क्या कंवर ढिल्लों सफलता और असफलता को समान मानते हैं?

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क्या कंवर ढिल्लों सफलता और असफलता को समान मानते हैं?

सारांश

अभिनेता कंवर ढिल्लों ने अपने करियर के अद्वितीय अनुभव को साझा किया है। 'उड़ने की आशा' में उनके किरदार ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया, जिससे उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। आइए जानते हैं उनके विचार सफलता और असफलता पर।

मुख्य बातें

सफलता और असफलता को समान रूप से लेना महत्वपूर्ण है।
कंवर ने अपने किरदार से बहुत कुछ सीखा है।
प्रसिद्धि मुख्य लक्ष्य नहीं होनी चाहिए।
मेहनत और प्रतिभा का कोई विकल्प नहीं है।
निर्माता राहुल तेवरी का निर्देशन प्रशंसा के योग्य है।

मुंबई, 22 जून (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता कंवर ढिल्लों ने स्टार प्लस के प्रसिद्ध टीवी शो ‘उड़ने की आशा’ में अपने निभाए गए किरदार को अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ अनुभव बताया है। उन्होंने कहा कि इस शो ने उन्हें एक कलाकार के रूप में बहुत कुछ नया सीखने का अवसर प्रदान किया और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

अभिनेता ने प्रसिद्धि और सफलता-असफलता पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि वह सफलता और असफलता को समान रूप से देखते हैं।

टीवी शो में कंवर ने अपने किरदार सचिन देशमुख के बारे में कहा, “शो के लॉन्च के समय मैंने कहा था कि यह मेरे करियर का सबसे बेहतरीन शो होगा और आज भी मैं इस बात पर कायम हूं। भारतीय टेलीविजन पर ऐसे किरदार मिलना दुर्लभ है। सचिन के साथ मुझे कॉमेडी, एक्शन और भावनात्मक दृश्यों को जीने का अवसर मिला। यह किरदार मेरे लिए बहुत खास है और हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगा।”

उन्होंने कहा, “मैं ऐसा ही शो करना चाहता था, अन्यथा मैं इंतजार करता। मुझे लगता है कि इस शो ने मुझे चुना, जैसे मैंने इसे चुना। मैं स्टार प्लस के साथ इस विशेष प्रोजेक्ट का हिस्सा बनकर बहुत आभारी हूं।”

‘पंड्या स्टोर’ फेम कंवर का मानना है कि प्रसिद्धि कभी भी मुख्य लक्ष्य नहीं होनी चाहिए। उनके लिए यह मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, “सफलता को सिर पर चढ़ाना आसान है। मैंने कई अभिनेताओं को रातोंरात प्रसिद्धि पाते और फिर गायब होते देखा है। मेरे लिए अपनी कला पर ध्यान देना और जमीन से जुड़े रहना सबसे महत्वपूर्ण है। मेहनत और प्रतिभा का कोई विकल्प नहीं। मैं सफलता और असफलता को समान रूप से लेता हूं। लोग कहते हैं कि मैं नहीं बदला और यह मेरे लिए सबसे बड़ी तारीफ है।”

निर्माता राहुल तेवरी के निर्देशन की प्रशंसा करते हुए कंवर ने कहा, “राहुल सर ने शो के कई महत्वपूर्ण दृश्यों का निर्देशन किया है। उनकी स्पष्टता काम को आसान और प्रभावी बनाती है।”

कंवर ढिल्लों वर्तमान में ‘उड़ने की आशा’ में नेहा हरसोरा के साथ मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में कलाकारों की वास्तविकता को भी उजागर करता है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कंवर ढिल्लों का सबसे प्रिय किरदार कौन सा है?
उनका प्रिय किरदार सचिन देशमुख है, जो उन्होंने 'उड़ने की आशा' में निभाया है।
कंवर की सफलता का मंत्र क्या है?
कंवर के अनुसार, मेहनत और समर्पण ही सफलता का मूल मंत्र है।
राष्ट्र प्रेस
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