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हैदराबाद मैराथन का 15वां संस्करण: 3,000 से अधिक धावकों की रिकॉर्ड भागीदारी

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हैदराबाद मैराथन का 15वां संस्करण: 3,000 से अधिक धावकों की रिकॉर्ड भागीदारी

सारांश

हैदराबाद मैराथन के 15वें संस्करण में 3,000 से अधिक धावकों की रिकॉर्ड भागीदारी ने शहर की बढ़ती फिटनेस संस्कृति को उजागर किया। NMDC की 184 धावकों को विशेष सहयोग देने की पहल और साड़ी में दौड़ने वाली महिला धावक ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।

मुख्य बातें

हैदराबाद मैराथन के 15वें संस्करण में 30 अगस्त को 3,000 से अधिक धावकों ने फुल मैराथन में भाग लिया।
सुरक्षा के लिए पूरे रूट पर करीब 2,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए।
NMDC ने पहले वर्ष में 184 धावकों को ट्रेनिंग, किट और आवास सहित पूरी सुविधाएँ प्रदान कीं।
साइबराबाद पुलिस कमिश्नर एम.
रमेश सभी 15 संस्करणों से धावक, आयोजक या मेंटर के रूप में जुड़े रहे हैं।
एक महिला प्रतिभागी ने परंपरागत साड़ी पहनकर मैराथन में भाग लिया, जो आकर्षण का केंद्र रहीं।

हैदराबाद मैराथन के 15वें संस्करण में रविवार, 30 अगस्त को 3,000 से अधिक धावकों ने फुल मैराथन में भाग लिया, जो तेलंगाना की राजधानी में आयोजित इस वार्षिक दौड़ की अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी में से एक रही। पूरे रूट पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए करीब 2,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।

मुख्य घटनाक्रम

राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) के डायरेक्टर कृष्ण कुमार ठाकुर ने इस आयोजन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'फुल मैराथन में शानदार भागीदारी रही है, 3,000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया है। यह बहुत बड़ी संख्या है। मौसम भी बहुत अच्छा है। मुझे लगता है कि ज्यादातर धावकों का इस बार बेस्ट टाइमिंग आएगा, और आने वाले सालों में यह संख्या और बढ़ेगी और लोगों को प्रेरित भी करेगी।'

ठाकुर ने NMDC की विशेष पहल का भी उल्लेख किया, जिसके तहत पहले ही वर्ष में 184 धावकों को प्रशिक्षण, किट, आवास और अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने कहा, 'सभी बहुत खुश हैं।'

पुलिस प्रशासन की भूमिका

साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर एम. रमेश ने बताया कि वे मैराथन के सभी 15 संस्करणों से किसी न किसी रूप में जुड़े रहे हैं — कभी धावक के तौर पर, कभी आयोजक के रूप में और कभी मेंटर के रूप में। उन्होंने कहा, 'हैदराबाद का मौसम हमेशा शानदार रहा है। यही वजह है कि देश भर से धावक यहाँ आते हैं।'

रमेश ने हैदराबाद को 'भारत की इवेंट कैपिटल' करार देते हुए कहा कि तेलंगाना सरकार और पुलिस प्रशासन ऐसे आयोजनों को सफल बनाने के लिए हर संसाधन उपलब्ध कराती है।

धावकों का उत्साह

मैराथन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों में जबरदस्त जोश देखा गया। हैदराबाद रनर्स ग्रुप की एक सदस्य, जिन्होंने डेढ़ साल पहले समूह से जुड़ी थीं, ने कहा कि वे भविष्य में और हाफ मैराथन व फुल मैराथन में भाग लेना चाहती हैं।

इस बार एक महिला धावक ने सबका ध्यान खींचा, जो परंपरागत साड़ी पहनकर दौड़ीं। उन्होंने कहा, 'जब से मैंने रनिंग शुरू की है, हमेशा से मैं साड़ी में ही दौड़ती हूं। यह हैदराबाद का मेरा पहला मैराथन है। इसमें कोई खास मुश्किल नहीं है, लेकिन यह महाराष्ट्र की संस्कृति को दर्शाता है।' इससे पहले वे कई हाफ मैराथन पूरी कर चुकी हैं।

आम जनता पर असर

यह आयोजन हैदराबाद में फिटनेस और मैराथन संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। NMDC जैसे सार्वजनिक उपक्रमों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि कॉर्पोरेट और सरकारी संस्थाएँ भी खेल-संस्कृति को प्रोत्साहित करने में आगे आ रही हैं।

क्या होगा आगे

आयोजकों और प्रतिभागियों दोनों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इस मैराथन में भागीदारी की संख्या और बढ़ेगी। NMDC के डायरेक्टर ठाकुर के अनुसार, यह आयोजन भविष्य में और अधिक लोगों को स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति प्रेरित करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि शहर की बदलती पहचान का प्रतीक है — जहाँ 'इवेंट कैपिटल' का दर्जा अब केवल आईटी कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं रहा। NMDC जैसे सार्वजनिक उपक्रम का 184 धावकों को सीधे सहयोग देना एक सकारात्मक मिसाल है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या ऐसी पहलें दीर्घकालिक खेल-संस्कृति बनाने में सक्षम हैं या महज वार्षिक आयोजन तक सीमित रहेंगी। साड़ी में दौड़ने वाली महिला धावक जैसी कहानियाँ बताती हैं कि मैराथन अब केवल एलीट एथलीटों का नहीं, आम नागरिकों का उत्सव बन चुका है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद मैराथन 2026 में कितने धावकों ने भाग लिया?
हैदराबाद मैराथन के 15वें संस्करण में 3,000 से अधिक धावकों ने फुल मैराथन में भाग लिया। यह आयोजन 30 अगस्त को हुआ और इसे शहर के सबसे बड़े वार्षिक खेल आयोजनों में गिना जाता है।
हैदराबाद मैराथन में NMDC की क्या भूमिका रही?
राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) ने पहले वर्ष में 184 धावकों को ट्रेनिंग, किट और आवास सहित पूरी सुविधाएँ उपलब्ध कराईं। NMDC के डायरेक्टर कृष्ण कुमार ठाकुर ने इस पहल को धावकों को प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
हैदराबाद मैराथन की सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी?
मैराथन के पूरे रूट पर करीब 2,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। साइबराबाद पुलिस कमिश्नर एम. रमेश ने बताया कि तेलंगाना पुलिस और सरकार ऐसे आयोजनों के लिए हर संसाधन उपलब्ध कराती है।
हैदराबाद मैराथन का यह कौन-सा संस्करण था?
यह हैदराबाद मैराथन का 15वाँ संस्करण था, जो 30 अगस्त को आयोजित हुआ। साइबराबाद पुलिस कमिश्नर एम. रमेश ने बताया कि वे सभी 15 संस्करणों से धावक, आयोजक या मेंटर के रूप में जुड़े रहे हैं।
हैदराबाद मैराथन में इस बार क्या खास रहा?
इस बार एक महिला धावक ने परंपरागत साड़ी पहनकर मैराथन में भाग लिया, जो आकर्षण का केंद्र रहीं। उन्होंने बताया कि वे हमेशा साड़ी में ही दौड़ती हैं और यह महाराष्ट्र की संस्कृति को दर्शाता है। इसके अलावा NMDC की 184 धावकों को सीधे सहयोग देने की पहल भी चर्चा में रही।
राष्ट्र प्रेस
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