पेरिंगाडी रेलवे फाटक पर आरओबी की मांग: सांसद डॉ. वी. शिवदासन ने रेल मंत्री वैष्णव को लिखा पत्र
सारांश
मुख्य बातें
माकपा के राज्यसभा सांसद डॉ. वी. शिवदासन ने 19 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर कन्नूर जिले के न्यू माहे के निकट पेरिंगाडी स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 223 पर तत्काल रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण को मंजूरी देने का अनुरोध किया है। सांसद के अनुसार, इस फाटक पर प्रतिदिन हज़ारों लोगों को लंबे जाम की गंभीर परेशानी झेलनी पड़ती है।
समस्या की पृष्ठभूमि
यह रेलवे फाटक न्यू माहे-चोकली राज्य लोक निर्माण विभाग (PWD) सड़क पर स्थित है, जो केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के माहे क्षेत्र को आपस में जोड़ने वाला एक महत्त्वपूर्ण मार्ग है। डॉ. शिवदासन ने अपने पत्र में रेखांकित किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-66 पर माहे-मुझप्पिलंगड बाईपास के चालू होने के बाद से इस मार्ग पर वाहनों का दबाव उल्लेखनीय रूप से बढ़ गया है, जिससे फाटक पर जाम की स्थिति और विकट हो गई है।
मुख्य समस्याएँ और प्रभावित वर्ग
सांसद ने बताया कि ट्रेनों के आवागमन के दौरान फाटक बार-बार बंद रहने से स्थानीय निवासी, यात्री और वाहन चालक — सभी लंबे समय तक प्रतीक्षा करने के लिए मजबूर होते हैं। इससे सामान्य यातायात तो बाधित होता ही है, साथ ही एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों की त्वरित आवाजाही में भी बड़ी रुकावट आती है — जो एक गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा चिंता है।
गौरतलब है कि क्षेत्र के निवासी लंबे अरसे से इस स्थान पर ओवरब्रिज की माँग करते आ रहे हैं। डॉ. शिवदासन के अनुसार यह माँग वर्षों पुरानी है, जो अब तक अनसुनी रही है।
सांसद की माँग और अनुरोध
डॉ. शिवदासन ने रेल मंत्री से आग्रह किया है कि पेरिंगाडी रेलवे फाटक पर आरओबी निर्माण के लिए आवश्यक तकनीकी अध्ययन और प्रशासनिक प्रक्रियाएँ प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र आरंभ की जाएँ। उनका कहना है कि इस परियोजना की मंजूरी से न केवल यातायात सुचारु होगा, बल्कि क्षेत्र की जनता को वर्षों से चली आ रही रोज़ाना की परेशानियों से स्थायी राहत मिलेगी।
आम जनता पर असर
यह फाटक केरल-माहे सीमावर्ती क्षेत्र का एक व्यस्त संपर्क बिंदु है। NH-66 बाईपास के कारण इस मार्ग पर बढ़े यातायात को देखते हुए बिना ओवरब्रिज के स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। आपातकालीन सेवाओं में विलंब की संभावना विशेष रूप से गंभीर है, क्योंकि यह क्षेत्र दो भिन्न प्रशासनिक इकाइयों — केरल राज्य और माहे (पुडुचेरी) — के बीच स्थित है।
आगे की राह
अब यह देखना होगा कि रेल मंत्रालय इस पत्र पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और तकनीकी सर्वेक्षण के लिए कोई समय-सीमा तय करता है। यदि आरओबी को मंजूरी मिलती है, तो यह केरल-पुडुचेरी सीमावर्ती क्षेत्र के लिए एक लंबे समय से प्रतीक्षित अवसंरचनात्मक सुधार होगा।