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क्या इस्कॉन मायापुर ने फर्जी रूम बुकिंग वेबसाइट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है?

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क्या इस्कॉन मायापुर ने फर्जी रूम बुकिंग वेबसाइट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है?

सारांश

इस्कॉन मायापुर ने फर्जी रूम बुकिंग वेबसाइट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। यह चेतावनी श्रद्धालुओं के लिए है। जानें कैसे ठगी के शिकार होने से बचें।

मुख्य बातें

फर्जी वेबसाइटों से बचें केवल आधिकारिक वेबसाइट पर बुकिंग करें धोखाधड़ी की रिपोर्ट करें सुरक्षित ऑनलाइन लेन-देन का ध्यान रखें धोखाधड़ी मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए

नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जैसे-जैसे त्योहारों का मौसम करीब आ रहा है, पश्चिम बंगाल के मायापुर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ बढ़ने लगी है। इस बीच, इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) मायापुर ने एक चेतावनी जारी की है।

संस्थान ने खुलासा किया है कि एक बड़ा ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क सक्रिय है, जो भक्तों और पर्यटकों से मायापुर में रूम बुकिंग के नाम पर धोखाधड़ी कर रहा है। इस संदर्भ में इस्कॉन ने एफआईआर दर्ज कराई है, जिससे पुलिस और साइबर क्राइम एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है।

इस्कॉन के अधिकारियों ने बताया कि ठगों ने कई नकली वेबसाइट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बना लिए हैं, जो पूरी तरह से असली लगते हैं। इन साइटों पर दावा किया जाता है कि वे मायापुर के प्रसिद्ध गेस्ट हाउस और आवासीय भवनों जैसे प्रभुपाद विलेज, इसोद्यान, गदा भवन, शंख भवन और गीता भवन में कमरे उपलब्ध कराते हैं। इन फर्जी वेबसाइटों में से एक की पहचान की गई है, और कई अन्य साइट्स तथा व्हाट्सऐप नंबर भी सक्रिय पाए गए हैं।

इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने कहा, "ये फर्जी वेबसाइट विशेष रूप से त्योहारों के समय श्रद्धालुओं को निशाना बनाती हैं जब मायापुर में रुकने की जगह मिलना कठिन हो जाता है। वेबसाइट पर आकर्षक तस्वीरें और भारी छूट का लालच दिया जाता है। लोग भरोसा करके ऑनलाइन पूरा भुगतान कर देते हैं, लेकिन बाद में न तो बुकिंग की पुष्टि होती है और न ही संपर्क नंबर या वेबसाइट काम करती है।"

श्रद्धालु केवल देश के विभिन्न हिस्सों से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी मायापुर आते हैं। कई लोग अपने बुजुर्ग माता-पिता और छोटे बच्चों के साथ यात्रा करते हैं। उन्हें लगता है कि उनकी बुकिंग पहले से की गई है, लेकिन मायापुर पहुंचने पर पता चलता है कि ऐसी कोई बुकिंग नहीं है। इससे न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि मानसिक तनाव और असहाय स्थिति का भी सामना करना पड़ता है।

इस्कॉन ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा है कि मायापुर में इस्कॉन से जुड़े किसी भी गेस्ट हाउस या भवन में कमरे की बुकिंग के लिए केवल एक आधिकारिक वेबसाइट है। इसके अलावा, किसी भी अन्य वेबसाइट, एजेंट, व्हाट्सऐप नंबर, या फोन कॉल के जरिए बुकिंग पूरी तरह से अनधिकृत और असुरक्षित है।

राधारमण दास ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक ठगी का नहीं है, बल्कि लोगों की आस्था और विश्वास के साथ किया गया अपराध है। इस्कॉन मायापुर की ओर से इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है और मामला कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंपा गया है। साइबर क्राइम विभाग भी इन फर्जी वेबसाइटों और डिजिटल लेन-देन की जांच कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भक्तों की भावनाओं और आस्थाओं के साथ खेला गया है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को मानसिक और आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस्कॉन ने फर्जी वेबसाइटों के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
इस्कॉन ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है और पुलिस तथा साइबर क्राइम एजेंसियों को इसकी जांच के लिए कहा है।
कैसे पहचानें कि कोई वेबसाइट फर्जी है?
फर्जी वेबसाइटों पर आकर्षक तस्वीरें और भारी छूट का लालच दिया जाता है। यदि बुकिंग की पुष्टि नहीं होती है, तो इसे फर्जी मानें।
क्या केवल एक आधिकारिक वेबसाइट है रूम बुकिंग के लिए?
हां, मायापुर में इस्कॉन से जुड़े गेस्ट हाउस के लिए केवल एक आधिकारिक वेबसाइट है।
राष्ट्र प्रेस
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