19 अक्टूबर 2026
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ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर हमला: '2027 में सपा साफ, साइकिल का चेन टूटा, टायर फटने वाला है'

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ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर हमला: '2027 में सपा साफ, साइकिल का चेन टूटा, टायर फटने वाला है'

सारांश

यूपी कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कन्नौज में सपा की जिला इकाई भंग होने को बहाना बनाकर अखिलेश यादव पर एक्स पर तीखा वार किया — साइकिल के चेन से टायर तक के रूपक में 2027 में सपा के सफाए का दावा। यह हमला महज कटाक्ष नहीं, 2027 से पहले पिछड़े वोट बैंक की लड़ाई का संकेत है।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश राजभर ने 19 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।
कन्नौज में सपा की जिला इकाई भंग किए जाने को राजभर ने सपा के संगठनात्मक पतन का प्रमाण बताया।
राजभर ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा का सफाया तय है — 'सत्ताईस में सपा साफ है।' राजभर ने सपा के 'साइकिल' प्रतीक पर कटाक्ष करते हुए कहा — 'चेन टूटा, रिम टेढ़ा होने वाला है, टायर फटने वाला है।' राजभर ने अखिलेश यादव की पीडीए राजनीति को खारिज करते हुए दावा किया कि गैर यादव पिछड़ा और बहुजन समाज सपा को नकार चुका है।

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने 19 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया। कन्नौज में सपा की जिला इकाई भंग किए जाने को आधार बनाते हुए राजभर ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का सफाया तय है।

एक्स पर क्या लिखा राजभर ने

ओमप्रकाश राजभर ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव से सीधे सवाल किया — 'अखिलेश जी, सुना है आपने अपनी पार्टी की कन्नौज जिला इकाई को भंग कर दिया है। ए महाराज, उनकी क्या गलती थी? जब आप खुद ही एसी, पीसी और ट्विटर की दुनिया से बाहर नहीं निकलेंगे तो जिला वाले बेचारे क्या करेंगे?' राजभर ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि जिस कन्नौज को अखिलेश यादव खानदानी विरासत समझकर 'खयाली गढ़' मानते आए थे, वहीं उनकी हैसियत सामने आ गई और कुर्सियाँ खाली रह गईं।

मुलायम-शिवपाल का ज़िक्र, अखिलेश पर निशाना

राजभर ने अपने पोस्ट में मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने खून-पसीना बहाकर कन्नौज को सपा का गढ़ बनाया था। उन्होंने अखिलेश यादव को अपने समय में पार्टी की दशा देखने की नसीहत दी। साइकिल के प्रतीक पर कटाक्ष करते हुए राजभर ने लिखा, 'साइकिल चलाने वाले असली नेता जा चुके हैं और अखिलेश यादव अपने पिता व चाचा की साइकिल का हैंडल सही तरीके से नहीं संभाल पाए।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'आपके लोडर भी समझ चुके हैं कि साइकिल का चेन टूट गया है, अब रिम टेढ़ा होने वाला है। टायर बस फटने ही वाला है।'

पीडीए राजनीति और सामाजिक समीकरण पर सवाल

राजभर ने अखिलेश यादव की पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश का गैर यादव पिछड़ा और बहुजन समाज अखिलेश यादव को पूरी तरह खारिज कर चुका है। गौरतलब है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा और सुभासपा दोनों इसी पिछड़े और बहुजन वोट बैंक पर दावेदारी जता रहे हैं — ऐसे में राजभर का यह हमला सामाजिक समीकरणों की लड़ाई का हिस्सा भी माना जा रहा है।

कन्नौज जिला इकाई भंग — पृष्ठभूमि

कन्नौज में सपा की जिला इकाई भंग किए जाने का यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब राजनीतिक दल 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। जिला इकाई भंग किए जाने के पीछे पार्टी की अपनी वजह और राजभर के राजनीतिक आरोप अलग-अलग विषय हैं; हालाँकि राजभर ने इस घटना को सपा के संगठनात्मक बिखराव के प्रमाण के रूप में पेश किया।

राजभर के हमलों का पैटर्न

यह पहली बार नहीं है जब ओमप्रकाश राजभर ने एक्स के ज़रिए अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर नियमित रूप से सपा प्रमुख की राजनीतिक रणनीति, पीडीए के दावों और पार्टी नेतृत्व को लेकर सोशल मीडिया पर कटाक्ष करते रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह 2027 से पहले सपा-विरोधी ध्रुवीकरण की व्यापक कोशिश का हिस्सा है। राजभर ने अपने पोस्ट का समापन करते हुए लिखा, 'ऐसे ही मैंने नहीं कहा था कि सत्ताईस में सपा साफ है!'

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह 2027 से पहले गैर यादव पिछड़े वोट बैंक को सपा से तोड़ने की सुनियोजित कोशिश है। दिलचस्प यह है कि जिस पीडीए फॉर्मूले पर अखिलेश यादव ने 2024 लोकसभा में बड़ी सफलता हासिल की थी, उसी को राजभर अब अपनी ज़मीन पर चुनौती दे रहे हैं। एक्स पर बार-बार के ये हमले बताते हैं कि NDA के भीतर सहयोगी दल भी अपनी अलग पहचान बनाए रखने की ज़रूरत महसूस कर रहे हैं। कन्नौज की घटना महज ट्रिगर थी — असली बात 2027 के सामाजिक समीकरण साधने की है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्यों हमला बोला?
राजभर ने कन्नौज में सपा की जिला इकाई भंग किए जाने को आधार बनाकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने इसे सपा के संगठनात्मक बिखराव और अखिलेश की जमीनी नेतृत्व से दूरी का प्रमाण बताया।
राजभर ने साइकिल के बारे में क्या कहा?
राजभर ने सपा के चुनाव चिह्न 'साइकिल' पर कटाक्ष करते हुए कहा कि साइकिल का चेन टूट गया है, रिम टेढ़ा होने वाला है और टायर फटने ही वाला है। यह टिप्पणी उन्होंने अखिलेश यादव की पार्टी पर नेतृत्व की कमज़ोरी दर्शाने के लिए की।
कन्नौज में सपा की जिला इकाई क्यों भंग की गई?
सपा ने अपनी कन्नौज जिला इकाई भंग कर दी, हालाँकि पार्टी की ओर से इसके पीछे की आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की गई है। राजभर ने इस घटना को अखिलेश यादव की जमीन से कटी राजनीति से जोड़ा, लेकिन पार्टी के आंतरिक कारण और राजभर के राजनीतिक आरोप अलग-अलग विषय हैं।
राजभर का '2027 में सपा साफ' दावा क्या दर्शाता है?
यह दावा 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा-विरोधी माहौल बनाने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है। राजभर ने यह भी दावा किया कि गैर यादव पिछड़ा और बहुजन समाज सपा को पूरी तरह खारिज कर चुका है, जो सपा के पीडीए फॉर्मूले पर सीधा प्रहार है।
ओमप्रकाश राजभर कौन हैं और उनकी राजनीतिक स्थिति क्या है?
ओमप्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष हैं। वे NDA गठबंधन के सहयोगी हैं और पिछड़े व बहुजन वर्ग में अपनी पैठ के आधार पर सपा के पीडीए दावों को चुनौती देते आए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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