भोपाल में इंडियन हार्मोनिका फेस्टिवल 2026 का उद्घाटन, CM मोहन यादव ने 200 कलाकारों का किया अभिनंदन
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में 2 अक्टूबर 2026 को इंडियन हार्मोनिका फेस्टिवल-2026 के 13वें संस्करण का उद्घाटन हुआ, जिसमें देशभर के लगभग 200 कलाकार अपनी सुरीली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गांधी जयंती और शास्त्री जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर इस महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की भूमि पर यह फेस्टिवल पहली बार आयोजित हो रहा है।
मुख्यमंत्री का स्वागत संबोधन
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यह हारमोनिका एसोसिएशन के माउथ ऑर्गन वादकों का देश का 13वाँ संस्करण है और इसमें लगभग 200 कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती व शास्त्री जयंती के पावन अवसर पर वे सभी कलाकारों का हृदय से स्वागत और अभिनंदन करते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विरासत से विकास' अभियान की भावना के अनुरूप देश के विभिन्न राज्यों के कलाकारों को मंच देना ही इस आयोजन का मूल उद्देश्य है। मध्य प्रदेश की ओर से यह प्रयास उसी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
संगीत और 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना
यादव ने कहा कि संगीत भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा है और कला जगत प्रधानमंत्री मोदी की 'एक भारत — श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को साकार करता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार कला और संगीत के साधकों को पद्म पुरस्कार प्रदान कर उनकी वर्षों की साधना को सम्मानित करती आ रही है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवा प्रतिभा सिद्धि सोनी की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि इस नन्ही बेटी ने मंच पर जो प्रस्तुतिकरण दिया, वह सराहनीय और उत्साहवर्धक था।
सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस महोत्सव के बारे में लिखा कि 'यह महोत्सव संगीत-साधकों का ऐसा संगम है, जो विविध सुरों को एक सूत्र में पिरोते हुए एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को साकार कर रहा है। मध्यप्रदेश की धरती पर संगीत की इस समृद्ध परंपरा का विस्तार होते देखना हम सभी के लिए गौरव और आनंद का विषय है।'
आम जनता और श्रोताओं पर असर
कार्यक्रम में उपस्थित श्रोता कलाकारों की प्रस्तुतियों से अभिभूत नज़र आए। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस तरह के आयोजन आम जनता को कम देखने को मिलते हैं, इसीलिए इसकी विशेष अनुभूति होती है। गौरतलब है कि माउथ ऑर्गन जैसे वाद्ययंत्र पर केंद्रित यह राष्ट्रीय उत्सव अपने आप में अनूठा है, जो सुर, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का संदेश एक साथ देता है।
आगे की राह
इस महोत्सव के माध्यम से मध्य प्रदेश को सांस्कृतिक पर्यटन के नक्शे पर एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है। अलग-अलग राज्यों के 200 कलाकारों की मौजूदगी यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन और व्यापक स्वरूप ले सकता है।