11 जुलाई 2026
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क्या जबलपुर से 101 कांवड़ियों ने बैजनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया? 36 वर्षों से बना हुआ है आस्था का क्रम

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क्या जबलपुर से 101 कांवड़ियों ने बैजनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया? 36 वर्षों से बना हुआ है आस्था का क्रम

सारांश

जबलपुर से 101 कांवड़ियों ने बाबा बैजनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया है। यह यात्रा 36 वर्षों से जारी है, जो श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। इस बार यात्रा में शामिल सभी भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।

मुख्य बातें

जबलपुर से 101 कांवड़ियों ने बैजनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया।
यात्रा 36 वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही है।
भक्त सुल्तानगंज से गंगा जल लेकर यात्रा करते हैं।
इस वर्ष यात्रा में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण है।
कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक है।

जबलपुर, 13 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। सावन की शुरुआत होते ही कांवड़ियों में एक अलग उत्साह देखा जा रहा है। इसी संदर्भ में, जबलपुर कांवर संघ द्वारा हर वर्ष की तरह इस बार भी बाबा बैजनाथ धाम की कांवर यात्रा का आयोजन किया गया है। इस वर्ष की यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हो रही है।

इस साल की बैजनाथ धाम कांवर यात्रा जगद्‌गुरु स्वामी राघव देवाचार्य महाराज के पावन सानिध्य एवं आशीर्वाद में आरंभ हुई। यात्रा का नेतृत्व संघ के अध्यक्ष एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष कमलेश अग्रवाल ने किया। यह भव्य यात्रा महानगरी एक्सप्रेस, जबलपुर स्टेशन से बाबा बैजनाथ धाम (देवघर) के लिए प्रस्थान की। यात्रा में भाग लेने वाले भक्तों के बीच श्रद्धा और उत्साह का वातावरण देखा गया। इस वर्ष जबलपुर से लगभग 101 कांवड़िए शामिल हुए हैं, जो सुल्तानगंज से पवित्र गंगा जल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए देवघर पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। यह यात्रा लगातार 36वें वर्ष आयोजित की जा रही है, जो श्रद्धालुओं की आस्था, सेवा भावना और बाबा बैजनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक है।

जगद्‌गुरु स्वामी राघव देवाचार्य ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कांवड़ यात्रा पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, "हमारा नगर निगम एमआई के पार्षद कमलेश अग्रवाल समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। वे 36 वर्षों से कांवड़ यात्रा में भाग ले रहे हैं। इस यात्रा में हर वर्ष 100 से 150 भक्त शामिल होते हैं।"

कमलेश अग्रवाल ने बताया, "प्रत्येक वर्ष की तरह, इस वर्ष भी हम सभी कांवड़ियों ने बैद्यनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया है। यह हमारी 36वें वर्ष की यात्रा है। हम सुल्तानगंज से जल भरकर लगभग 122 किलोमीटर पैदल चलते हैं। बाबा बैद्यनाथ ज्योर्तिलिंग हैं, वहां हमारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कांवड़ियों में बहुत उत्साह है और हमारी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सामाजिक एकता भी बढ़ती है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांवड़ यात्रा कब शुरू होती है?
कांवड़ यात्रा सावन के महीने में शुरू होती है।
बैजनाथ धाम कहाँ स्थित है?
बैजनाथ धाम झारखंड राज्य के देवघर में स्थित है।
कांवड़ यात्रा में कितने कांवड़िए शामिल हुए?
इस वर्ष जबलपुर से लगभग 101 कांवड़िए यात्रा में शामिल हुए हैं।
कांवड़ यात्रा का महत्व क्या है?
कांवड़ यात्रा श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है, जो भक्ति भाव से भगवान शिव के दर्शन का अवसर प्रदान करती है।
कांवड़ यात्रा में कितनी दूरी तय की जाती है?
कांवड़ यात्रा में भक्त लगभग 105 से 122 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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