10 अक्टूबर 2026
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कर्नाटक: मस्जिद की छत पर शराब पीते पकड़ा गया कलबुर्गी का पुलिस कॉन्स्टेबल, वीडियो वायरल होने पर निलंबित

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कर्नाटक: मस्जिद की छत पर शराब पीते पकड़ा गया कलबुर्गी का पुलिस कॉन्स्टेबल, वीडियो वायरल होने पर निलंबित

सारांश

ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी का मस्जिद की छत पर शराब पीने का वीडियो वायरल — यह घटना सिर्फ अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि एक धार्मिक स्थल पर की गई कथित हरकत है। कर्नाटक में पिछले एक साल में पुलिसकर्मियों के निलंबन की बढ़ती घटनाएँ विभाग की आंतरिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाती हैं।

मुख्य बातें

कॉन्स्टेबल हनुमंथा , महागांव पुलिस स्टेशन, कलबुर्गी को 10 अक्टूबर 2026 को निलंबित किया गया।
वायरल वीडियो में कॉन्स्टेबल कथित तौर पर हरसुरू गांव की मस्जिद की छत पर ड्यूटी के दौरान शराब पीता दिख रहा था।
पुलिस अधीक्षक अड्डुरु श्रीनिवासुलु ने प्रारंभिक जांच के बाद निलंबन आदेश जारी किया।
कॉन्स्टेबल को हरसुरू गांव में हुए स्थानीय विवाद के बाद शांति व्यवस्था के लिए तैनात किया गया था।
कर्नाटक में दिसंबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनेक अनुशासनात्मक कार्रवाइयाँ हो चुकी हैं।

कर्नाटक के कलबुर्गी जिले के महागांव पुलिस स्टेशन में तैनात कॉन्स्टेबल हनुमंथा को शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को निलंबित कर दिया गया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह कमलापुरा तालुक के हरसुरू गांव में एक मस्जिद की छत पर कथित तौर पर शराब पीता दिखाई दे रहा था। कलबुर्गी के पुलिस अधीक्षक अड्डुरु श्रीनिवासुलु ने प्रारंभिक जांच के बाद निलंबन का आदेश जारी किया।

मामले का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, हरसुरू गांव में एक स्थानीय विवाद की सूचना मिलने के बाद, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर हनुमंथा सहित कई पुलिस कर्मियों को वहां तैनात किया गया था। ड्यूटी के दौरान ही ग्रामीणों ने उसका वीडियो बना लिया, जिसमें वह कथित तौर पर मस्जिद की छत पर शराब पीता दिख रहा था।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैला और व्यापक आक्रोश उत्पन्न हुआ। विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल शुरुआती जांच शुरू की, जिसमें शराब पीने की पुष्टि होने पर एसपी अड्डुरु श्रीनिवासुलु ने निलंबन का आदेश जारी किया।

धार्मिक संवेदनशीलता और पुलिस आचरण

यह घटना इसलिए और संवेदनशील बन गई, क्योंकि कथित घटना एक धार्मिक स्थल पर हुई, वह भी उस समय जब कॉन्स्टेबल सरकारी ड्यूटी पर था। आलोचकों का कहना है कि पुलिस कर्मियों द्वारा ड्यूटी के दौरान शराब सेवन न केवल विभागीय अनुशासन का उल्लंघन है, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द के लिहाज़ से भी अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना है।

गौरतलब है कि हरसुरू गांव में पहले से ही एक विवाद चल रहा था और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था — ऐसे में कथित तौर पर ड्यूटी पर शराब पीना मामले को और अधिक गंभीर बना देता है।

कर्नाटक पुलिस में निलंबन की बढ़ती घटनाएँ

यह कर्नाटक में हाल के महीनों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाइयों की एक लंबी श्रृंखला में नया मामला है। इससे पहले, कलबुर्गी के अलंद थाने के एक पुलिस इंस्पेक्टर और तीन कॉन्स्टेबलों को जब्त वाहन छोड़ने के लिए बिना एफआईआर दर्ज किए कथित तौर पर रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित किया गया था।

