क्या इमरान के बेटे सच में कहते हैं कि पिता को डेथ सेल में रखा गया है?
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नई दिल्ली, 17 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक एवं पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे सुलेमान इसा खान (28 वर्ष) और कासिम खान (26 वर्ष) जनवरी 2026 में लंदन से पाकिस्तान लौट सकते हैं। दोनों अपने पिता की स्थिति को लेकर चिंता में हैं और उन पर आरोप लगा रहे हैं कि इमरान खान को डेथ सेल में रखा गया है क्योंकि सत्ता में बैठे लोग जानते हैं कि यदि वह बाहर आएंगे तो उनके लिए खतरा पैदा होगा। इमरान खान की लोकप्रियता से उनके विरोधी खौफज़दा हैं।
लंदन में रह रहे दोनों भाइयों ने वीजा के लिए आवेदन किया है और आशा व्यक्त की है कि पाकिस्तानी अधिकारियों की सार्वजनिक घोषणा के अनुसार उन्हें प्रवेश मिलेगा।
यह जानकारी उन्होंने स्काई न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में साझा की, जिसमें उन्होंने अपने पिता की जेल की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। कासिम खान ने कहा कि इमरान खान को एक डेथ सेल जैसी कोठरी में रखा गया है, जहां वह दिन के 23 घंटे अकेले रहते हैं।
मंगलवार को पीटीआई के संस्थापक की तीन बहनों समेत कई समर्थकों ने जेल के बाहर धरना दिया था, जिन्हें शाम को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। प्रमुख मीडिया आउटलेट डॉन के अनुसार, प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अधिकारियों ने केमिकल मिला हुआ पानी का इस्तेमाल किया।
सुलेमान ने इन सभी घटनाओं पर सवाल उठाते हुए इसे अमानवीय हालात बताया और कहा कि सोशल मीडिया पर पिता की मौत की अफवाहें सुनकर वे बहुत तनाव में रहते हैं।
हकीम ने यह भी बताया कि उन्होंने पहले न आने की चेतावनी के बारे में चर्चा की थी, जबकि रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि उनका स्वागत है और वे इमरान से मिल सकते हैं।
इस पर कासिम का जवाब था: "अब हम इसकी योजना बना रहे हैं क्योंकि उन्होंने यह बात खुलकर कही है। इसलिए—जब तक वे अपनी बात से पीछे नहीं हटते—हम उम्मीद करते हैं कि जनवरी में जाएंगे। हमने अपने वीजा के लिए आवेदन कर दिया है। यह अभी तक नहीं आया है। हमें उम्मीद है कि यह आ जाएगा, इसलिए हम जनवरी में यात्रा की योजना बना रहे हैं।"
हालांकि, जेल प्रशासन द्वारा मुलाकात की अनुमति लगातार रोकी जा रही है और परिवार को इमरान खान की सेहत की सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं, जहां उन्हें तोशाखाना और अन्य मामलों में सजा हो चुकी है।
दोनों ने दावा किया है कि अपने पिता की स्थिति के बारे में दुनिया भर के नेताओं और अधिकारियों से बात करने के लिए वे जनवरी में ब्रसेल्स या जिनेवा जाएंगे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी सोचा था कि एक दिन वे अपने पिता की रिहाई के लिए लॉबिंग करेंगे।
कासिम ने उत्तर दिया, "हां, शायद, सच कहूं तो, क्योंकि हमने, खासकर मेरे भाई ने, उन्हें राजनीति में न जाने के लिए बहुत समय तक समझाया था, जब इस तरह के खतरनाक लोग लगातार लोगों को मार रहे थे।"
उन्होंने कहा कि कई अन्य पाकिस्तानी नेताओं को भी जेल में डाला गया है, लेकिन कासिम ने कहा, "यह बिल्कुल अलग है। उन सभी को अकेलेपन वाली सेल में टॉर्चर नहीं किया जाता और वे दो साल से ज्यादा समय तक वहां नहीं रहते।"
दोनों बेटों का कहना है कि हुक्मरान इमरान खान की लोकप्रियता से खौफज़दा हैं।
कासिम ने कहा, "वह देश में सबसे लोकप्रिय व्यक्ति हैं। वे जानते हैं कि जिस पल वे (इमरान) बाहर आएंगे, विरोधियों को सत्ता में बने रहने का कोई मौका नहीं मिलेगा। इसलिए वे किसी भी तरह से सत्ता से चिपके रहने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।"