मशहद एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पुनः प्रारंभ करने की ईरान ने दी अनुमति
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तेहरान, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने रविवार को घोषणा की है कि उसने सोमवार से उत्तर-पूर्वी प्रांत खोरासन रजावी में स्थित मशहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से आरंभ करने की अनुमति दे दी है।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, अथॉरिटी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान में यह बताया कि यह निर्णय पहले की उस सूचना के बाद लिया गया है, जिसमें कहा गया था कि पूर्वी ईरान का हवाई क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दोबारा खोला गया है।
बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ एयरपोर्ट्स ने शनिवार सुबह 7 बजे (स्थानीय समय) से अपनी सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं।
हालांकि, घरेलू उड़ानों के लिए टिकट बेचने की अनुमति अभी तक नहीं दी गई है।
ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया था, जिससे देशभर में नागरिक उड्डयन सेवाएं प्रभावित हुई थीं।
एविएशन अथॉरिटी ने कहा है कि जैसे ही सैन्य और नागरिक अधिकारियों की तकनीकी और ऑपरेशनल तैयारियां पूरी हो जाएंगी, एयरपोर्ट्स पर उड़ान सेवाएं सामान्य होने लगेंगी।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने रविवार को यह भी संकेत दिया कि अमेरिका के साथ चल रही वार्ता में कुछ 'प्रगति' हुई है, लेकिन अंतिम समझौता अभी भी काफी दूर है। फिलहाल दो हफ्ते का सीजफायर 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने कहा कि तेहरान एक ओर कूटनीतिक प्रयास कर रहा है, जबकि दूसरी ओर किसी भी सैन्य टकराव के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने विरोधियों पर भरोसा नहीं करता और किसी भी बढ़ते तनाव का जवाब देने के लिए तत्पर है।
शनिवार को दिए गए टीवी संबोधन में उन्होंने कहा कि हालिया संघर्ष वार्ता के दौरान ही शुरू हुआ था, और अमेरिका पर 'धोखे' का आरोप लगाया।
कलीबाफ ने कहा कि ईरान ने 'मैदान में भी और कूटनीति में भी' सफलता प्राप्त की है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि तनाव कभी भी बढ़ सकता है। बातचीत जारी है और हर आवश्यक कदम के लिए पूरी तैयारी भी है।
उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान अपने विरोधियों पर भरोसा नहीं करता, लेकिन वह स्थायी शांति चाहता है और ऐसे भरोसेमंद आश्वासनों की आवश्यकता है जिससे बार-बार युद्ध, सीजफायर और संघर्ष का चक्र समाप्त हो सके।