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वैष्णो देवी के पास बस पलटी, सीआईएसएफ के 8 जवान और चालक घायल; 3 की हालत गंभीर

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वैष्णो देवी के पास बस पलटी, सीआईएसएफ के 8 जवान और चालक घायल; 3 की हालत गंभीर

सारांश

वैष्णो देवी मंदिर के पास ताराकोट मार्ग पर रविवार को सीआईएसएफ जवानों की बस पलट गई। हादसे में 8 जवान और नागरिक चालक घायल हुए — तीन की हालत गंभीर है। ड्यूटी से लौट रहे जवान इस दुर्घटना का शिकार हुए।

मुख्य बातें

रियासी जिले में ताराकोट मार्ग पर 28 जून को सीआईएसएफ जवानों की बस पलट गई।
सीआईएसएफ के 8 जवान और नागरिक चालक वीरेंद्र सिंह घायल हुए।
हेड कांस्टेबल सैमी कुमार , हेड कांस्टेबल एम.एम.
दुबे और कांस्टेबल पी.के.
त्राया की हालत गंभीर।
तीनों गंभीर घायलों को कटरा के नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एक सब-इंस्पेक्टर और चालक को कटरा सीएचसी में भर्ती किया गया; हालत स्थिर।
जवान वैष्णो देवी में ड्यूटी पूरी कर कैंप लौट रहे थे, तभी हादसा हुआ।

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में माता वैष्णो देवी मंदिर के निकट ताराकोट मार्ग पर रविवार, 28 जून को एक बस पलटने से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के आठ जवान और नागरिक चालक वीरेंद्र सिंह घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, घायलों में से तीन जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसे का घटनाक्रम

अधिकारियों के मुताबिक, वैष्णो देवी मंदिर क्षेत्र में तैनात सीआईएसएफ के जवान ड्यूटी पूरी करने के बाद अपने कैंप वापस लौट रहे थे, तभी उनकी बस ताराकोट मार्ग पर पलट गई। यह मार्ग पहाड़ी और संकरा है, जो रियासी जिले के इस संवेदनशील धार्मिक क्षेत्र से होकर गुजरता है।

घायलों की स्थिति

पुलिस के अनुसार, हेड कांस्टेबल सैमी कुमार, हेड कांस्टेबल एम.एम. दुबे और कांस्टेबल पी.के. त्राया की हालत गंभीर है। इन तीनों को कटरा स्थित नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।

एक सब-इंस्पेक्टर और नागरिक चालक वीरेंद्र सिंह सहित अन्य घायलों को कटरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि उनकी हालत फिलहाल स्थिर है।

पहाड़ी मार्गों पर सड़क सुरक्षा की चुनौती

जम्मू-कश्मीर में सड़क दुर्घटनाएँ एक गंभीर और बार-बार सामने आने वाली समस्या हैं। रियासी, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जैसे जिलों में संकरी और घुमावदार सड़कें, गहरी खाइयाँ और अंधे मोड़ यात्रा को विशेष रूप से जोखिमभरा बनाते हैं। कई स्थानों पर क्रैश बैरियर, सुरक्षा दीवारें और चेतावनी संकेतों का अभाव भी हादसों की संभावना बढ़ाता है।

गौरतलब है कि इस क्षेत्र में बार-बार होने वाले भूस्खलन, घना कोहरा, भारी बारिश और पहाड़ियों से गिरने वाले पत्थर भी सड़क यात्रा को और अधिक खतरनाक बना देते हैं। ओवरलोडिंग, तेज़ रफ्तार और यातायात नियमों के कमज़ोर पालन को भी इन हादसों का प्रमुख कारण माना जाता है।

आगे की स्थिति

अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों की जाँच की जा रही है। गंभीर रूप से घायल तीनों जवानों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है। यह घटना उस समय हुई जब माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही अपने चरम पर रहती है और सुरक्षा बलों की तैनाती भी उसी अनुपात में अधिक होती है। आने वाले दिनों में इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसी दुर्घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैष्णो देवी के पास सड़क हादसे में कितने सीआईएसएफ जवान घायल हुए?
पुलिस के अनुसार, 28 जून को ताराकोट मार्ग पर बस पलटने से सीआईएसएफ के 8 जवान और नागरिक चालक वीरेंद्र सिंह घायल हुए। इनमें से तीन जवानों — हेड कांस्टेबल सैमी कुमार, हेड कांस्टेबल एम.एम. दुबे और कांस्टेबल पी.के. त्राया — की हालत गंभीर बताई गई है।
घायल जवानों को किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है?
गंभीर रूप से घायल तीन जवानों को कटरा स्थित नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक सब-इंस्पेक्टर और नागरिक चालक वीरेंद्र सिंह को कटरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती किया गया है, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी मार्गों पर सड़क दुर्घटनाएँ क्यों अधिक होती हैं?
रियासी, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जैसे जिलों में संकरी और घुमावदार सड़कें, अंधे मोड़, गहरी खाइयाँ और क्रैश बैरियर की कमी हादसों का प्रमुख कारण है। इसके अलावा भूस्खलन, घना कोहरा, भारी बारिश और तेज़ रफ्तार ड्राइविंग भी इन मार्गों को जोखिमभरा बनाते हैं।
क्या इस हादसे की जाँच हो रही है?
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हादसे के कारणों की जाँच की जा रही है। घायल जवानों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और आने वाले दिनों में इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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