8 अक्टूबर 2026
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कोलकाता एयरपोर्ट को बम धमकी का ईमेल, CISF की गहन तलाशी में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली

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कोलकाता एयरपोर्ट को बम धमकी का ईमेल, CISF की गहन तलाशी में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली

सारांश

कोलकाता एयरपोर्ट को गुरुवार दोपहर बम धमकी का ईमेल मिला — CISF ने व्यापक तलाशी चलाई, पर कुछ नहीं मिला। यह पश्चिम बंगाल में फर्जी बम धमकियों की बढ़ती शृंखला की ताज़ा कड़ी है। साइबर विशेषज्ञ ईमेल के स्रोत की तलाश में जुटे हैं।

मुख्य बातें

नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, कोलकाता को 8 अक्टूबर 2026 को बम धमकी का ईमेल प्राप्त हुआ।
CISF जवानों ने तत्काल गहन तलाशी अभियान चलाया; कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
ईमेल में दावा किया गया था कि परिसर के कई स्थानों पर बम रखे गए हैं।
धमकी भेजने वाले की पहचान के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली गई है; जाँच जारी है।
पिछले वर्ष फरवरी में भी कोलकाता एयरपोर्ट पर एक ही दिन में दो झूठी बम धमकियाँ आई थीं।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, कोलकाता को 8 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें एयरपोर्ट परिसर में कई स्थानों पर बम रखे होने का दावा किया गया था। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने तत्काल व्यापक तलाशी अभियान चलाया, परंतु किसी भी संदिग्ध वस्तु का पता नहीं चला।

धमकी का विवरण और तत्काल प्रतिक्रिया

सूत्रों के अनुसार, गुरुवार दोपहर एयरपोर्ट अधिकारियों को एक ईमेल भेजा गया, जिसमें परिसर के भीतर विशेष स्थानों पर विस्फोटक सामग्री छिपाए जाने का दावा किया गया था। ईमेल मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन ने CISF को तत्काल अलर्ट कर दिया, जो इस हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था के प्रभारी हैं।

सुरक्षा बलों ने सतर्कता बरतते हुए पूरे एयरपोर्ट परिसर में गहन तलाशी अभियान शुरू किया। यद्यपि अधिकारियों को शुरू में इस सूचना के झूठे होने की आशंका थी, फिर भी उन्होंने किसी प्रकार का जोखिम न उठाते हुए मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया।

तलाशी अभियान का परिणाम

CISF जवानों द्वारा एयरपोर्ट परिसर के कोने-कोने की जाँच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि धमकी भरा ईमेल एक फर्जी सूचना थी। तलाशी में कोई भी संदिग्ध वस्तु, विस्फोटक सामग्री अथवा खतरनाक उपकरण नहीं मिला। इसके बाद एयरपोर्ट पर सामान्य परिचालन बहाल कर दिया गया।

साइबर विशेषज्ञों की मदद से जाँच जारी

सूत्रों के अनुसार, धमकी भरा ईमेल भेजने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान के लिए अधिकारी सक्रिय रूप से जाँच कर रहे हैं। ईमेल के स्रोत का पता लगाने और भेजने वाले की पहचान करने के लिए साइबर विशेषज्ञों की सेवाएँ ली गई हैं। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।

पिछली घटनाओं का संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब इस प्रकार की झूठी धमकियाँ लगातार बढ़ती देखी जा रही हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष फरवरी में कोलकाता एयरपोर्ट पर एक ही दिन में बम धमकी के दो अलग-अलग मामले सामने आए थे — दोनों मामलों में उड़ानों के शौचालयों में धमकी भरे नोट मिले थे, जो बाद में झूठे साबित हुए। इसके अलावा, इसी वर्ष फरवरी में पश्चिम बंगाल के कई जिलों के डाकघरों और पासपोर्ट कार्यालयों को भी बम धमकी के ईमेल मिले थे, जिसके कारण इन परिसरों को खाली कराना पड़ा था।

यह Nवीं ऐसी घटना है जो दर्शाती है कि फर्जी बम धमकियाँ सुरक्षा एजेंसियों के संसाधनों पर भारी दबाव डालती हैं और सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक दहशत का माहौल बनाती हैं। आगे चलकर जाँच के नतीजों के आधार पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें डाकघर, पासपोर्ट कार्यालय और अब एयरपोर्ट निशाने पर रहे हैं। हर बार CISF और स्थानीय पुलिस के संसाधन बड़े पैमाने पर लगाए जाते हैं, परिचालन बाधित होता है और जनता में भय फैलता है — जबकि दोषियों की पहचान और सज़ा अब तक अपवाद ही रही है। सवाल यह है कि क्या मौजूदा साइबर जाँच ढाँचा ऐसे अज्ञात स्रोतों से आने वाले ईमेल की जाँच में वास्तव में सक्षम है, या यह महज़ औपचारिकता बनकर रह जाता है। जब तक कड़ी जवाबदेही और त्वरित न्याय सुनिश्चित नहीं होता, ये झूठी धमकियाँ सुरक्षा तंत्र को बार-बार परखती रहेंगी।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता एयरपोर्ट को बम धमकी का ईमेल कब और कैसे मिला?
8 अक्टूबर 2026 को गुरुवार दोपहर नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के अधिकारियों को एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें परिसर में कई स्थानों पर बम रखे होने का दावा किया गया था। ईमेल मिलते ही CISF को अलर्ट कर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
CISF की तलाशी में क्या मिला?
CISF जवानों द्वारा एयरपोर्ट परिसर की गहन तलाशी के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। धमकी भरा ईमेल फर्जी सूचना साबित हुआ और सामान्य परिचालन बहाल कर दिया गया।
ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
अधिकारियों ने धमकी भेजने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली है। ईमेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिशें जारी हैं और फिलहाल किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।
क्या इससे पहले भी कोलकाता एयरपोर्ट को ऐसी धमकियाँ मिली हैं?
हाँ, पिछले वर्ष फरवरी में कोलकाता एयरपोर्ट पर एक ही दिन में बम धमकी के दो मामले सामने आए थे, जिनमें उड़ानों के शौचालयों में धमकी भरे नोट मिले थे। दोनों ही मामलों में धमकियाँ झूठी साबित हुईं।
पश्चिम बंगाल में फर्जी बम धमकियों का सिलसिला कितना व्यापक है?
इसी वर्ष फरवरी में पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों के डाकघरों और पासपोर्ट कार्यालयों को भी बम धमकी के ईमेल मिले थे, जिस कारण इन परिसरों को खाली कराना पड़ा था। कोलकाता एयरपोर्ट की ताज़ा घटना इस बढ़ती प्रवृत्ति की नई कड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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