क्या जोधपुर में अक्षरधाम मंदिर का निर्माण पूर्णता की ओर है?

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क्या जोधपुर में अक्षरधाम मंदिर का निर्माण पूर्णता की ओर है?

सारांश

जोधपुर में अक्षरधाम मंदिर का भव्य निर्माण अंतिम चरण में है। २५ सितंबर को प्रतिष्ठा समारोह में लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति की संभावना है। यह मंदिर भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण प्रतीक बनेगा।

Key Takeaways

  • जोधपुर में भव्य अक्षरधाम मंदिर का निर्माण अंतिम चरण में है।
  • २५ सितंबर को प्रतिष्ठा समारोह होगा।
  • मंदिर का निर्माण जोधपुरी पत्थर से हो रहा है।
  • यह मंदिर भारतीय संस्कृति का प्रतीक बनेगा।
  • लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति की उम्मीद है।

जोधपुर, १६ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के जोधपुर में बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) द्वारा अक्षरधाम मंदिर का निर्माण पूर्णता की ओर बढ़ रहा है। प्रतिष्ठा विधि २५ सितंबर को आयोजित की जाएगी।

बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था एक वैश्विक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संगठन है, जिसकी स्थापना वैदिक सिद्धांतों पर १९०७ में हुई थी। आज, महंत स्वामी महाराज के मार्गदर्शन में, यह संस्था मानव कल्याण, सेवा, संस्कार और आध्यात्मिकता का संदेश फैलाने का कार्य कर रही है। संस्था द्वारा विश्वभर में भव्य मंदिरों, संस्कार शिविरों, सेवा कार्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जो भारतीय सनातन संस्कृति के प्रसार का आधार बनते हैं।

जोधपुर की ऐतिहासिक भूमि पर काली बेरी क्षेत्र में, बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था द्वारा एक भव्य अक्षरधाम मंदिर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। यह दिव्य धाम लगभग ४० बीघा भूमि में फैला हुआ है। इसका सम्पूर्ण निर्माण जोधपुरी पत्थर से किया जा रहा है, जिसमें अद्भुत शिल्पकला और नक्काशी की गई है, जो प्राचीन सनातन संस्कृति की गरिमा को दर्शाती है। मंदिर की दीवारों, स्तंभों और गुम्बदों पर की गई कलाकृतियां अद्वितीय हैं और मरुधरा की सांस्कृतिक धरोहर को नया आयाम देंगी।

इस दिव्य परिसर का २५ सितंबर २०२५ को गुरुहरि महंत स्वामीजी महाराज के करकमलों से प्रतिष्ठा महोत्सव होगा। इस अवसर पर शाम की सभा में भव्य लोकार्पण समारोह का आयोजन होगा। यह भव्य मंदिर महोत्सव एक ७ दिवसीय कार्यक्रम के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें स्वयं महंत स्वामी महाराज की पावन उपस्थिति रहेगी। आयोजन के दौरान भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

यह भव्य अक्षरधाम न केवल जोधपुर के लिए, बल्कि पूरे मारवाड़ में प्राचीन सनातन संस्कृति का प्रतीक बनेगा। यह धाम आने वाली पीढ़ियों के लिए अध्यात्म, संस्कृति और सेवा का प्रेरणास्रोत बनकर मरुभूमि में एक नया जीवन संचार करेगा।

Point of View

बल्कि यह भारतीय संस्कृति के संरक्षण और प्रचार में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इस भव्य परियोजना का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर स्थापित करना है।
NationPress
31/08/2025

Frequently Asked Questions

अक्षरधाम मंदिर का निर्माण कब शुरू हुआ?
अक्षरधाम मंदिर का निर्माण १९०७ में बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था द्वारा शुरू हुआ था।
प्रतिष्ठा विधि कब होगी?
प्रतिष्ठा विधि २५ सितंबर २०२५ को आयोजित की जाएगी।
मंदिर का निर्माण किस सामग्री से हो रहा है?
मंदिर का सम्पूर्ण निर्माण जोधपुरी पत्थर से किया जा रहा है।
इस मंदिर में कितनी भूमि का उपयोग किया गया है?
यह दिव्य धाम लगभग ४० बीघा भूमि पर फैला हुआ है।
कितने श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है?
इस आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।