ऑस्ट्राहिंद-2026: केरल में 240 सैनिकों का संयुक्त अभ्यास, ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने जवानों से मुलाकात की
सारांश
मुख्य बातें
भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास ऑस्ट्राहिंद-2026 इस समय केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में जारी है। भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ओएएम शनिवार को अभ्यास स्थल पर पहुँचे और दोनों देशों के 120-120 सैन्यकर्मियों से मुलाकात के बाद इस अभ्यास को द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। यह अभ्यास का पाँचवाँ संस्करण है, जो 19 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ और 1 नवंबर 2026 तक चलेगा।
उच्चायुक्त की प्रतिक्रिया और संदेश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अभ्यास स्थल की तस्वीरें साझा करते हुए फिलिप ग्रीन ने लिखा, 'मैंने केरल में अभ्यास कर रहे 13वीं ब्रिगेड रेजिमेंट के 120 जवानों से मुलाकात की। मैं मानता हूँ कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की रणनीतिक साझेदारी के विस्तार के साथ दोनों देशों की सेनाओं के बीच संबंधों का महत्व और बढ़ गया है।' उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण की अनिवार्यता को रेखांकित करते हुए कहा, 'लड़ने के लिए प्रशिक्षण, जीतने के लिए प्रशिक्षण।'
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और दोनों देश रक्षा सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की कोशिश में हैं।
अभ्यास का उद्देश्य और स्वरूप
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ऑस्ट्राहिंद-2026 का मुख्य विषय द्वीपीय और तटीय वातावरण में उप-पारंपरिक सैन्य अभियान चलाना है। इसके तहत दोनों देशों के सैनिक संयुक्त योजना निर्माण, सामरिक गतिविधियाँ और युद्ध जैसी परिस्थितियों में संचालन का अभ्यास कर रहे हैं। प्रशिक्षण में हवाई और समुद्री आयाम भी शामिल किए गए हैं ताकि दोनों सेनाएँ विविध परिस्थितियों में प्रभावी तालमेल स्थापित कर सकें।
भारतीय दल में गढ़वाल राइफल्स के सैनिकों के साथ अन्य सैन्य शाखाओं और सेवाओं के कर्मी भी शामिल हैं, जबकि ऑस्ट्रेलियाई दल का प्रतिनिधित्व 13वीं ब्रिगेड के जवान कर रहे हैं।
न्यूज़ीलैंड की नई भागीदारी — एक ऐतिहासिक पहल
ऑस्ट्राहिंद-2026 की एक उल्लेखनीय विशेषता यह है कि पहली बार न्यूज़ीलैंड का एक पर्यवेक्षक दल इसमें हिस्सा ले रहा है। गौरतलब है कि यह त्रिपक्षीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बहुपक्षीय सुरक्षा ढाँचे को मज़बूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
इससे पहले इस अभ्यास का चौथा संस्करण 13 से 26 अक्टूबर 2025 तक ऑस्ट्रेलिया के पर्थ स्थित इरविन बैरक्स में आयोजित हुआ था। बारी-बारी से आयोजन का यह ढाँचा दोनों देशों के सैन्य संबंधों की परिपक्वता को दर्शाता है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा सहयोग की पृष्ठभूमि
पिछले कुछ वर्षों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा साझेदारी व्यापक हुई है। दोनों देश नियमित सैन्य अभ्यासों, रक्षा संवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा के साझा मुद्दों पर सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। क्वाड ढाँचे में भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों की भागीदारी के साथ यह द्विपक्षीय सैन्य सहयोग एक व्यापक इंडो-पैसिफिक सुरक्षा दृष्टि का हिस्सा बन चुका है।
आगे की राह
ऑस्ट्राहिंद-2026 का समापन 1 नवंबर 2026 को होगा। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, तटीय और द्वीपीय परिदृश्य में संयुक्त अभियान क्षमता का यह प्रशिक्षण दोनों सेनाओं की परिचालन दक्षता को नई ऊँचाई पर ले जाएगा। न्यूज़ीलैंड की पर्यवेक्षक भागीदारी इस अभ्यास को भविष्य में और अधिक बहुपक्षीय स्वरूप देने का संकेत दे रही है।