'हल्ली गुग्गु' विवाद: JD(S) का पलटवार, 'कांग्रेस की मानसिकता ग्रामीणों के प्रति अपमानजनक'
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में सियासी तापमान तब और बढ़ गया जब राज्य के मंत्री प्रियांक खड़गे ने केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी को 'हल्ली गुग्गु' (गांव का मूर्ख) कहा। इस टिप्पणी पर जनता दल (सेक्युलर) के नेताओं ने 5 नवंबर को कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस की सोच गांवों और ग्रामीण समाज के प्रति अपमानजनक है। साथ ही, JD(S) नेताओं ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर बढ़ती महंगाई और बेलगाम कर्ज को लेकर भी निशाना साधा।
टिप्पणी पर JD(S) की तीखी प्रतिक्रिया
जनता दल (सेक्युलर) के नेता बंडेप्पा मणिकप्पा काशेमपुर ने कहा कि प्रियांक खड़गे की यह टिप्पणी कांग्रेस की मानसिकता और संस्कृति को उजागर करती है। उन्होंने याद दिलाया कि महात्मा गांधी ने हमेशा गांवों के सशक्तीकरण की बात की थी और ऐसे में किसी ग्रामीण पृष्ठभूमि के व्यक्ति को इस तरह संबोधित करना ग्रामीण समाज का सीधा अपमान है।
काशेमपुर ने यह भी कहा कि कुमारस्वामी ने स्वयं स्वीकार किया है कि वह गांव से आते हैं, और इसी ग्रामीण पृष्ठभूमि के नेता ने अपने कार्यकाल में दो बार किसानों का कर्ज माफ किया है। उनके अनुसार, ग्रामीण जड़ों को लेकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है।
ग्रामीण सम्मान का व्यापक सवाल
JD(S) नेता वेंकटराव नाडागौडा ने कहा कि 'गांव का मूर्ख' जैसे शब्द केवल एक नेता तक सीमित नहीं रहते — ये कर्नाटक के गांवों में रहने वाले करोड़ों किसानों, मजदूरों और गरीबों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर गांव से आने वाला व्यक्ति मूर्ख है, तो कांग्रेस का इशारा गांव में रहने वाले हर व्यक्ति की ओर है। नाडागौडा ने ग्रामीण जीवन और आम नागरिकों के सम्मान का मुद्दा भी उठाया।
महंगाई और कर्ज पर कांग्रेस सरकार को घेरा
बंडेप्पा मणिकप्पा काशेमपुर ने कर्नाटक सरकार की ओर से सार्वजनिक परिवहन किराये और नंदिनी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के फैसले पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार 'कोमा में' है और उसका कार्यकाल समाप्ति की कगार पर है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर वर्ष भारी कर्ज ले रही है, लेकिन आम जनता को महंगाई से राहत नहीं मिल रही। दूध, बस किराये, आबकारी शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी सहित कई क्षेत्रों में मूल्य वृद्धि हो रही है, जिससे निम्न और मध्यम वर्ग पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
स्टिंग ऑपरेशन विवाद भी उठा
वेंकटराव नाडागौडा ने कर्नाटक में हाल के स्टिंग ऑपरेशन के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को स्टिंग ऑपरेशन की जानकारी देते हुए सावधान रहने को कहा था, जिसके बाद यह मामला सार्वजनिक चर्चा में आ गया।
नाडागौडा ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कर्नाटक पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और जांच की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि स्टिंग ऑपरेशन के पीछे कौन था और इसका उद्देश्य क्या था।
आगे क्या
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से ही आर्थिक प्रबंधन और गारंटी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। 'हल्ली गुग्गु' टिप्पणी ग्रामीण बनाम शहरी राजनीतिक पहचान की एक पुरानी तनातनी को फिर से सामने ला सकती है, जो राज्य की चुनावी राजनीति में हमेशा से संवेदनशील रही है।