क्या जम्मू के रामबन में बादल फटने से मची तबाही से स्थिति सामान्य होगी?

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क्या जम्मू के रामबन में बादल फटने से मची तबाही से स्थिति सामान्य होगी?

सारांश

जम्मू के रामबन में बादल फटने से मची तबाही ने इलाके को हिलाकर रख दिया है। बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं ने कई परिवारों को प्रभावित किया है। प्रशासन राहत कार्य में जुटा है, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है। जानें पूरी ख़बर।

Key Takeaways

  • रामबन में बादल फटने से तबाही
  • 3 लोगों की मौत, 2 लापता
  • प्रशासन सक्रिय राहत कार्य में जुटा
  • अस्थायी राहत शिविर स्थापित
  • बारिश से अन्य जिलों में भी प्रभावित

जम्मू, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू संभाग को एक बार फिर प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ा है। शनिवार को रामबन जिले की राजगढ़ तहसील में बादल फटने के कारण कम से कम 3 लोगों की जान चली गई है। दो लोग अब भी लापता हैं। इस समय, प्रशासन और बचाव टीमें घटनास्थल पर सक्रिय हैं।

जानकारी के अनुसार, शनिवार की सुबह राजगढ़ क्षेत्र में बादल फटने से कई गांव प्रभावित हुए हैं। इस घटना ने क्षेत्र में व्यापक तबाही मचाई। तेज बहाव के चलते कई घर क्षतिग्रस्त हुए, जबकि कुछ पूरी तरह से बह गए। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं। बचाव दल मौके पर तुरंत पहुंच गए हैं और लापता लोगों की खोज के लिए अभियान जारी है।

इसके अतिरिक्त, प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विस्थापितों के लिए अस्थायी राहत शिविर भी स्थापित किए गए हैं, जहाँ उन्हें आश्रय, भोजन, पानी और बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त टीमें तैनात की जाएंगी।

इस सप्ताह की शुरुआत में, जम्मू संभाग में मूसलधार बारिश, अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने भीषण तबाही मचाई है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, अब तक बारिश से संबंधित घटनाओं में 36 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। विशेष रूप से, श्री माता वैष्णो देवी मंदिर के पास भूस्खलन के कारण जानमाल का भारी नुकसान हुआ है।

रियासी और डोडा जिलों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, नदियों का उफान और कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थितियाँ बनी हैं, जिससे 9 लोग मारे गए हैं। इसके अतिरिक्त, जम्मू, सांबा और कठुआ जैसे जिलों में संपत्ति और बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान हुआ है। लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

Point of View

यह कहना उचित होगा कि जम्मू संभाग में प्राकृतिक आपदाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जिससे न केवल जानमाल का नुकसान हो रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। प्रशासन को ऐसी स्थितियों में प्रभावी कदम उठाने की आवश्यक्ता है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

रामबन में बादल फटने की घटना कब हुई?
यह घटना 30 अगस्त को हुई जब बादल फटने से कई गांव प्रभावित हुए।
इस प्राकृतिक आपदा में कितने लोगों की मौत हुई?
अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है और दो लोग लापता हैं।
प्रशासन ने राहत के लिए क्या कदम उठाए हैं?
प्रशासन ने अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए हैं और प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने का प्रयास कर रहा है।
क्या अन्य जिलों में भी बाढ़ की स्थिति है?
हाँ, रियासी और डोडा जिलों में भी भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है।
लोगों को क्या सलाह दी गई है?
प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।