जंतर-मंतर अराजकता की साजिश नाकाम: पंकज चौधरी बोले — चुनाव आते-आते बिखर जाएगा इंडी गठबंधन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने 11 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान जंतर-मंतर पर कथित अराजकता फैलाने के प्रयासों को लोकतंत्र के विरुद्ध साजिश करार दिया। उन्होंने दावा किया कि ये प्रयास विफल हो चुके हैं और लोकतंत्र की जीत हुई है। साथ ही उन्होंने इंडी गठबंधन को 'मजबूरी का गठबंधन' बताते हुए भविष्यवाणी की कि चुनाव आते-आते यह गठबंधन बिखर जाएगा।
जंतर-मंतर विवाद पर भाजपा का रुख
पंकज चौधरी ने कहा कि दिल्ली में जिस प्रकार अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है, वह देश को कमज़ोर करने की सोची-समझी साजिश है। उनके अनुसार, ऐसी कोशिशें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से की जा रही हैं। उन्होंने इस प्रयास को विफल बताते हुए कहा कि लोकतंत्र हर बार ऐसी चुनौतियों से मज़बूत होकर उभरता है।
अखिलेश यादव पर सीधा हमला
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर उत्तर प्रदेश के युवाओं और प्रदेश की छवि को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नौजवानों और किसानों ने सराहनीय काम किया है, लेकिन सपा प्रमुख उसकी प्रशंसा करने के बजाय नकारात्मक छवि गढ़ने में लगे हैं।
अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती के संदर्भ में चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी, जिसे योगी आदित्यनाथ ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव घबराए हुए हैं और उत्तर प्रदेश में वे जहाँ से भी चुनाव लड़ें, हार अवश्यंभावी है — यह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का दावा है।
इंडी गठबंधन पर तीखी टिप्पणी
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठजोड़ को निशाने पर लेते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि यह गठबंधन न तो नैसर्गिक है, न ही किसी साझी नीति या विचारधारा पर आधारित है — यह महज मजबूरी का परिणाम है। उन्होंने तर्क दिया कि जब गठजोड़ मजबूरी में बनता है, तो उसमें आंतरिक खींचतान स्वाभाविक होती है। उनका दावा है कि चुनाव नज़दीक आते ही पूरा इंडी गठबंधन टूट जाएगा।
कांग्रेस के आंतरिक विवाद पर भाजपा की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच हाल में हुए विवाद का ज़िक्र करते हुए पंकज चौधरी ने कांग्रेस को आत्ममंथन की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह सोचना चाहिए कि जनता बार-बार उससे दूरी क्यों बना रही है। उनके अनुसार, पार्टी चुनाव दर चुनाव हार रही है, लेकिन हार की समीक्षा करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर भ्रम फैलाने का काम कर रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं और सभी प्रमुख दल अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं। भाजपा के इस आक्रामक रुख से स्पष्ट है कि राज्य में राजनीतिक तापमान तेज़ी से बढ़ रहा है।