'इश्कनामा' में जय रंधावा: 'न सरहद पार की, न 40 साल इंतजार किया' — अपनी लव स्टोरी को नाम देने से किया इनकार
सारांश
मुख्य बातें
पंजाबी सिनेमा के अभिनेता जय रंधावा अपनी आगामी फिल्म 'इश्कनामा' को लेकर इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं। 24 जुलाई को भारत, कनाडा और ब्रिटेन समेत दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली यह फिल्म एक सच्ची प्रेम कहानी पर आधारित है, जिसमें एक प्रेमी ने अपने प्यार के लिए करीब 40 साल तक इंतजार किया।
जय रंधावा ने अपनी प्रेम कहानी पर क्या कहा
फिल्म की रिलीज से पहले जय रंधावा ने अपनी निजी जिंदगी और प्यार के बारे में बेबाकी से बात की। उन्होंने साफ कहा कि उनकी अपनी जिंदगी में ऐसा कोई अनुभव नहीं रहा जिसे 'इश्कनामा' जैसा भावपूर्ण नाम दिया जा सके।
जय रंधावा ने कहा, 'यह फिल्म निर्मल निम्मा की जिंदगी की घटना पर आधारित है। मेरी जिंदगी में ऐसा कुछ नहीं हुआ। मैंने किसी के लिए सरहद पार नहीं की और न ही 40 साल तक किसी का इंतजार किया। मैं अभी खुद 40 साल का भी नहीं हुआ हूं, जबकि निम्मा आज 72 साल के हैं और उन्होंने अपने प्यार के लिए करीब 40 साल इंतजार किया। इसलिए 'इश्कनामा' नाम उनकी कहानी पर पूरी तरह फिट बैठता है।'
उन्होंने आगे कहा, 'हर प्रेम कहानी अलग होती है और 'इश्कनामा' जैसा नाम सिर्फ उसी कहानी के लिए सही है, जिसमें इतना बड़ा त्याग, इंतजार और समर्पण हो। मेरी जिंदगी में ऐसा कोई अनुभव नहीं रहा, इसलिए मैं अपनी कहानी को इस तरह का नाम देने की कल्पना भी नहीं कर सकता।'
फिल्म की असली कहानी — निम्मा और नसीमा
फिल्म 'इश्कनामा' असली प्रेमी जोड़े निम्मा और नसीमा के जीवन पर आधारित है। इसकी पृष्ठभूमि 1981 से 1988 के बीच भारत-पाकिस्तान सीमा के आसपास की है। यह फिल्म 'हिंद पाक बॉर्डरनामा' किताब से प्रेरित है। गौरतलब है कि ऐसी सच्ची कहानियाँ पर्दे पर बेहद कम आती हैं, जो दर्शकों को किसी काल्पनिक कथा से कहीं अधिक प्रभावित करती हैं।
कलाकार और निर्माण टीम
फिल्म का निर्देशन अरविंदर एस. खैरा ने किया है, जबकि निर्माण की जिम्मेदारी सौरभ राणा और रवनीत कौर चहल ने संभाली है। जय रंधावा के साथ शहनाज गिल, सौरभ सचदेवा और कई अन्य कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का संगीत बी प्राक ने तैयार किया है और गीत जानी ने लिखे हैं।
निर्देशक और अभिनेता का नजरिया
निर्देशक अरविंदर एस. खैरा ने कहा, 'इश्कनामा किसी लेखक की कल्पना नहीं, बल्कि हकीकत में जी गई प्रेम कहानी है। एक फिल्ममेकर को बहुत कम ऐसी कहानियाँ मिलती हैं, जो कल्पना से भी ज्यादा असर छोड़ती हों। इस कहानी को बड़े पर्दे पर उतारना सम्मान की बात रही।'
जय रंधावा ने भी फिल्म की प्रामाणिकता पर जोर देते हुए कहा, 'अगर कलाकार ईमानदारी से काम करे तो जिम्मेदारी का बोझ अपने आप हल्का हो जाता है। पूरी टीम ने इस फिल्म को पूरी सच्चाई और मेहनत के साथ बनाया है। मुझे भरोसा है कि दर्शकों तक कहानी की असली भावना जरूर पहुंचेगी।'
रिलीज और वैश्विक पहुँच
फिल्म 'इश्कनामा' 24 जुलाई को भारत, कनाडा और ब्रिटेन समेत दुनिया भर के सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज होगी। पंजाबी प्रवासी दर्शकों के बीच भारत-पाकिस्तान सीमा की पृष्ठभूमि वाली यह प्रेम कहानी गहरी भावनात्मक प्रतिध्वनि पैदा कर सकती है।