क्या जातिवाद के साथ खेलने वाला जल जाएगा? अमरिंदर सिंह राजा वडिंग
सारांश
Key Takeaways
- जातिवाद के नाम पर राजनीति करना हानिकारक है।
- पार्टी के भीतर चर्चा की आवश्यकता है।
- सभी समुदायों को समान प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
- धर्म और जाति के नाम पर राजनीति का विरोध आवश्यक है।
- असंतोष व्यक्त करते समय संयम बनाए रखना चाहिए।
चंडीगढ़, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत चन्नी के बयान पर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा है कि जो कोई भी जाति के नाम पर राजनीति करने का प्रयास करेगा, वह जलकर ख़ाक हो जाएगा।
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि बेहतर होगा कि इस तरह की बातें सार्वजनिक रूप से न आएं। हमें पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर गहन चर्चा करनी चाहिए। अगर किसी भी व्यक्ति ने जातिवाद की बात की, तो समझिए कि वह अपने आप को समाप्त कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी से अनजाने में ऐसा कुछ हुआ है, तो माफी मांग लेना चाहिए। हम पहले 17 तारीख को हाईकमान से मिलने वाले थे, लेकिन इसे टाल दिया गया है। मीटिंग कब होगी, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
भाजपा अध्यक्ष बनने पर नितिन नबीन को बधाई देते हुए अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि यह जीवन एक ही है, कब कौन चला जाए, इसका कोई भरोसा नहीं। देश में 140 करोड़ लोग हैं और आप सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष हैं। देश को एकजुट रखना आवश्यक है। यदि कोई धर्म और जाति के नाम पर देश को तोड़ने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ खड़े होना चाहिए।
प्रदेश सरकार और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हर जिम्मेदार व्यक्ति अलग-अलग बयान दे रहा है। धार्मिक और ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर लोगों तक गलत जानकारी नहीं पहुंचनी चाहिए।
पंजाब कांग्रेस की अनुसूचित जाति (एससी) शाखा की बैठक के दौरान चरणजीत चन्नी ने पार्टी में दलितों के लिए पर्याप्त प्रतिनिधित्व की कमी पर असंतोष व्यक्त किया था। चन्नी ने कहा कि राज्य अध्यक्ष, विपक्ष के नेता और छात्र और महिला संगठनों के प्रमुखों सहित अधिकांश महत्वपूर्ण पद वर्तमान में जाट सिख नेताओं के पास हैं। बैठक में दलित नेताओं ने उनके बयान के समर्थन में नारे लगाए, लेकिन बंद कमरे में हुई इस घटना का कोई वीडियो जारी नहीं किया गया है।