राज्यसभा चुनाव: जगदीश राय का राजभर पर पलटवार — 'हमारा वोट पहले से कैसे जाना'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के भीतर राजनीतिक विद्रोह के स्वर तेज हो गए हैं। पार्टी विधायक जगदीश नारायण राय ने 3 अक्टूबर 2026 को पार्टी अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर के उस दावे पर तीखा पलटवार किया, जिसमें राजभर ने कहा था कि राय और साथी विधायक अब्बास अंसारी शुरू से ही समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ हैं। राय का यह बयान ऐसे समय आया है जब लखनऊ में राज्यसभा की सीटों के लिए राजनीतिक गतिविधियाँ अपने चरम पर हैं।
जगदीश राय का सीधा सवाल
पत्रकारों से बातचीत में जगदीश नारायण राय ने कहा, 'ओम प्रकाश, बड़े नेता हो गए हैं। उनका जवाब वही देंगे। हमसे उनसे कोई बातचीत नहीं है और न ही हमसे वह पूछें कि क्या करना है या क्या नहीं करना है। वह कैसे जान गए कि हम कहां वोटिंग करेंगे।' इस बयान में राय ने न केवल राजभर के दावे को नकारा, बल्कि अपने मतदान के रुख को लेकर किसी भी स्पष्टता से परहेज भी किया।
विवाद की जड़: अब्बास अंसारी की अखिलेश से मुलाकात
विवाद तब शुरू हुआ जब सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी ने 1 अक्टूबर को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से करीब एक घंटे की मुलाकात की। मुलाकात के बाद अंसारी ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब सपा राज्यसभा चुनाव में अपने तीसरे उम्मीदवार के लिए आवश्यक विधायकों की संख्या जुटाने की कोशिश कर रही है।
राजभर का दावा और पार्टी में फूट की आशंका
मुलाकात के बाद ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय सुभासपा के चुनाव चिह्न पर ज़रूर जीते, लेकिन दोनों शुरू से समाजवादी पार्टी के साथ रहे हैं। राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा ने गठबंधन के दौरान सुभासपा को नाम के लिए सीटें दीं, लेकिन वास्तव में अपने नेताओं को सुभासपा के चुनाव चिह्न पर लड़ाया। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक सूची में अब्बास अंसारी मऊ से और जगदीश नारायण राय जफराबाद से सुभासपा विधायक दर्ज हैं।
जगदीश राय की संतुलित लेकिन चुभती प्रतिक्रिया
राय ने अपने मतदान के रुख को लेकर कोई स्पष्ट संकेत देने से इनकार किया। उन्होंने कहा, 'कोई भी एक्स्ट्रा प्रत्याशी किसी भी पार्टी की तरफ से आने की संभावना नहीं है। सभी लोग निर्विरोध चुने जाएंगे। यह राजनीतिक लड़ाई है, सब हवा में बात करते हैं।' राजभर के साथ संबंधों पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, 'ओम प्रकाश राजभर के बयान पर कोई टिप्पणी मैंने कभी नहीं किया है और न करेंगे। उनके जैसे व्यक्तित्व को कुछ कहना अपनी कमजोरी महसूस होती है।'
राज्यसभा की राजनीति और आगे की राह
सपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार घोषित किया है। तीसरे उम्मीदवार को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ अभी जारी हैं, और इस संदर्भ में सुभासपा के दोनों विधायकों का अंतिम रुख चुनावी गणित के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। फिलहाल जगदीश राय ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वे किसे वोट देंगे — यही अस्पष्टता राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनी हुई है।