क्या धर्मेंद्र प्रधान ने नितिन गडकरी को पत्र लिखकर ओडिशा के रायराखोल में बाईपास बनाने की मांग की?
सारांश
Key Takeaways
- ओडिशा के रायराखोल में बाईपास की मांग बढ़ रही है।
- केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नितिन गडकरी को पत्र लिखा।
- स्थानीय संगठनों का समर्थन इस मांग को मजबूत करता है।
- बाईपास बनने से यातायात की समस्या हल होगी।
- यह कदम शहर के विकास में सहायक होगा।
नई दिल्ली, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को एक पत्र भेजकर ओडिशा के रायराखोल में एक बाईपास बनाने की मांग की है।
पत्र में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं आपका ध्यान ओडिशा के निवासियों द्वारा किए गए एक रिप्रेजेंटेशन की ओर आकर्षित करना चाहता हूं, जिसे बार एसोसिएशन, ट्रक ओनर्स एसोसिएशन, सीनियर सिटीजन फोरम और स्थानीय पत्रकारों का समर्थन प्राप्त है। यह रिप्रेजेंटेशन रायराखोल शहर की सीमा के बाहर बिना किसी परेशानी के आवागमन के लिए एक बाईपास बनाने के संबंध में है।
उन्होंने बताया कि एनएच-55 इस क्षेत्र का सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग है, और रायराखोल शहर चारों ओर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के साथ तेजी से विकसित हो रहा है। कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान जैसे सब-डिविजनल ऑफिस और सब-डिविजनल हॉस्पिटल, साथ ही भीमा भोई डिग्री कॉलेज जैसे शैक्षणिक संस्थान रायराखोल के विकास में योगदान दे रहे हैं।
इन संस्थानों के कारण, कार्यालय के समय में लोगों की काफी आवाजाही होती है। साथ ही, शहर की संकरी सड़कों पर भारी वाहनों का आवागमन अक्सर भीषण जाम का कारण बनता है, क्योंकि ये सड़कें हाईवे-लेवल के ट्रैफिक को संभालने के लिए डिज़ाइन नहीं की गई हैं। भारी ट्रैफिक के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है और छात्रों, मरीजों और वरिष्ठ नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से अपील की है कि इस मामले को व्यक्तिगत दृष्टिकोण से देखें और जनहित में रायराखोल शहर के चारों ओर एक बाईपास बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दें।
रायराखोल शहर के बाईपास की मांग तेजी से बढ़ रही है। काफी समय से लोग जाम जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। अब केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर बाईपास बनाने के लिए अनुरोध किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया है कि वह इस मामले को व्यक्तिगत स्तर पर देखें और अधिकारियों को बाईपास के संबंध में निर्देश दें।