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खूंटी मुठभेड़: पीएलएफआई उग्रवादी श्रवण दास के पैर में गोली, जंगल से 3 हथियार बरामद

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खूंटी मुठभेड़: पीएलएफआई उग्रवादी श्रवण दास के पैर में गोली, जंगल से 3 हथियार बरामद

सारांश

झारखंड के खूंटी में हथियार बरामदगी अभियान के दौरान पीएलएफआई उग्रवादी श्रवण दास ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी और जंगल से तीन हथियार बरामद हुए।

मुख्य बातें

21 जून को खूंटी के कर्रा-जरियागढ़ सीमा क्षेत्र के जंगल में पुलिस और पीएलएफआई उग्रवादी के बीच मुठभेड़ हुई।
उग्रवादी श्रवण दास ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने और फायरिंग करने का प्रयास किया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में श्रवण दास के पैर में गोली लगी; उसे अस्पताल भेजा गया।
श्रवण दास की निशानदेही पर जंगल से तीन हथियार बरामद किए गए।
पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे; इलाके में सर्च अभियान जारी।

झारखंड के खूंटी जिले में रविवार, 21 जून की सुबह पुलिस और प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के उग्रवादी श्रवण दास के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, कर्रा-जरियागढ़ सीमा क्षेत्र के जंगल में हथियार बरामदगी अभियान के दौरान श्रवण दास ने एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने और फायरिंग करने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।

मुठभेड़ की पृष्ठभूमि

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, श्रवण दास को इससे पहले खूंटी जिले में फायरिंग, वाहनों में आगजनी और ठेकेदारों से लेवी वसूली जैसी गंभीर आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि जरियागढ़ इलाके के जंगलों में बड़ी मात्रा में हथियार छिपाए गए हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम उसे रविवार सुबह हथियार बरामदगी के लिए उक्त स्थान पर ले गई।

मुख्य घटनाक्रम

जंगल में पहुँचते ही श्रवण दास ने मौके का फायदा उठाते हुए अचानक एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और जंगल की ओर भागते हुए फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम ने स्थिति को नियंत्रित करने और आत्मरक्षा के उद्देश्य से जवाबी फायरिंग की, जिसमें उग्रवादी के पैर में गोली लग गई। घायल श्रवण दास को तत्काल पुलिस हिरासत में लेकर अस्पताल भेज दिया गया।

हथियार बरामदगी और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

घटना की सूचना मिलते ही खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। पुलिस ने इलाके में व्यापक सर्च अभियान भी चलाया। श्रवण दास की निशानदेही पर मौके से तीन हथियार बरामद किए गए। बरामद हथियारों के प्रकार और उनके संभावित इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जाँच जारी है।

क्या होगा आगे

पुलिस के अनुसार, पीएलएफआई के नेटवर्क और हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला को लेकर आगे की जाँच की जा रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब झारखंड में वामपंथी उग्रवाद से जुड़ी गतिविधियों पर सुरक्षाबलों का दबाव लगातार बना हुआ है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आगामी दिनों में इस क्षेत्र में और अभियान चलाए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

न केवल मैदानी उग्रवादियों को पकड़ा जाए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खूंटी मुठभेड़ में क्या हुआ?
21 जून को झारखंड के खूंटी जिले में हथियार बरामदगी अभियान के दौरान पीएलएफआई उग्रवादी श्रवण दास ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने और फायरिंग करने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे अस्पताल भेजा गया।
पीएलएफआई उग्रवादी श्रवण दास को पहले किस आरोप में गिरफ्तार किया गया था?
पुलिस के अनुसार, श्रवण दास को खूंटी जिले में फायरिंग, वाहनों में आगजनी और ठेकेदारों से लेवी वसूली की घटनाओं में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने जरियागढ़ के जंगलों में हथियार छिपे होने की जानकारी दी थी।
मुठभेड़ स्थल से कितने और कौन से हथियार बरामद हुए?
श्रवण दास की निशानदेही पर कर्रा-जरियागढ़ सीमा क्षेत्र के जंगल से तीन हथियार बरामद किए गए हैं। बरामद हथियारों के प्रकार और उनके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जाँच अभी जारी है।
पीएलएफआई क्या है और झारखंड में इसकी गतिविधियाँ कैसी हैं?
पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) झारखंड में सक्रिय एक प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन है। यह संगठन लेवी वसूली, फायरिंग और आगजनी जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार माना जाता है और सुरक्षाबल इसके नेटवर्क के विरुद्ध लगातार अभियान चला रहे हैं।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस ने इलाके में व्यापक सर्च अभियान शुरू किया है और पीएलएफआई के हथियार नेटवर्क की आगे जाँच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने मौके का दौरा किया और संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में और अभियान चलाए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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