क्या जीतू पटवारी का बयान महिलाओं को शराबी बताने के लिए उचित था?

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क्या जीतू पटवारी का बयान महिलाओं को शराबी बताने के लिए उचित था?

सारांश

जीतू पटवारी के विवादास्पद बयान ने मध्य प्रदेश में राजनीतिक हलचल मचा दी है। भाजपा ने उनके बयान की निंदा की है और माफी की मांग की है। क्या यह बयान महिलाओं के प्रति अपमानजनक है? जानिए इस मुद्दे पर विभिन्न दृष्टिकोण।

Key Takeaways

  • जीतू पटवारी का बयान विवादास्पद बन गया है।
  • भाजपा ने माफी की मांग की है।
  • महिलाओं के प्रति सम्मान का महत्व।
  • राजनीतिक बयानों का सामाजिक प्रभाव।
  • मध्य प्रदेश में शराब की खपत की स्थिति।

भोपाल, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हाल ही में राज्य में महिलाओं के शराब पीने को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसके चलते वह आलोचना के घेरे में हैं। भाजपा ने पटवारी से माफी मांगने की मांग की है और पार्टी हाईकमान से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है।

कांग्रेस लगातार मोहन सरकार पर हमलावर है और महिला अपराधों के साथ-साथ महिलाओं के शराब पीने के मुद्दे पर बयान देते हुए पटवारी ने कहा कि राज्य में महिलाओं की शराब पीने की प्रवृत्ति बढ़ रही है।

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पटवारी के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि राज्य की नौ करोड़ की जनसंख्या में से चार करोड़ महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का बयान देकर पटवारी ने इन बेटियों और बहनों का सार्वजनिक अपमान किया है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पटवारी के बयान पर भाजपा की प्रवक्ता नेहा बग्गा ने भी हमला किया। उनका कहना है कि जब नेताओं की सोच में कमजोरी होती है, तो वे झूठे आंकड़ों का सहारा लेते हैं। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि पटवारी की मानसिकता ही नशे में है, न कि महिलाएं।

संवाददाताओं से बातचीत में पटवारी ने कहा था कि मध्य प्रदेश को शराब की खपत में तमगा मिला है, और यह आंकड़ा alarmingly उच्च है।

Point of View

NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

जीतू पटवारी का क्या बयान था?
जीतू पटवारी ने कहा था कि मध्य प्रदेश में महिलाएं शराब पीती हैं और यह राज्य में शराब की खपत का एक बड़ा हिस्सा है।
भाजपा ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भाजपा ने पटवारी के बयान की निंदा की और उनसे माफी मांगने की मांग की।
क्या यह बयान महिलाओं के लिए अपमानजनक है?
बहुत से लोगों का मानना है कि इस तरह के बयान महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं।