28 जून 2026
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रियासी में सीआईएसएफ की बस पलटी, 8 जवानों समेत 9 घायल; ताराकोट के पास हुआ हादसा

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रियासी में सीआईएसएफ की बस पलटी, 8 जवानों समेत 9 घायल; ताराकोट के पास हुआ हादसा

सारांश

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में रविवार दोपहर सीआईएसएफ की बस ताराकोट के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 8 जवान और चालक घायल हुए — तीन को नारायणा अस्पताल रेफर किया गया। यह पहाड़ी जिलों में बार-बार हो रहे सड़क हादसों की ताज़ा कड़ी है।

मुख्य बातें

28 जून 2026 को रियासी जिले के ताराकोट के पास सीआईएसएफ की बस दुर्घटनाग्रस्त हुई।
हादसे में 8 सीआईएसएफ जवान और बस चालक सहित कुल 9 लोग घायल ।
गंभीर रूप से घायल 3 जवानों को नारायणा अस्पताल रेफर किया गया; बाकी का स्थानीय अस्पताल में उपचार।
एक दिन पहले डोडा जिले में हुए हादसे में जैतून बीबी और इमाम दीन की मौत, चार घायल।
पुलिस ने रियासी दुर्घटना के कारणों की जाँच शुरू की; यातायात विभाग की विशेष टीमें पहाड़ी जिलों में तैनात।

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में 28 जून 2026 को रविवार दोपहर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों को ले जा रही एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें 8 सीआईएसएफ जवान और बस चालक सहित कुल 9 लोग घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जाँच शुरू कर दी है।

दुर्घटना का घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार यह हादसा रियासी जिले के ताराकोट इलाके के निकट हुआ। सीआईएसएफ की बस सुरक्षा कर्मियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए जा रही थी, तभी चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया और बस सड़क से फिसलकर पलट गई।

घायलों का उपचार

हादसे में गंभीर रूप से घायल तीन सीआईएसएफ जवानों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए नारायणा अस्पताल रेफर किया गया है। शेष घायल जवानों और बस चालक का स्थानीय अस्पताल में उपचार जारी है। फिलहाल सभी घायलों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

एक दिन पहले डोडा में भी हादसा

यह ऐसे समय में आया है जब इससे ठीक एक दिन पहले, शनिवार 27 जून को, डोडा जिले के भद्रवाह के बस्ती गाँव के पास एक वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा था। उस हादसे में 60 वर्षीय जैतून बीबी और 65 वर्षीय इमाम दीन की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए थे।

पहाड़ी जिलों में बार-बार दुर्घटनाएँ

पुलिस के मुताबिक, डोडा, किश्तवाड़, राजौरी, पुंछ, रामबन, उधमपुर और रियासी जैसे पहाड़ी जिलों में इस तरह के हादसे आए दिन होते रहते हैं। गौरतलब है कि खराब सड़कें, ओवरलोडिंग, तेज़ रफ़्तार, खतरनाक ओवरटेकिंग और लापरवाही से वाहन चलाना इन दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण बताए जाते हैं।

सड़क सुरक्षा के लिए प्रशासन के कदम

यातायात विभाग ने इन संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमित कार्रवाई की जा रही है। परिवहन विभाग ने पेट्रोल पंप संचालकों को बिना हेलमेट के दोपहिया चालकों को ईंधन न देने के निर्देश दिए हैं। नाबालिग चालकों के मामले में अभिभावकों पर जुर्माना, सजा और वाहन पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान है। रियासी हादसे की जाँच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

रामबन, किश्तवाड़ जैसे जिलों में लगातार हो रहे हादसे बताते हैं कि यातायात विभाग की विशेष टीमें और जागरूकता अभियान ज़मीन पर पर्याप्त असर नहीं डाल पा रहे। सुरक्षाबलों की बस का दुर्घटनाग्रस्त होना यह सवाल भी उठाता है कि क्या सरकारी वाहनों के रखरखाव और चालकों के प्रशिक्षण पर पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है। जब तक सड़क सुधार और चालक जवाबदेही को ठोस बजटीय प्रतिबद्धता नहीं मिलती, ये हादसे महज़ आँकड़े बनकर रह जाएँगे।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रियासी में सीआईएसएफ बस दुर्घटना कब और कहाँ हुई?
यह दुर्घटना 28 जून 2026 को रविवार दोपहर जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के ताराकोट इलाके के पास हुई। सीआईएसएफ की बस सुरक्षाकर्मियों को ले जा रही थी जब चालक का नियंत्रण बिगड़ गया।
हादसे में कितने लोग घायल हुए और उनका इलाज कहाँ हो रहा है?
हादसे में 8 सीआईएसएफ जवान और बस चालक सहित कुल 9 लोग घायल हुए। तीन गंभीर रूप से घायल जवानों को नारायणा अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि बाकी का उपचार स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।
क्या जम्मू-कश्मीर में इससे पहले भी इसी तरह का हादसा हुआ था?
हाँ, इस दुर्घटना से ठीक एक दिन पहले 27 जून को डोडा जिले के भद्रवाह के पास एक वाहन खाई में गिर गया था, जिसमें जैतून बीबी (60 वर्ष) और इमाम दीन (65 वर्ष) की मौत हो गई थी और चार लोग घायल हुए थे। रियासी, डोडा, रामबन जैसे पहाड़ी जिलों में इस तरह के हादसे अक्सर होते रहते हैं।
जम्मू-कश्मीर में सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारण क्या हैं?
पुलिस के अनुसार, खराब पहाड़ी सड़कें, ओवरलोडिंग, तेज़ रफ़्तार, खतरनाक ओवरटेकिंग और लापरवाही से वाहन चलाना इन दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। डोडा, किश्तवाड़, राजौरी, पुंछ, रामबन, उधमपुर और रियासी जैसे पहाड़ी जिले विशेष रूप से संवेदनशील हैं।
प्रशासन ने सड़क सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
यातायात विभाग ने पहाड़ी जिलों में विशेष टीमें तैनात की हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमित कार्रवाई हो रही है। पेट्रोल पंप संचालकों को बिना हेलमेट के दोपहिया चालकों को ईंधन न देने के निर्देश दिए गए हैं, और नाबालिग चालकों के मामले में अभिभावकों पर जुर्माना व वाहन पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान है।
राष्ट्र प्रेस
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