जम्मू-कश्मीर: शोपियां-अनंतनाग में दो सड़क हादसों में सुरक्षाबलों के 11 जवान घायल
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के शोपियां और अनंतनाग जिलों में 28 जुलाई को सड़क दुर्घटनाओं की दो अलग-अलग घटनाओं में सुरक्षाबलों के 11 जवान घायल हो गए, जिनमें एक अधिकारी भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार दोनों हादसों में किसी भी तरह की संदिग्ध गड़बड़ी की आशंका नहीं है।
शोपियां हादसा: बंकर व्हीकल फिसली, 8 घायल
सोमवार देर रात शोपियां जिले के वाची इलाके में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) और पुलिसकर्मियों को ले जा रही एक बंकर व्हीकल मुख्य सड़क से फिसल गई। अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में एक इंस्पेक्टर सहित CRPF के सात जवान और एक स्थानीय पुलिसकर्मी घायल हुए।
अनंतनाग हादसा: पिकअप वैन ने ITBP बंकर को टक्कर मारी
दूसरी घटना अनंतनाग जिले के पहलगाम में हुई, जहाँ एक आम नागरिक की पिकअप वैन नियंत्रण बिगड़ने के बाद भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के अस्थायी बंकर से जा टकराई। इस हादसे में ITBP के तीन जवान और गाड़ी का ड्राइवर भी घायल हो गए।
एक दिन पहले अमरनाथ यात्री भी हुए थे हादसे का शिकार
यह ऐसे समय में आया है जब इससे ठीक एक दिन पहले, मंगलवार को गांदरबल जिले के हरिगनीवान इलाके में एक अलग सड़क हादसे में अमरनाथ यात्रा के 39 तीर्थयात्री घायल हो गए थे। यात्रियों को वापस ला रही एक बस सड़क से फिसलकर खाई में जा गिरी, जब ड्राइवर का वाहन पर से नियंत्रण हट गया।
सभी 39 घायल यात्रियों को श्रीनगर के सौरा स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि दो घायलों के सिर में चोटें आई थीं, परंतु किसी भी यात्री की हालत गंभीर नहीं थी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू घायलों से मिलने SKIMS पहुँचे और सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू ने एक्स पर लिखा, 'कांगन के गुंड में अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों के साथ हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे को लेकर बहुत चिंतित हूं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के निर्देश पर, घायलों के इलाज की निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने के लिए SKIMS का दौरा किया कि उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा देखभाल मिले।'
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा के मार्ग पर इस मौसम में यह एक और गंभीर सड़क हादसा है। पहाड़ी और संकरी सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार सतर्कता बरतने की अपील करते रहे हैं। प्रशासन की ओर से यातायात प्रबंधन और वाहन चालकों की निगरानी को और कड़ा किए जाने की उम्मीद है।