क्या जोधपुर में लोकदेवता बाबा रामदेव का भव्य मेला शुरू हो गया है?

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क्या जोधपुर में लोकदेवता बाबा रामदेव का भव्य मेला शुरू हो गया है?

सारांश

जोधपुर में बाबा रामदेव मेले का शुभारंभ महा आरती के साथ हुआ है। हजारों श्रद्धालु शामिल हुए हैं। यह मेला भाद्रपद शुक्ल दशमी तक चलेगा, जिसमें लाखों भक्त भाग लेंगे। जानिए इस मेले की खासियत और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में।

Key Takeaways

  • बाबा रामदेव का मेला धार्मिक आस्था का प्रतीक है।
  • महामहा आरती में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।
  • बाबा रामदेव का प्रकट दिवस भाद्रपद शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है।
  • पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं।
  • मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है।

जोधपुर, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिमी राजस्थान में महाकुंभ के रूप में मशहूर बाबा रामदेव (रामसा पीर) मेले का आगाज़ जोधपुर के मसूरिया में स्थित बाबा रामदेव मंदिर में भाद्रपद शुक्ल द्वितीया (बीज) के दिन भव्य महा आरती के साथ हुआ।

यह मंदिर लोक देवता बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ की समाधि स्थल पर स्थित है। इस मेले में हजारों श्रद्धालु महा आरती में शामिल हुए। यह मेला भाद्रपद शुक्ल दशमी तक चलेगा, जिसमें लाखों भक्त बाबा के दर्शन के लिए पहुंचेंगे।

एडिशनल एसपी सुनील के. पवार ने बताया कि मेले के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था की है। हर स्थान पर पुलिस बल तैनात किया गया है और महिला श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कालिका टीम को भी लगाया गया है। इस बार बाहर और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालु जोधपुर के बजाय सीधे जैसलमेर के रामदेवरा जाएंगे। भाद्रपद दूज और दशमी के दिन सबसे अधिक भीड़ होती है। मेले में राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

एसीपी आनंद कुमार ने बताया कि दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु जुट रहे हैं। पुलिस व्यवस्था को सेक्टरों में विभाजित किया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था सुचारू बनी रहे। उन्होंने कहा, "हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो।"

बाबा रामदेव का प्रकट दिवस भाद्रपद शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है। इस अवसर पर जोधपुर के मसूरिया और जैसलमेर के रामदेवरा (रूणीचा) में मेले का आयोजन होता है। श्रद्धालु ट्रेन, बस और निजी वाहनों से पहुंचते हैं, लेकिन सबसे अधिक भक्त पैदल यात्रा करते हैं। ये श्रद्धालु मसूरिया पहाड़ी पर बाबा रामदेव मंदिर में दर्शन के बाद जैसलमेर के पोकरण में बाबा की समाधि स्थल पर माथा टेककर अपनी यात्रा पूरी करते हैं। मेले में भक्तों की आस्था और उत्साह चरम पर रहता है।

Point of View

बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता और एकता का भी प्रदर्शन करता है। प्रशासन की ओर से की गई सुरक्षा व्यवस्था यह दर्शाती है कि समाज की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

बाबा रामदेव मेला कब शुरू हुआ?
बाबा रामदेव मेला २५ अगस्त को भाद्रपद शुक्ल द्वितीया के दिन शुरू हुआ।
बाबा रामदेव मंदिर कहाँ स्थित है?
बाबा रामदेव मंदिर जोधपुर के मसूरिया में स्थित है।
इस मेले में कितने श्रद्धालु शामिल होते हैं?
इस मेले में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
मेले में सुरक्षा व्यवस्थाएं कैसी हैं?
मेले में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है और विशेष टीमों का गठन किया गया है।
बाबा रामदेव का प्रकट दिवस कब मनाया जाता है?
बाबा रामदेव का प्रकट दिवस भाद्रपद शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है।
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