ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर हमला: '2027 में सपा साफ, साइकिल का रिम-फ्रेम टेढ़ा होगा'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 15 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला और सीधे सवाल किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव ईमानदारी से हुए थे या नहीं। राजभर ने यह भी दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा का 'साइकिल का रिम-फ्रेम सब टेढ़ा होने वाला है।'
राजभर का केंद्रीय सवाल: 2024 में जीत कैसे?
राजभर ने अपनी एक्स पोस्ट में अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा, 'अखिलेश यादव जी, बस एक बात बता दीजिए; 2024 में लोकसभा चुनाव ईमानदारी से हुआ था या नहीं? 2017 में आप हारे, 2019 में आप हारे, 2022 में भी आप हारे लेकिन 2024 में जीत गए।' उन्होंने तर्क दिया कि यदि चुनाव-प्रक्रिया गलत थी, तो तीन चुनावों में हार और एक में जीत की व्याख्या कैसे होगी।
राजभर ने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र में 2014 से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है, इसलिए चुनावी हेरफेर का आरोप असंगत है। उन्होंने कहा कि 2024 में सपा के 37 सांसद संसद पहुँचे, जिनमें पाँच अखिलेश के अपने परिवार से थे — इसे राजभर ने 'हैसियत से ज़्यादा सीटें' करार दिया।
2027 को लेकर राजभर की चेतावनी
राजभर ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि अखिलेश यादव 2027 से पहले ही 'फर्जी भूमिका बाँधने में जुट गए हैं' और बहाना खोज रहे हैं। उन्होंने लिखा, 'तय मान लीजिए कि 2027 में आपकी साइकिल का टायर पंचर नहीं, फटने जा रहा है।' उनका कटाक्ष — 'कुछ आँसू बचाके रखिए। सत्ताइस में सपा साफ है अखिलेशजी' — सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ।
दिल्ली प्रदर्शन पर पहले भी कसा था तंज
गौरतलब है कि राजभर ने इससे पहले भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा था, जब सपा प्रमुख दिल्ली में एक विपक्षी प्रदर्शन में शामिल हुए थे। उस पोस्ट में राजभर ने लिखा था, 'दिल्ली में पिछलग्गू बनके घूमने में मजा आ रहा है कि नहीं?' और यह भी कहा कि अखिलेश को 'बारात वाले ट्रैक्टर पर जबरिया ठूंस दिया गया हो।'
उस पोस्ट में राजभर ने अखिलेश पर यह भी तंज कसा था कि उनकी नैया की पतवार कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हाथ में चली गई है और 'चुनाव यूपी में है और आप दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि
ओम प्रकाश राजभर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख हैं और फ़िलहाल भाजपा नीत गठबंधन के साथ उत्तर प्रदेश सरकार में शामिल हैं। वे पिछड़े वर्गों, विशेषकर राजभर समुदाय, के बीच प्रभावशाली माने जाते हैं। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों ओर से राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ होती जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में सभी प्रमुख दल 2027 की तैयारियों में जुट गए हैं और विपक्षी समाजवादी पार्टी सत्ता-वापसी के लिए जोड़-तोड़ में लगी है। राजभर का यह हमला एनडीए गठबंधन की ओर से सपा को चुनावी आधार पर घेरने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।