क्या दुनिया के 42 चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुखों ने आईआईसीडीईएम-2026 में वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की?

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क्या दुनिया के 42 चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुखों ने आईआईसीडीईएम-2026 में वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की?

सारांश

आईआईसीडीईएम-2026 में दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुखों ने चुनाव प्रशासन की चुनौतियों पर विचार किया। जानें, इस उच्चस्तरीय बैठक में क्या-क्या चर्चाएँ हुईं और किस प्रकार वैश्विक सहयोग को बढ़ावा दिया गया।

Key Takeaways

  • चुनाव प्रबंधन के प्रति वैश्विक दृष्टिकोण साझा किया गया।
  • चुनावों को समावेशी और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया।
  • प्रतिनिधियों ने फेक न्यूज और साइबर खतरे जैसी समस्याओं पर चर्चा की।
  • भारत ने इंटरनेशनल आईडीईए के अध्यक्ष के रूप में अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं।

नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईसीडीईएम-2026) के प्लेनरी सेशन में विश्वभर के चुनाव प्रबंधन निकायों (ईएमबी) के प्रमुखों ने भाग लिया। इस उच्चस्तरीय बैठक में चुनाव प्रशासन के समक्ष आने वाली वैश्विक चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर इस सत्र का शुभारंभ किया। भारत मंडपम में आयोजित इस सत्र में 42 चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुख शामिल हुए। इसके अलावा, कई देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों सहित करीब 60 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भी इसमें भाग लिया।

ईएमबी लीडर्स प्लेनरी एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुख, वरिष्ठ नेता और राजनयिक लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श करते हैं। इस सत्र में प्रतिभागियों ने वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी चुनौतियों पर अपने अनुभव और विचार साझा किए।

भारत ने इंटरनेशनल आईडीईए के अध्यक्ष के रूप में 2026 के दौरान अपनी विषयगत प्राथमिकताओं को साझा किया। चर्चा में चुनावों को अधिक समावेशी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि विश्वभर में चुनावों को प्रभावित करने वाली समस्याएं जैसे फेक न्यूज, साइबर खतरे, मतदाता विश्वास और संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियां आम हैं।

यह प्लेनरी सेशन आईआईसीडीईएम-2026 का एक प्रमुख हिस्सा है, जो 21 से 23 जनवरी तक जारी रहेगा। यह सम्मेलन भारत द्वारा आयोजित सबसे बड़ा वैश्विक मंच है, जहां लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर विशेषज्ञ, नीति निर्माता और चुनाव अधिकारी एकत्र होते हैं। सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना और लोकतंत्र को सुदृढ़ करना है। यह आयोजन भारत की लोकतांत्रिक परंपरा और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को दर्शाने का एक उपयुक्त अवसर है। प्रतिनिधियों ने आशा व्यक्त की कि ऐसी चर्चाओं से चुनाव प्रणाली और मजबूत होगी और लोकतंत्र की सुरक्षा में नई दिशा मिलेगी।

Point of View

यह कहना उचित होगा कि आईआईसीडीईएम-2026 में विश्वभर के चुनाव प्रबंधन निकायों का एकत्र होना एक सकारात्मक पहल है। यह न केवल वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करने का एक मंच है, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को भी दर्शाता है। ऐसे सम्मेलनों से लोकतंत्र की मजबूती और चुनावी पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

आईआईसीडीईएम-2026 का उद्देश्य क्या है?
आईआईसीडीईएम-2026 का उद्देश्य वैश्विक सहयोग बढ़ाना, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना और लोकतंत्र को मजबूत करना है।
इस सम्मेलन में कितने देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए?
इस सम्मेलन में करीब 60 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल हुए।
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