ्टी कमोडिटीज (1.41 प्रतिशत), निफ्टी मीडिया (1.33 प्रतिशत) और निफ्टी फार्मा (1.04 प्रतिशत) भी दबाव में रहे।
गेनर्स और लूज़र्स का हाल
सेंसेक्स पैक में Eternal, L&T, TCS, UltraTech Cement, Asian Paints, Maruti Suzuki, Axis Bank, Infosys और ICICI Bank हरे निशान में बंद हुए। वहीं Tata Steel, Trent, Tech Mahindra, BEL, IndiGo, Bajaj Finserv, Kotak Mahindra Bank, Titan, Bajaj Finance, NTPC, SBI, HUL, Sun Pharma, Bharti Airtel, ITC और M&M लूज़र्स की सूची में रहे।
विशेषज्ञों की राय
बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, मुख्य चिंता निफ्टी की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आई असमानुपातिक गिरावट है। वैल्यूएशन संबंधी दबाव, लीवरेज्ड पोज़ीशन की अनवाइंडिंग, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और कमज़ोर वैश्विक संकेत मिलकर बाज़ार पर असर डाल रहे हैं। इंडिया VIX में उछाल यह संकेत देता है कि निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
आगे क्या होगा
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें ऊँची बनी रह सकती हैं। इसके साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र में वैश्विक इक्विटी बाज़ारों में हो रही बिकवाली निवेशकों की जोखिम उठाने की क्षमता को सीमित कर रही है। गौरतलब है कि आगे महंगाई के रुझान और प्रमुख केंद्रीय बैंकों — विशेषकर US Federal Reserve और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) — के नीतिगत कदम बाज़ार की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे। विश्लेषकों को उम्मीद है कि ऐसे माहौल में स्टॉक और सेक्टर-विशेष के अवसर ही हावी रहेंगे, जहाँ कमाई की स्पष्टता और उचित वैल्यूएशन मुख्य निर्णायक कारक होंगे।