ईरानी स्पीकर ने मिनाब हमले के बच्चों को श्रद्धांजलि दी, पाकिस्तान में बातचीत से पहले भावुक तस्वीरें

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ईरानी स्पीकर ने मिनाब हमले के बच्चों को श्रद्धांजलि दी, पाकिस्तान में बातचीत से पहले भावुक तस्वीरें

सारांश

ईरानी स्पीकर ने पाकिस्तान में अमेरिका के साथ बातचीत से पहले एक भावुक तस्वीर साझा की है, जिसमें मिनाब स्कूल हमले के शहीद बच्चों की तस्वीरें हैं। यह तस्वीर उनके प्रति श्रद्धांजलि है और ईरान का संदेश भी।

Key Takeaways

  • ईरानी स्पीकर का पाकिस्तान दौरा
  • मिनाब स्कूल हमले की याद
  • अमेरिका के साथ बातचीत की तैयारी
  • भरोसे के बिना बातचीत
  • राजनैतिक प्रयासों में बेईमानी की चेतावनी

तेहरान, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के साथ बातचीत हेतु ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंच गया है। ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद गालिबफ को ले जा रहे विमान की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें मिनाब स्कूल हमले में शहीद हुए बच्चों की तस्वीरें विमान की सीटों पर रखी गई हैं। इन तस्वीरों के साथ बच्चों के स्कूल बैग और गुलाब के फूल भी रखे गए थे। यह एक भावुक दृश्य है, जो उन बच्चों को श्रद्धांजलि दे रहा है।

गालिबफ द्वारा साझा की गई तस्वीर के माध्यम से एक सशक्त संदेश दिया गया। एयरक्राफ्ट के अंदर, कई खाली सीटों पर मिनाब स्कूल की त्रासदी के पीड़ितों की फोटो और व्यक्तिगत सामान रखे गए थे। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, ये बच्चे अमेरिका-इजरायली हमले में शहीद हुए थे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीर साझा करते हुए गालिबफ ने लिखा, "मिनाब 168, इस विमान में मेरे साथी।" उन्होंने 28 फरवरी, 2026 को मिनाब के एक एलिमेंट्री स्कूल पर हुए हमले में जान गंवाने वाले बच्चों और स्टाफ को अपना साथी बताया।

इस घटना में लगभग 165 लोगों की मौत हुई और 100 से अधिक लोग घायल हुए। वहीं, पाकिस्तान में उच्चस्तरीय बातचीत के पूर्व, ईरान ने अपने पक्ष को मजबूत करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक स्पष्ट संदेश दिया है।

तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस्लामाबाद पहुंचने पर गालिबफ ने एक सावधानी भरा रुख अपनाया और कहा कि ईरान अच्छे इरादों के साथ लेकिन भरोसे के बिना बातचीत में शामिल हो रहा है।

गालिबफ ने बताया कि पिछली बातचीत के दौर ने लगातार ठोस नतीजे नहीं दिए हैं। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से, अमेरिकियों के साथ बातचीत का हमारा अनुभव हमेशा नाकामियों और अनुबंध उल्लंघन से भरा रहा है।"

तेहरान के संदर्भ में, गालिबफ ने जोर दिया कि कोई भी समझौता अमेरिका के दृष्टिकोण पर निर्भर करेगा।

उन्होंने कहा, "अगर अमेरिकी पक्ष एक वास्तविक समझौता करने और ईरानी लोगों के अधिकारों को मान्यता देने के लिए तैयार है, तो उन्हें समझौता करने के लिए हमारी तत्परता भी दिखाई देगी।"

गालिबफ ने राजनैतिक प्रयासों में बेईमानी के खिलाफ भी चेतावनी दी और कहा कि अगर बातचीत का उपयोग वास्तविक इरादे के बिना किया गया, तो ईरान इसका कठोर जवाब देगा।

अमेरिका की ओर से, जेडी. वेंस ने इस्लामाबाद जाने से पहले बातचीत के लिए खुलापन दिखाया, बशर्ते यह अच्छी नीयत से की जाए।

उन्होंने कहा, "अगर ईरान अच्छे इरादे से बातचीत करने को तैयार है, तो हम भी खुले हाथ बढ़ाने को तैयार हैं।" साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी, "अगर वे हमारे साथ खेलेंगे, तो उन्हें पता चलेगा कि बातचीत करने वाली टीम उतनी तैयार नहीं है।"

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस स्थिति पर टिप्पणी की। ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान बातचीत से पहले अपनी ताकत का अत्यधिक आकलन कर रहा है, और होर्मुज स्ट्रेट में तनाव को बड़े भू-राजनीतिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

Point of View

बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे युद्ध और आतंकवाद के शिकार बच्चे हमारे समाज की सबसे बड़ी चिंता बने हुए हैं।
NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

मिनाब स्कूल हमला कब हुआ था?
मिनाब स्कूल हमला 28 फरवरी, 2026 को हुआ था।
ईरानी स्पीकर ने क्या किया?
ईरानी स्पीकर ने पाकिस्तान में अमेरिका के साथ बातचीत से पहले मिनाब हमले के पीड़ित बच्चों को श्रद्धांजलि दी।
इस हमले में कितने लोग मारे गए थे?
इस हमले में कम से कम 165 लोग मारे गए थे।
गालिबफ ने किस प्लेटफॉर्म पर तस्वीर साझा की?
गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीर साझा की।
ईरान ने बातचीत में किस तरह का रुख अपनाया?
ईरान ने बातचीत में अच्छे इरादों के साथ लेकिन भरोसे के बिना शामिल होने का रुख अपनाया।
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