नए वीडियो में दिखा अमेरिकी हवाई हमले का ईरान में आईआरजीसी ठिकाने से जुड़ाव
सारांश
Key Takeaways
- ईरान के मिनाब शहर में हुआ हवाई हमला गंभीर मुद्दा है।
- अमेरिकी और ईरानी सरकारों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
- वीडियो में दिखी मिसाइल टॉमहॉक लैंड अटैक मिसाइल जैसी प्रतीत होती है।
- वीडियो ने अमेरिकी दावों को चुनौती दी है।
- 1332 ईरानी नागरिकों की मौत की पुष्टि की गई है।
वाशिंगटन, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के मिनाब शहर में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के नौसैनिक ठिकाने पर हुए हमले से संबंधित एक नया वीडियो जारी हुआ है। इस वीडियो में एक इमारत को लक्षित करके किए गए अमेरिकी हवाई हमले को दर्शाया गया है। यह ठिकाना एक प्राथमिक विद्यालय के निकट स्थित है। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, 28 फरवरी को हुए इस हमले में उस विद्यालय के 160 से अधिक छात्र मारे गए थे।
सेमी-ऑफिशियल ईरानी न्यूज एजेंसी मेहर न्यूज द्वारा साझा किया गया यह वीडियो पहली बार उस क्षेत्र में मिसाइल गिरते हुए दिखाता है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सीएनएन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि यह उन बढ़ते सबूतों में से एक है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर लगाए गए हालिया आरोपों को गलत साबित करते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो पास के एक निर्माण स्थल से रिकॉर्ड किया गया है। इसमें एक ऐसी मिसाइल दिखाई देती है, जो अमेरिका की टॉमहॉक लैंड अटैक मिसाइल (टीएलएएम) जैसी प्रतीत होती है। यह मिसाइल आईआरजीसी के ठिकाने के भीतर एक विशेष स्थान पर गिरती दिखाई देती है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इजराइल टॉमहॉक मिसाइल का उपयोग नहीं करता।
जेम्स मार्टिन सेंटर फॉर नॉनप्रोलिफरेशन स्टडीज़ के शोध सहयोगी सैम लेयर ने सीएनएन से कहा कि वीडियो में दिख रही मिसाइल की विशेषताएँ टॉमहॉक मिसाइल के समान हैं। लेयर के अनुसार, यह मिसाइल देखने में टीएलएएम जैसी लगती है, जिसका आकार क्रॉस जैसा होता है, जिसमें बीच में पंख होते हैं और पीछे की ओर टेल किट होता है।
उन्होंने कहा कि वीडियो की लोकेशन से स्पष्ट है कि एक क्रूज मिसाइल अड्डे के बीच की इमारतों में से एक पर गिरती है। हालांकि, वीडियो में स्कूल पर सीधे हमले को नहीं दिखाया गया है, लेकिन संभावना है कि स्कूल पर हुआ हमला भी उसी कार्रवाई का हिस्सा था।
सीएनएन ने अन्य हथियार विशेषज्ञों से भी बात की है, जिन्होंने इस आकलन से सहमति व्यक्त की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को मिनाब के स्कूल पर हुए हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था, जबकि सीएनएन और कई अन्य मीडिया संस्थानों के विश्लेषण इसके विपरीत संकेत देते हैं।
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, मिनाब के स्कूल पर हुए हमले के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया गया है।
ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत अमीर सईद इरावानी ने शुक्रवार को कहा कि 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में अब तक कम से कम 1332 ईरानी नागरिक मारे गए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा, हजारों लोग घायल हुए हैं।