ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर हमला: '2027 में सपा साफ, साइकिल का चेन टूटा, टायर फटने वाला है'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने 19 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया। कन्नौज में सपा की जिला इकाई भंग किए जाने को आधार बनाते हुए राजभर ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का सफाया तय है।
एक्स पर क्या लिखा राजभर ने
ओमप्रकाश राजभर ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव से सीधे सवाल किया — 'अखिलेश जी, सुना है आपने अपनी पार्टी की कन्नौज जिला इकाई को भंग कर दिया है। ए महाराज, उनकी क्या गलती थी? जब आप खुद ही एसी, पीसी और ट्विटर की दुनिया से बाहर नहीं निकलेंगे तो जिला वाले बेचारे क्या करेंगे?' राजभर ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि जिस कन्नौज को अखिलेश यादव खानदानी विरासत समझकर 'खयाली गढ़' मानते आए थे, वहीं उनकी हैसियत सामने आ गई और कुर्सियाँ खाली रह गईं।
मुलायम-शिवपाल का ज़िक्र, अखिलेश पर निशाना
राजभर ने अपने पोस्ट में मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने खून-पसीना बहाकर कन्नौज को सपा का गढ़ बनाया था। उन्होंने अखिलेश यादव को अपने समय में पार्टी की दशा देखने की नसीहत दी। साइकिल के प्रतीक पर कटाक्ष करते हुए राजभर ने लिखा, 'साइकिल चलाने वाले असली नेता जा चुके हैं और अखिलेश यादव अपने पिता व चाचा की साइकिल का हैंडल सही तरीके से नहीं संभाल पाए।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'आपके लोडर भी समझ चुके हैं कि साइकिल का चेन टूट गया है, अब रिम टेढ़ा होने वाला है। टायर बस फटने ही वाला है।'
पीडीए राजनीति और सामाजिक समीकरण पर सवाल
राजभर ने अखिलेश यादव की पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश का गैर यादव पिछड़ा और बहुजन समाज अखिलेश यादव को पूरी तरह खारिज कर चुका है। गौरतलब है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा और सुभासपा दोनों इसी पिछड़े और बहुजन वोट बैंक पर दावेदारी जता रहे हैं — ऐसे में राजभर का यह हमला सामाजिक समीकरणों की लड़ाई का हिस्सा भी माना जा रहा है।
कन्नौज जिला इकाई भंग — पृष्ठभूमि
कन्नौज में सपा की जिला इकाई भंग किए जाने का यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब राजनीतिक दल 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। जिला इकाई भंग किए जाने के पीछे पार्टी की अपनी वजह और राजभर के राजनीतिक आरोप अलग-अलग विषय हैं; हालाँकि राजभर ने इस घटना को सपा के संगठनात्मक बिखराव के प्रमाण के रूप में पेश किया।
राजभर के हमलों का पैटर्न
यह पहली बार नहीं है जब ओमप्रकाश राजभर ने एक्स के ज़रिए अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर नियमित रूप से सपा प्रमुख की राजनीतिक रणनीति, पीडीए के दावों और पार्टी नेतृत्व को लेकर सोशल मीडिया पर कटाक्ष करते रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह 2027 से पहले सपा-विरोधी ध्रुवीकरण की व्यापक कोशिश का हिस्सा है। राजभर ने अपने पोस्ट का समापन करते हुए लिखा, 'ऐसे ही मैंने नहीं कहा था कि सत्ताईस में सपा साफ है!'