जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए नया आतंकवाद-रोधी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू
सारांश
Key Takeaways
- जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए आतंकवाद-रोधी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की शुरुआत।
- प्रशिक्षण 7 से 18 अप्रैल, 2026 तक चलेगा।
- कुल 108 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
- प्रशिक्षण में ड्रोन और ड्रोन-रोधी उपायों का उपयोग सिखाया जाएगा।
- उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
जम्मू, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए 'आतंकवाद-रोधी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम' मंगलवार को सेना के टाइगर डिवीजन में आरंभ हुआ।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील बार्टवाल ने बताया कि टाइगर डिवीजन में जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए आतंकवाद-रोधी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में भारतीय पुलिस सेवा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जम्मू-कश्मीर सशस्त्र) और टाइगर डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग आनंद जैन, भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
यह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 7 से 18 अप्रैल, 2026 तक निर्धारित है, जिसे भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ नेतृत्व ने मिलकर विकसित किया है।
इस पहल का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के जटिल सुरक्षा वातावरण में परिचालन संबंधी तालमेल और प्रक्रियाओं के मानकीकरण को मजबूत करना है।
मीरान साहिब ब्रिगेड में कुल 108 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें आतंकवाद विरोधी प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए विभिन्न परिचालन पहलुओं का समावेश होगा।
इस प्रशिक्षण में पुलिस को नई पीढ़ी के उपकरणों, ड्रोन और ड्रोन-रोधी उपायों का इस्तेमाल सिखाया जाएगा। यह कार्यक्रम कनिष्ठ नेतृत्व क्षमताओं को सशक्त बनाने पर केंद्रित है, जो आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पिछले वर्षों में, भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा कठुआ, दुदू-बसंतगढ़, डोडा, किश्तवाड़ और राजौरी जैसे क्षेत्रों में किए गए कई संयुक्त अभियानों ने समन्वय और आपसी विश्वास के महत्व को उजागर किया है।
यह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम इन क्षमताओं को और सशक्त करेगा तथा सुरक्षा बलों के बीच समन्वय और सहयोग को बढ़ाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए इस प्रकार के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आवश्यक हैं।
यह पहल क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के प्रति भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल मिलकर क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं।