राजभर का अखिलेश पर बड़ा आरोप: 'अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण पहले से सपाई थे, धोखा दिया'
सारांश
मुख्य बातें
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 3 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में पार्टी विधायक अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण के राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं पर खुलकर बात की। उन्होंने सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। राजभर के अनुसार, दोनों विधायक चुनाव जीतने के बाद से ही सपा के साथ खड़े हैं और उन्होंने केवल सुभासपा का चुनाव चिह्न इस्तेमाल किया।
राजभर का अखिलेश पर सीधा हमला
ओमप्रकाश राजभर ने कहा, 'वे (अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण) जीते तब ही से समाजवादी पार्टी के हैं। चुनाव लड़े तब ही सपा के थे। वो खाली हमारा सिंबल लेकर चुनाव लड़े।' उन्होंने गठबंधन की व्यवस्था को लेकर कहा कि अखिलेश यादव ने सुभासपा को नाम पर 16 सीटें देने का वादा किया था, लेकिन उनमें से 12 सीटों पर खुद के उम्मीदवार उतार दिए।
राजभर ने तीखे शब्दों में कहा, 'यह अखिलेश यादव की धोखेबाजी है, चार सौ बीसी है। अखिलेश ने धोखा दिया। ये उन्हीं के लोग हैं। चुनाव से ही समाजवादी पार्टी का झंडा-डंडा लेकर घूमते हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज़ है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के संगठन विस्तार पर राजभर की प्रतिक्रिया
जब राजभर से उत्तर प्रदेश कांग्रेस में हाल के संगठनात्मक बदलावों पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह सामान्य प्रक्रिया है। उनके अनुसार, 'वोट कैसे पार्टी को मिले, इसके लिए संगठन का विस्तार होता है। समय-समय पर सभी पार्टियाँ करती हैं, तो कांग्रेस ने भी किया है।'
कांग्रेस नेता इमरान मसूद पर सवाल के जवाब में राजभर ने कहा कि पार्टी के असली मालिक सोनिया गांधी हैं, और उन्होंने यह माँग रखी कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए किसी मुस्लिम चेहरे की घोषणा करे। उन्होंने कहा, 'बहुत दिन मुसलमानों ने कांग्रेस को वोट दिया, तो कोई मुस्लिम चेहरा भी तो सीएम का घोषित करें।'
अभिजीत दीपके और सीईसी विवाद पर राजभर का रुख
सीजेपी के प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर राजभर ने कार्यकर्ता अभिजीत दीपके पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दीपके नीट परीक्षा के छात्र आंदोलन की आड़ में राजनीति कर रहे हैं। राजभर ने कहा, 'वे या तो कांग्रेस ज्वाइन कर लें, या सपा ज्वाइन कर लें, नहीं तो कोई पार्टी ज्वाइन करके कुर्ता-पायजामा पहनकर आकर माँगें।'
गौरतलब है कि राजभर ने दीपके पर छात्रों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'वे छात्रों को गुमराह न करें। छात्रों का आंदोलन अगर करना है तो छात्रों के साथ, छात्रों के हित की बात करें। ज्ञानेश कुमार से छात्रों का क्या ताल्लुकात है?'
विदेशी फंडिंग का आरोप
राजभर ने दीपके पर एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें 'शुद्ध रूप से विदेशी फंडिंग' मिलती है और वे सरकार को बदनाम करने तथा देश की आंतरिक गतिविधियाँ विदेश में लीक करने के उद्देश्य से अमेरिका से आए हैं। हालाँकि, राजभर ने इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया।
यह घटनाक्रम उत्तर प्रदेश की राजनीति में सुभासपा और सपा के बीच बढ़ती कड़वाहट का संकेत देता है, जो आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।