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प्राचीन जड़ी-बूटी 'गोटू कोला': आज की सेहत के लिए क्यों है अनिवार्य?

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प्राचीन जड़ी-बूटी 'गोटू कोला': आज की सेहत के लिए क्यों है अनिवार्य?

सारांश

जानें कैसे प्राचीन जड़ी-बूटी 'गोटू कोला' आपके स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकती है। इसका उपयोग आयुर्वेद में सदियों से किया जा रहा है और इसके अनेक स्वास्थ्य लाभ हैं।

मुख्य बातें

गोटू कोला एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा है।
यह मस्तिष्क शक्ति और त्वचा स्वास्थ्य में सुधार करता है।
इसमें कई पोषक तत्व होते हैं जो फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं।
इसे संतुलित आहार में शामिल करने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें।
यह प्राकृतिक उपचार का एक अनमोल स्रोत है।

नई दिल्ली, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सदियों से, आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का उपयोग सेहत को बेहतर बनाने के लिए किया जाता रहा है। इनमें से एक विशेष औषधीय पौधा है 'गोटू कोला', जो स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न समस्याओं के समाधान में सहायक है।

यह एक छोटा हरा पौधा है, जिसकी पत्तियाँ गोल होती हैं। इसका वैज्ञानिक नाम सेंटेला एशियाटिका है। भारत में इसे आमतौर पर 'मंडूकपर्णी' के नाम से जाना जाता है। यह मुख्यतः दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में पाया जाता है, जबकि श्रीलंका में इसकी एक विशेष प्रजाति मिलती है। वहाँ लोग इसकी सब्जी, सलाद और जूस का सेवन करते हैं।

यह पौधा आकार में छोटा और हरे रंग का होता है, जिसकी पत्तियाँ गोल और चमकीली होती हैं। यह जमीन के पास उगता है। अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन ने इसके महत्व को उजागर किया है। उनके अनुसार, गोटू कोला में कई पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। इसमें मौजूद तत्व त्वचा को स्वस्थ रखने और घाव भरने में मदद करते हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (एनआईएच) ने कहा है कि इसके स्वास्थ्य लाभ और पोषक गुणों पर बहुत कम क्लिनिकल ट्रायल हुए हैं। इसलिए इसके सही लाभ, कार्य करने की प्रक्रिया और संभावित दुष्प्रभावों को समझने के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है।

सुश्रुत संहिता में 'गोटू कोला' को मंडूकपर्णी कहा गया है। इसके अनुसार, यह एक प्रमुख औषधीय जड़ी-बूटी है, जो वात-पित्त को संतुलित करने और त्रिदोषक गुणों से युक्त मानी जाती है, जिसका उपयोग मस्तिष्क की शक्ति बढ़ाने, त्वचा संबंधी घाव भरने, और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुधारने के लिए किया जाता है।

'गोटू कोला' एक प्राकृतिक और बहुपरकारी उपचार का स्त्रोत है। इसे संतुलित आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह लेना आवश्यक है। यह पौधा प्रकृति का एक अनमोल उपहार है, जिसका सही उपयोग सेहत के लिए एक वरदान साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

'गोटू कोला' न केवल आयुर्वेद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि यह आधुनिक चिकित्सा में भी अपनी जगह बना सकता है। इसके स्वास्थ्य लाभों को समझने के लिए और शोध की आवश्यकता है, लेकिन यह पौधा निश्चित रूप से एक अनमोल संसाधन है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोटू कोला के स्वास्थ्य लाभ क्या हैं?
गोटू कोला मस्तिष्क शक्ति बढ़ाने, त्वचा को स्वस्थ रखने और घाव भरने में मदद करता है।
क्या गोटू कोला का सेवन सुरक्षित है?
हां, लेकिन इसे अपने डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही सेवन करना चाहिए।
गोटू कोला का वैज्ञानिक नाम क्या है?
गोटू कोला का वैज्ञानिक नाम सेंटेला एशियाटिका है।
गोटू कोला कहां पाया जाता है?
यह मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया और श्रीलंका में पाया जाता है।
गोटू कोला का सेवन कैसे किया जा सकता है?
इसका सेवन सब्जी, सलाद या जूस के रूप में किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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