अंबुमणि रामदास ने तमिलनाडु सरकार की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, बोले-सत्याग्रह होगा सफल
सारांश
Key Takeaways
- अंबुमणि रामदास ने तमिलनाडु में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई।
- राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन एआईएडीएमके के आह्वान पर हो रहा है।
- महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में वृद्धि पर भी उन्होंने ध्यान केंद्रित किया।
- जनता में सरकार के प्रति रोष बढ़ रहा है।
- विरोध प्रदर्शन को व्यापक समर्थन मिल रहा है।
चेन्नई, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पीएमके के नेता अंबुमणि रामदास ने तमिलनाडु में हो रहे राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन से संबंधित जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन एआईएडीएमके के आह्वान पर आयोजित किया जा रहा है और इसमें बड़ी संख्या में लोग भाग ले रहे हैं। हमें पूरा यकीन है कि हमारा यह विरोध सार्थक सिद्ध होगा।
मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि तमिलनाडु में इस प्रदर्शन का मुख्य कारण यह है कि राज्य में कई समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं, लेकिन सरकार इन्हें नजरअंदाज कर रही है। इसलिए, इन मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने के लिए यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया है।
अंबुमणि रामदास ने कहा कि वर्तमान में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर हो चुकी है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
उन्होंने आगे कहा कि हमें यह देखकर प्रसन्नता हो रही है कि यह प्रदर्शन व्यापक समर्थन प्राप्त कर रहा है। हर वर्ग के लोग इसमें शामिल हो रहे हैं। हमें विश्वास है कि यह विरोध प्रदर्शन हमारे लिए सार्थक साबित होगा। सभी पार्टी के नेता मिलकर इसे सफल बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं।
पीएमके नेता ने यह भी कहा कि जब से मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने पदभार संभाला है, तब से प्रदेश की स्थिति बिगड़ती जा रही है। तमिलनाडु अब कानून व्यवस्था में शीर्ष स्थान पर पहुंच चुका है, जो सभी निवासियों के लिए चिंता का विषय है। पिछले पांच वर्षों में तमिलनाडु में सबसे अधिक हत्या के मामले सामने आए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान डीएमके सरकार के खिलाफ आम जनता में रोष बढ़ गया है। ऐसे में लोगों ने तय कर लिया है कि किसी भी स्थिति में डीएमके को सत्ता से हटाना है। यदि यह सरकार लंबे समय तक बनी रही, तो आम जनता का जीवन और भी कठिन हो जाएगा।
अंत में, उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में तमिलनाडु में नशीले पदार्थों के सेवन के मामलों में भी वृद्धि हुई है। यदि इस पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। वर्तमान में, जनता में इस सरकार के प्रति रोष बढ़ रहा है और लोग इसे सबक सिखाने के लिए तैयार हैं।