तमिलनाडु विधानसभा: टीवीके के जे.सी.डी. प्रभाकर निर्विरोध स्पीकर, रविशंकर डिप्टी स्पीकर चुने गए
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु की 17वीं विधानसभा के पहले सत्र में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के जे.सी.डी. प्रभाकर को 12 मई 2026 को निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) चुना गया, जबकि रविशंकर उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) के पद पर आसीन हुए। दोनों पदों के लिए किसी भी विरोधी उम्मीदवार ने नामांकन नहीं भरा, जिससे यह चुनाव बिना किसी मतदान के संपन्न हुआ।
पहला सत्र और शपथ ग्रहण
नई चुनी गई तमिलनाडु विधानसभा का पहला सत्र सोमवार, 12 मई 2026 से शुरू हुआ। सत्र से पूर्व चोलावंदन के विधायक करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया था। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इसके बाद मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विभिन्न दलों के विधायकों ने सदन में सदस्य के रूप में औपचारिक रूप से शपथ ली।
स्पीकर चुनाव की प्रक्रिया
विधानसभा की परंपरा के अनुसार, प्रोटेम स्पीकर करुप्पैया और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन नवनिर्वाचित स्पीकर जे.सी.डी. प्रभाकर को सदन में अध्यक्ष की कुर्सी तक ले गए। मुख्यमंत्री चंद्रशेखर जोसेफ विजय और उदयनिधि स्टालिन समेत ट्रेजरी और विपक्ष दोनों पक्षों के नेताओं ने नए स्पीकर और डिप्टी स्पीकर को बधाई दी। कार्यवाही पूरी तरह शांतिपूर्ण रही।
TVK सरकार और सदन का समीकरण
मुख्यमंत्री चंद्रशेखर जोसेफ विजय के नेतृत्व में गठित तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की गठबंधन सरकार 234 सदस्यों वाले सदन में 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। TVK ने कई सहयोगी दलों के समर्थन से सरकार बनाई है। एएमएमके विधायक कामराज ने सदन में TVK सरकार को समर्थन देते हुए भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री विजय अगले पाँच वर्षों में सुशासन देंगे और सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी।
सरकार का पहला बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री विजय ने जनहित को ध्यान में रखते हुए दो सप्ताह के भीतर धार्मिक स्थलों और स्कूलों के पास स्थित 717 शराब की दुकानें बंद करने का आदेश दिया है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, इनमें से 276 दुकानें धार्मिक स्थलों के निकट, 186 दुकानें शैक्षणिक संस्थानों के करीब और 255 दुकानें बस स्टैंड के आसपास संचालित हो रही थीं। यह कदम TVK सरकार का पहला उल्लेखनीय नीतिगत निर्णय माना जा रहा है।
आगे क्या
नई विधानसभा के गठन के साथ तमिलनाडु की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। TVK गठबंधन की स्थिरता और मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में नीतिगत प्राथमिकताओं पर अब सभी की नजर टिकी रहेगी। आने वाले सत्रों में सरकार के विधायी एजेंडे और विपक्ष की भूमिका पर राजनीतिक विश्लेषकों की पैनी नजर रहेगी।