भारत-ऑस्ट्रेलिया 13वीं आर्मी टू आर्मी स्टाफ वार्ता संपन्न, द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को नई गति
सारांश
मुख्य बातें
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 13वीं आर्मी टू आर्मी स्टाफ वार्ता 28 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित हुई, जिसमें दोनों देशों की थल सेनाओं ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने के तरीकों पर गहन विचार-विमर्श किया। यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब भारत-ऑस्ट्रेलिया सामरिक साझेदारी लगातार व्यापक होती जा रही है और दोनों देशों के बीच सैन्य जुड़ाव कई मोर्चों पर एक साथ प्रगाढ़ हो रहा है।
वार्ता का एजेंडा और मुख्य घटनाक्रम
तीन दिनों तक चली इस वार्ता में दोनों पक्षों ने सामरिक और समकालीन सुरक्षा मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज का भी दौरा किया, जहाँ मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों और उनसे जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। इससे पहले प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सेना के अनुसार, वार्ता में मौजूदा सहयोग की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य में संपर्क और सैन्य भागीदारी को और व्यापक बनाने पर गंभीरता से विचार हुआ। दोनों पक्षों ने साझा हित वाले क्षेत्रों में सहयोग का दायरा बढ़ाने और आपसी समझ को मज़बूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
नौसेना प्रमुख की यात्रा और समुद्री सहयोग
गौरतलब है कि इसी महीने भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने ऑस्ट्रेलिया की यात्रा की थी। उन्होंने कैनबरा में ऑस्ट्रेलिया के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स एडमिरल मार्क हैमंड से मुलाकात की, जिसमें समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप को आगे बढ़ाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नौसेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने पर अहम बातचीत हुई।
इन बैठकों में दोनों देशों के शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक समझ को केवल संवाद तक सीमित न रखते हुए उसे ठोस परिणामों में तब्दील किया जाए।
तरंग शक्ति अभ्यास और व्यापक सैन्य जुड़ाव
यह भी उल्लेखनीय है कि ऑस्ट्रेलियाई वायु सेना इस समय भारत में आयोजित हो रहे तरंग शक्ति बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास में सक्रिय रूप से भाग ले रही है। थल, नौ और वायु — तीनों सेनाओं के स्तर पर एक साथ हो रहे इस व्यापक जुड़ाव ने दोनों देशों के रक्षा संबंधों को नई गहराई प्रदान की है।
आर्मी टू आर्मी स्टाफ वार्ता इसी बढ़ती साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो दोनों सेनाओं को साझा हितों पर नियमित रूप से विचार साझा करने और भावी सहयोग की दिशा तय करने का मंच देती है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा सहयोग की पृष्ठभूमि
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से व्यापक हुआ है। दोनों देश क्वाड ढाँचे के सदस्य भी हैं और हिंद-प्रशांत में स्थिरता सुनिश्चित करने की साझा प्राथमिकता उन्हें करीब लाती है। आलोचकों का कहना है कि द्विपक्षीय घोषणाओं को अब मूर्त क्षमता-निर्माण में बदलने की ज़रूरत है।
आगे की राह
इस वार्ता के नतीजे दोनों देशों की सेनाओं के बीच साथ मिलकर काम करने की क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी) को और मज़बूत करने का आधार तैयार करेंगे। आने वाले समय में संयुक्त अभ्यासों की संख्या और स्तर में वृद्धि की संभावना है, और दोनों देशों के बीच सैन्य-से-सैन्य संपर्क का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।