अगस्त 2026 में बेंगलुरु में पांच नए पुलिस कमिश्नरेट बनाने के प्रस्ताव से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में चार कर्मचारियों — एक सेकंड डिवीजन असिस्टेंट, एक फर्स्ट डिवीजन असिस्टेंट, एक सेक्शन सुपरिटेंडेंट और एक महिला हेड कॉन्स्टेबल — को निलंबित किया गया था।

दिसंबर 2025 में एक अंतर-राज्यीय ड्रग ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ मिलने पर बेंगलुरु के कोथानूर, अवलाहल्ली और बागलूर थानों के तीन पुलिस इंस्पेक्टरों को ड्यूटी में लापरवाही के लिए निलंबित किया गया था। इसी माह बेंगलुरु में चार अन्य पुलिसकर्मियों पर भी जनता की शिकायतों को नज़रअंदाज़ करने और सुरक्षा ड्यूटी से बिना अनुमति गायब रहने के आरोप में कार्रवाई की गई थी।

विभागीय जांच का दायरा

अधिकारियों के अनुसार, कॉन्स्टेबल हनुमंथा के खिलाफ विभागीय जांच जारी है। फिलहाल निलंबन के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। पुलिस विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यह मामला कर्नाटक पुलिस के लिए एक आंतरिक अनुशासन की चुनौती के रूप में सामने आया है, और आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर कॉन्स्टेबल के विरुद्ध आगे की कार्रवाई तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

सूचना लीक, नशा तस्करी में लापरवाही और अब ड्यूटी पर शराब सेवन — यह श्रृंखला बताती है कि निलंबन एकमात्र उपाय के तौर पर पर्याप्त नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या विभागीय जांच सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह जाती है या इसका परिणाम ठोस सजा और ढांचागत सुधार में होता है — क्योंकि बिना नतीजे के निलंबन एक चेतावनी नहीं, बल्कि एक रस्म बन जाती है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलबुर्गी में पुलिस कॉन्स्टेबल को क्यों निलंबित किया गया?
कॉन्स्टेबल हनुमंथा को निलंबित किया गया क्योंकि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह हरसुरू गांव की मस्जिद की छत पर ड्यूटी के दौरान कथित तौर पर शराब पीता दिख रहा था। प्रारंभिक जांच में आरोप की पुष्टि के बाद पुलिस अधीक्षक ने निलंबन आदेश जारी किया।
कॉन्स्टेबल हनुमंथा हरसुरू गांव में क्यों तैनात था?
पुलिस के अनुसार, हरसुरू गांव में एक स्थानीय विवाद होने के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर हनुमंथा और अन्य कर्मचारियों को वहां तैनात किया गया था। कथित घटना इसी ड्यूटी के दौरान हुई।
निलंबन का आदेश किसने दिया?
कलबुर्गी के पुलिस अधीक्षक अड्डुरु श्रीनिवासुलु ने शुरुआती जांच के बाद निलंबन का आदेश जारी किया। जांच में शराब पीने की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई।
क्या कर्नाटक पुलिस में इससे पहले भी ऐसी अनुशासनात्मक कार्रवाइयाँ हुई हैं?
हाँ, दिसंबर 2025 से अब तक कर्नाटक पुलिस में कई अनुशासनात्मक कार्रवाइयाँ हुई हैं — अलंद थाने में रिश्वत के आरोप, बेंगलुरु में सूचना लीक, ड्रग ऑपरेशन में लापरवाही और ड्यूटी से गायब रहने के मामलों में कुल मिलाकर एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी निलंबित हो चुके हैं।
कॉन्स्टेबल के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी?
फिलहाल कॉन्स्टेबल हनुमंथा के खिलाफ विभागीय जांच जारी है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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