भारतीय नौसेना ने सौंपी संयुक्त टास्क फोर्स 154 की कमान, 39 देशों को दिया 7,800 घंटे का प्रशिक्षण
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय नौसेना ने 14 अक्टूबर 2026 को बहरीन की राजधानी मनामा में संयुक्त समुद्री बलों (Combined Maritime Forces) के 'संयुक्त टास्क फोर्स 154' (CTF-154) की कमान औपचारिक रूप से हस्तांतरित की। इसी के साथ इस बहुराष्ट्रीय कार्यबल का नेतृत्व संभालने का भारतीय नौसेना का पहला कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा हो गया। इस कार्यकाल के दौरान 39 देशों के सैन्यकर्मियों ने विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों में भाग लिया और कुल 7,800 घंटे से अधिक का समुद्री प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
टास्क फोर्स 154 की पृष्ठभूमि और भारत की भूमिका
'संयुक्त टास्क फोर्स 154' बहुराष्ट्रीय समुद्री प्रशिक्षण के उद्देश्य से गठित किया गया है। इसका प्राथमिक लक्ष्य विभिन्न देशों के बीच समुद्री सुरक्षा में समन्वय बढ़ाना, सैन्यकर्मियों की पेशेवर दक्षता विकसित करना और संयुक्त अभियानों की तैयारी को सुदृढ़ करना है। संयुक्त समुद्री बलों में कुल 47 देश शामिल हैं।
भारत वर्ष 2022 में संयुक्त समुद्री बलों का सहयोगी भागीदार बना था और वर्ष 2023 में उसे पूर्ण सदस्यता प्रदान की गई। इसी क्रम में भारतीय नौसेना ने 11 फरवरी 2026 को CTF-154 की कमान ग्रहण की थी — यह पहला अवसर था जब भारत को संयुक्त समुद्री बलों के किसी कार्यबल का नेतृत्व सौंपा गया।
मुख्य प्रशिक्षण गतिविधियाँ और उपलब्धियाँ
भारतीय नौसेना के नेतृत्व में इस कार्यकाल के दौरान समुद्री सुरक्षा से जुड़े विविध विषयों पर 20 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त ऑपरेशन कम्पास रोज 26-1 और ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2 जैसे महत्वपूर्ण संयुक्त अभ्यास भी संपन्न हुए।
नौसेना के अनुसार इस कार्यकाल की एक विशिष्ट उपलब्धि समुद्री डकैती और सशस्त्र लूटपाट पर विशेषज्ञों के आदान-प्रदान का पहला कार्यक्रम — 'स्पार 2026' — रहा। इसमें विशेषज्ञता और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
प्रशिक्षण का व्यापक दायरा
प्रशिक्षण गतिविधियाँ केवल प्रत्यक्ष माध्यमों तक सीमित नहीं रहीं। वर्चुअल और मिश्रित (हाइब्रिड) प्रारूपों का भी व्यापक उपयोग किया गया, जिससे अधिक से अधिक देशों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकी। भारतीय नौसेना के साथ-साथ संयुक्त समुद्री बलों के अन्य कार्यबलों, भागीदार देशों, क्षेत्रीय समुद्री एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ संस्थानों ने भी योगदान दिया।
भारत की समुद्री सुरक्षा में बढ़ती भूमिका
यह कमान हस्तांतरण हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती समुद्री भूमिका का प्रतीक है। भारतीय नौसेना ने इस कार्यकाल में परिचालन कार्यबलों, क्षेत्रीय भागीदारों और विशेषज्ञ संस्थानों के साथ संपर्क का विस्तार किया, जो भविष्य में संयुक्त प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए एक मज़बूत आधार तैयार करता है। गौरतलब है कि यह पड़ाव एक ऐसे दौर में आया है जब भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को सक्रिय रूप से सुदृढ़ कर रहा है।
कमान के हस्तांतरण के साथ, भारतीय नौसेना और संयुक्त समुद्री बलों के बीच सहयोग का एक नया अध्याय शुरू होता है — जिसमें क्षेत्र में एक प्रमुख सुरक्षा एवं प्रशिक्षण भागीदार के रूप में भारत की भूमिका और अधिक सुस्पष्ट होती जा रही है।