क्या झारखंड में भाजपा का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला और सीबीआई जांच की मांग की?

सारांश
Key Takeaways
- भाजपा ने सीबीआई जांच की मांग की है।
- किसानों के अधिकारों की रक्षा का मुद्दा उठाया गया है।
- नगड़ी की उपजाऊ भूमि पर रिम्स-टू चिकित्सालय का निर्माण विवादित है।
- पुलिस द्वारा किसानों पर कार्रवाई की गई है।
- भाजपा का अस्पताल निर्माण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण है, लेकिन भूमि चयन का विरोध।
रांची, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के गोड्डा में सूर्या हांसदा पुलिस मुठभेड़ मामले की सीबीआई जांच की मांग और रांची में किसानों की उपजाऊ जमीन पर प्रस्तावित रिम्स-टू मेडिकल कॉलेज के निर्माण को रोकने के लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की।
भाजपा ने राज्यपाल को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि गोड्डा जिले के आदिवासी सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता सूर्या हांसदा को 11 अगस्त को पुलिस ने एक फर्जी मुठभेड़ में मार डाला। पुलिस ने 10 अगस्त को देवघर जिले से सूर्या को उठाया और 11 अगस्त को गोड्डा के महगामा में उनके एनकाउंटर में मारे जाने का दावा किया। उनके परिजनों का कहना है कि सूर्या बीमार थे और इलाज कराने के बाद लौटे थे, लेकिन गिरफ्तारी के बाद उनका न तो मेडिकल परीक्षण हुआ और न ही उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।
भाजपा ने कहा कि हांसदा पर दर्ज 24 मामलों में से 14 में वे बरी हो चुके थे और किसी भी अदालत ने उन्हें अपराधी नहीं ठहराया था। आरोप है कि पुलिस-राजनीति का गठजोड़ और अवैध खनन विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रहने के कारण सूर्या को साजिश के तहत मारा गया।
भाजपा ने राज्यपाल से इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने और पीड़ित परिवार व उनके वकील को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। ज्ञापन में भाजपा ने रांची के नगड़ी क्षेत्र में रैयत किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि पर रिम्स द्वितीय अस्पताल के निर्माण का भी कड़ा विरोध किया है।
पार्टी ने कहा कि सरकार ने किसानों की सहमति और मुआवज़ा दिए बिना उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। इसके विरोध में 24 अगस्त को शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। भाजपा ने इसे आदिवासी अस्मिता और किसान हित पर हमला करार दिया।
भाजपा ने कहा कि वह अस्पताल के निर्माण का विरोध नहीं करती, लेकिन सरकार को इसके लिए बंजर या वैकल्पिक भूमि का चयन करना चाहिए। नगड़ी की रैयती जमीन पर निर्माण सीएनटी एक्ट और भूमि अधिग्रहण कानून का उल्लंघन है।
भाजपा ने किसानों पर दर्ज मुकदमों की वापसी और जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग भी की। राज्यपाल से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में सांसद आदित्य प्रसाद साहू, विधायक सीपी सिंह और नवीन जायसवाल समेत पार्टी के कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल थे।