क्या जम्मू-कश्मीर में न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है?
सारांश
Key Takeaways
- जम्मू-कश्मीर में न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है।
- अगले 48 घंटों में बादलों के छाए रहने की संभावना है।
- इस मौसम में बर्फबारी की कमी से जल संकट हो सकता है।
- स्थानीय लोग अधिक बर्फबारी की प्रार्थना कर रहे हैं।
- चिल्लई कलां 30 जनवरी को समाप्त होगा।
श्रीनगर, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर में स्वच्छ आसमान के कारण शुक्रवार को न्यूनतम तापमान में कमी देखी गई है, और मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में बादलों के छाए रहने की संभावना जताई है।
श्रीनगर का न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस, गुलमर्ग का माइनस 7 और पहलगाम का माइनस 6.2 डिग्री दर्ज किया गया है।
जम्मू शहर का रात का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस, कटरा का 6.5, बटोटे का 2.8, बनिहाल का माइनस 1.1 और भद्रवाह का माइनस 2.8 डिग्री रहा।
मौसम विभाग ने 2 से 5 जनवरी तक मौसम के सामान्यतः सूखा रहने का अनुमान लगाया है।
विभाग ने कहा है कि चिल्लई कलां का 40 दिन का कड़ाके की ठंड का दौर 21 दिसंबर से शुरू हुआ था, और इस मौसम में अब तक घाटी के मैदानी इलाकों में बर्फबारी नहीं हुई है। ऊपरी क्षेत्रों में और गुलमर्ग, सोनमर्ग जैसी कुछ पर्यटकीय स्थलों पर नए साल की पूर्व संध्या पर बर्फबारी हुई, जिससे पर्यटक खुश होकर नए साल का जश्न मना रहे हैं।
हालांकि, 40 दिन के चिल्लई कलां के दौरान भारी बर्फबारी न होने से गर्मियों के महीनों में आपदा आ सकती है।
जब पूछा गया कि पहाड़ों में पहले ही बर्फबारी हो चुकी है, तो आने वाले गर्मियों के महीनों में दिक्कतें कैसे आ सकती हैं, तो वैज्ञानिकों ने कहा, “यह बहुत आसान है। जब मैदानों में जमीन पर एक फुट बर्फ होती है, तो यह उम्मीद करना सही है कि ऊंचे इलाकों में पांच से सात फुट बर्फ गिरी होगी। जब गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसी जगहों पर एक फुट से कम बर्फ गिरती है, तो ऊंचे इलाकों में पानी के जलाशय कैसे भरेंगे?”
श्रीनगर, बडगाम, गांदरबल, अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा, शोपियां, बारामूला, बांदीपोरा और कुपवाड़ा के निवासियों को इस मौसम की पहली बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार है। इन क्षेत्रों के बच्चे इस मौसम की पहली बर्फबारी से जुड़े सभी मज़े मिस कर रहे हैं।
पर्यावरण कारणों से, स्थानीय लोग इस सर्दी में भरपूर बर्फबारी के लिए हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहे हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान भी सूखा मौसम बता रहा है, जबकि चिल्लई कलां 30 जनवरी को समाप्त होगा।