25 सितंबर 2026
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झारखंड में कानून-व्यवस्था चरमराई, जमशेदपुर बैंक लूट पर BJP प्रवक्ता तुहिन सिन्हा का सोरेन सरकार पर हमला

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झारखंड में कानून-व्यवस्था चरमराई, जमशेदपुर बैंक लूट पर BJP प्रवक्ता तुहिन सिन्हा का सोरेन सरकार पर हमला

सारांश

BJP राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने जमशेदपुर में दिनदहाड़े हुई बैंक लूट को ढाल बनाते हुए हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा। उनका आरोप है कि झारखंड 1995-2000 के अपराध-ग्रस्त बिहार जैसी स्थिति की ओर लौट रहा है और जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने 25 सितंबर 2026 को जमशेदपुर में हेमंत सोरेन सरकार पर कानून-व्यवस्था चरमराने का आरोप लगाया।
जमशेदपुर में दिनदहाड़े हुई बैंक लूट को सिन्हा ने 1995–2000 के अविभाजित बिहार-झारखंड के अपराध-काल से जोड़ा।
सिन्हा ने दावा किया कि DBT और डिजिटल तकनीक से पिछले एक दशक में करोड़ों लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।
पूर्व PM राजीव गांधी के '1 रुपये में 15 पैसे' वाले बयान का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर कटाक्ष किया।
SIR को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों को खारिज करते हुए चुनावी पारदर्शिता का पक्ष लिया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने 25 सितंबर 2026 को जमशेदपुर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार पर कानून-व्यवस्था, खनन नीति और विकास के मोर्चे पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में प्रशासन की अनदेखी के चलते आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। जमशेदपुर में हुई दिनदहाड़े बैंक लूट की घटना को आधार बनाते हुए सिन्हा ने कहा कि यह स्थिति उन्हें 1995 से 2000 के बीच के अविभाजित बिहार-झारखंड के अपराध-ग्रस्त दौर की याद दिला रही है।

कानून-व्यवस्था पर सवाल

सिन्हा ने कहा कि पंजाब, झारखंड और अन्य विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार का ध्यान प्रशासन के बजाय राजनीतिक मुद्दों पर अधिक केंद्रित है, जिसके कारण प्रदेश में आए दिन आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं। जमशेदपुर में हुई बैंक लूट की घटना को उन्होंने सरकार की विफलता का प्रमाण बताया।

दीनदयाल उपाध्याय जयंती और अंत्योदय का संदर्भ

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए सिन्हा ने 'अंत्योदय' और 'एकात्म मानववाद' के विचारों की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि अंत्योदय का सार समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने डिजिटल तकनीक और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से इसी दिशा में कार्य किया है।

DBT और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर दावे

सिन्हा ने दावा किया कि डीबीटी के ज़रिये बड़ी मात्रा में सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुँच रही है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस पुराने बयान का उल्लेख किया जिसमें कहा गया था कि सरकारी खर्च के एक रुपये में से मात्र 15 पैसे ही गरीबों तक पहुँचते थे। सिन्हा का दावा है कि डिजिटल व्यवस्था ने इस स्थिति को बदल दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले एक दशक में बड़ी संख्या में लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

राजस्व बनाम पूंजीगत व्यय पर चेतावनी

सिन्हा ने आगाह किया कि यदि राज्य सरकारें राजस्व व्यय बढ़ाती रहें और पूंजीगत व्यय व इंफ्रास्ट्रक्चर पर पर्याप्त ध्यान न दें, तो विकास में असंतुलन पैदा हो सकता है। गौरतलब है कि यह टिप्पणी झारखंड के बजटीय प्राथमिकताओं की आलोचना के संदर्भ में आई।

SIR और चुनाव प्रक्रिया पर रुख

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों को सिन्हा ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करना संवैधानिक दायित्व है। सिन्हा के अनुसार, कांग्रेस इस मुद्दे पर अनावश्यक संशय फैला रही है, जबकि वर्तमान चुनाव प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी हो चुकी है और दोबारा मतदान की घटनाओं में कमी आई है। झारखंड में BJP और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच यह टकराव आने वाले महीनों में और तेज़ होने के संकेत दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें तथ्यात्मक बारीकी की कमी है। 1995-2000 के बिहार-झारखंड से तुलना भावनात्मक रूप से प्रभावशाली है, परन्तु दोनों कालखंडों के अपराध-आँकड़ों की वस्तुनिष्ठ तुलना के बिना यह महज़ एक राजनीतिक रूपक है। DBT और गरीबी उन्मूलन के दावे केंद्र सरकार की उपलब्धियों के रूप में प्रासंगिक हैं, किंतु इनका झारखंड की कानून-व्यवस्था से सीधा संबंध जोड़ना विषयांतरण जैसा प्रतीत होता है। असली प्रश्न यह है कि बैंक लूट की जाँच में अब तक क्या हुआ — जिसका उत्तर न सिन्हा ने दिया, न ही सोरेन सरकार की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आई।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुहिन सिन्हा ने झारखंड सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
BJP राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने आरोप लगाया है कि हेमंत सोरेन सरकार प्रशासन की बजाय राजनीतिक मुद्दों पर ध्यान दे रही है, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है और जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने जमशेदपुर में दिनदहाड़े हुई बैंक लूट को इसका उदाहरण बताया।
जमशेदपुर बैंक लूट की घटना क्या है जिसका BJP ने उल्लेख किया?
सिन्हा के अनुसार जमशेदपुर में दिन के समय एक बैंक में लूट की घटना हुई, जिसे उन्होंने झारखंड में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का प्रमाण बताया। उन्होंने इसे 1995 से 2000 के बीच के अविभाजित बिहार-झारखंड के अपराध-काल से जोड़ा।
SIR क्या है और BJP का इस पर क्या रुख है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण, मतदाता सूची को शुद्ध करने की एक चुनावी प्रक्रिया है। सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस इस प्रक्रिया पर अनावश्यक संशय फैला रही है, जबकि पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना संवैधानिक दायित्व है।
तुहिन सिन्हा ने राजीव गांधी के '15 पैसे' वाले बयान का उल्लेख क्यों किया?
सिन्हा ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि सरकारी खर्च के एक रुपये में से केवल 15 पैसे ही गरीबों तक पहुँचते हैं। इसके ज़रिये उन्होंने यह तर्क दिया कि केंद्र की DBT प्रणाली ने इस रिसाव को रोककर सरकारी लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाया है।
BJP का झारखंड सरकार के विकास कार्यों पर क्या कहना है?
सिन्हा ने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार राजस्व व्यय बढ़ाती रहे और पूंजीगत व्यय तथा इंफ्रास्ट्रक्चर की उपेक्षा करे, तो झारखंड के समग्र विकास में असंतुलन आ सकता है। यह टिप्पणी उन्होंने सोरेन सरकार की बजटीय प्राथमिकताओं की आलोचना के रूप में की।
राष्ट्र प्रेस
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