14 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजभर का अखिलेश पर करारा प्रहार: '2027 में सपा साफ हो जाएगी, दिल्ली में मिल रही है बेइज्जती'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजभर का अखिलेश पर करारा प्रहार: '2027 में सपा साफ हो जाएगी, दिल्ली में मिल रही है बेइज्जती'

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक्स पर अखिलेश यादव पर तीखा व्यंग्य करते हुए कहा कि 'इंडिया ब्लॉक' में सपा की हैसियत शून्य है और 2027 में पार्टी का सफाया तय है। साथ ही उन्होंने सपा के तीन बागी विधायकों के भाजपा में शामिल होने का संकेत भी दिया।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश राजभर ने 14 अक्टूबर 2026 को एक्स पर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।
राजभर का दावा — 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का सफाया होगा।
उन्होंने अखिलेश यादव को 'इंडिया ब्लॉक' में 'पिछलग्गू' और 'ठगबंधन' में उपेक्षित बताया।
सपा के तीन बागी विधायकों के BJP में शामिल होने पर राजभर ने कहा कि अन्य असंतुष्ट विधायक भी जल्द आ सकते हैं।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी प्रदर्शन को राजभर ने 'काम न होने की निशानी' बताया।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 14 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा का सफाया तय है। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव दिल्ली में 'इंडिया ब्लॉक' के सहयोगियों के बीच तिरस्कार झेल रहे हैं और उनकी राजनीतिक हैसियत उनके 'मतलबी दोस्तों' ने सार्वजनिक रूप से उजागर कर दी है।

एक्स पर राजभर की तीखी टिप्पणी

राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'अखिलेश यादव, दिल्ली में पिछलग्गू बनके घूमने में मजा आ रहा है कि नहीं? ठगबंधन में आपकी असली हैसियत आपके दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों ने सबके सामने दिखा दी। ऐसा लग रहा है आपको बराती वाले ट्रैक्टर पर जबरिया ठूंस दिया गया हो।'

उन्होंने आगे लिखा, 'आपके समर्थक भी सोच रहे होंगे कि हम लोग जिनको 'अवतारी भैया-जी' बताते नहीं थकते थे, हमारे वही भइया जी, सबके सामने खुद ही 'लोडर' बनके भीड़ में खो जा रहे हैं। कुर्सी की ख्वाहिश पाले दरी बिछाने में लगे हैं। नैया की पतवार बड़के भैया राहुल जी के हाथ में चली गई है।'

राजभर ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनाव होने हैं, परंतु अखिलेश यादव दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं। उनके अनुसार, 'दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों से अखिलेश को सिवाय तिरस्कार के कुछ नहीं मिलने वाला।'

राहुल गांधी और 'इंडिया ब्लॉक' पर निशाना

राजभर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि सपा की 'नैया की पतवार' अब राहुल जी के हाथ में चली गई है। उन्होंने 'इंडिया ब्लॉक' को 'ठगबंधन' कहते हुए विपक्षी एकता पर सवाल उठाए। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में 'इंडिया ब्लॉक' एकजुट दिखने की कोशिश कर रहा था।

राजभर ने विपक्ष के इस प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'विपक्ष के पास कोई काम नहीं बचा है। इसलिए वे लगातार विरोध कर रहे हैं।'

सपा से बागी विधायकों पर बड़ा दावा

समाजवादी पार्टी के तीन बागी विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के संदर्भ में राजभर ने दावा किया कि ये विधायक 'लंबे समय से भाजपा के साथ हैं और आज केवल औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सपा के अन्य असंतुष्ट विधायक भी आगे चलकर भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ने लगी हैं और विभिन्न दलों में गठबंधन की रणनीति को लेकर हलचल तेज है।

अखिलेश के बयान पर पलटवार

अखिलेश यादव के इस बयान — 'भाजपा पैसे को छोड़कर किसी की सगी नहीं है' — पर राजभर ने पलटवार करते हुए कहा, 'जब वो अल्लाह को धोखा दे दिए, भगवान राम को धोखा दे दिए, तो अपने गिरेबान में झांक के देखें, दूसरे को क्या कह रहे हैं।' यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल की परंपरा का हिस्सा है जो चुनावी मौसम में और तेज़ हो जाती है।

आगे की राजनीतिक तस्वीर

राजभर का यह हमला 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले NDA और विपक्षी खेमे के बीच तेज़ होती ज़बानी जंग का हिस्सा है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयानों का मकसद सपा के आंतरिक असंतोष को उभारना और 'इंडिया ब्लॉक' की एकजुटता पर संदेह पैदा करना है। आने वाले महीनों में गठबंधन की राजनीति और सीट-बंटवारे के समीकरण तय करेंगे कि 2027 की लड़ाई किस दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सपा के लिए यह संगठनात्मक संकट का संकेत होगा। मुख्यधारा की कवरेज इस बयान को 'नेताओं की लड़ाई' तक सीमित कर देती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष 2027 तक एकजुट सीट-बंटवारे तक पहुँच पाएगा — क्योंकि 2022 में भी गठबंधन की खींचतान ने सपा को नुकसान पहुँचाया था।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव 'इंडिया ब्लॉक' में 'पिछलग्गू' बनकर घूम रहे हैं और दिल्ली में उनके सहयोगी उनका तिरस्कार कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर व्यंग्यात्मक भाषा में कहा कि सपा नेता की 'असली हैसियत' सार्वजनिक हो गई है।
राजभर ने 2027 के चुनाव के बारे में क्या कहा?
राजभर ने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का सफाया होगा। उनके अनुसार, अखिलेश यादव यूपी के बजाय दिल्ली में समय बिता रहे हैं, जिससे उनका ज़मीनी जनाधार कमज़ोर हो रहा है।
सपा के बागी विधायकों के भाजपा में शामिल होने पर राजभर ने क्या कहा?
राजभर ने कहा कि सपा के तीन बागी विधायक लंबे समय से भाजपा के साथ हैं और उनका शामिल होना केवल औपचारिकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अन्य असंतुष्ट सपा विधायक भी जल्द भाजपा में आ सकते हैं।
'इंडिया ब्लॉक' के विरोध प्रदर्शन पर राजभर का क्या रुख है?
राजभर ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'इंडिया ब्लॉक' के विरोध प्रदर्शन को बेकार की कवायद बताया। उनके अनुसार, 'विपक्ष के पास कोई काम नहीं बचा है, इसलिए वे लगातार विरोध कर रहे हैं।'
ओमप्रकाश राजभर कौन हैं और उनकी राजनीतिक भूमिका क्या है?
ओमप्रकाश राजभर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। वे NDA के घटक दल के नेता हैं और पूर्वांचल की राजनीति में प्रभावशाली माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले